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हैवानियत पर सभी में आक्रोश, कठोर सजा की मांग
Updated Fri, 21 Jul 2017 12:43 AM IST
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महराजगंज। कोल्हुई क्षेत्र की जंगल में घूमने गए प्रेमी युगल के साथ हुई रूह कंपा देने वाली हैवानियत से समाजसुधार की आड़ में दादागीरी करने वालों के चेहरों को बेनकाब किया है। इस घटना को लेकर लोगों में गुस्सा है। खास कर महिलाओं और युवतियों के आक्रोश का तो महज इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वे एक स्वर में हैवानों के लिए फांसी की सजा तक की मांग कर रही है। उनका कहना है कि ठीक है हमारा समाज हमे इस बात की इजाजत नहीं देता कि हम इस तरह खुलेआम घूमे लेकिन इसका मतलब यह तो नहीं की इसकी सजा किसी को ऐसे दी जाय। इस घटना क्रम ने इंसानियत का गला एकदम से घोंट कर रख दिया है। ऐसे मुल्जिमों को कठोर से कठोर सजा देकर नजीर बनाना चाहिये। ताकि समाज सुधार का चोला ओढे कुछ गुण्डे बदमाश दोबारा ऐसी कृत्य करने से पहले हजार बार सोचें। पूरे मामले को लेकर संवाददाता ने महिलाओं से बात की तो उनका गुस्सा फूट पड़ा और महिलाओं और युवतियों ने बेबाकी से अपनी बात रखी और दोषियों के लिए कठोर सजा की मांग की।
पीजी कालेज में छात्र संघ पूर्व पदाधिकारी रेनू गुप्ता कहती हैं कि एक दलित युवती के साथ दरिंदों ने जिस तरह से हैवानियत की है उसके लिये उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए। किसी को जंगल में अकेला पाने का क्या मतलब है कि उसे पीट पीट कर मौत के घाट उतार दिया जाए। इस प्रकरण में पुलिस भी आरोपियों से कम जिम्मेदार नहीं है। वायरल वीडियो मिलने के बाद पुलिस ने भी इंसानियत का धर्म नहीं निभाया है। चंद रुपयों के लिये पुलिस ने दलित के लिये पुलिसकर्मियों ने अपने जमीर को बेचा है उन्हें भी इसकी सजा मिलनी चाहिए।
दीवानी कोर्ट की अधिवक्ता गंगा प्रजापति कहती हैं कि यह गंभीर प्रकृति का अपराध है। इधर एक दो साल में ऐसे अपराध बढ़े हैं। रामपुर की घटना रही हो या फिर महराजगंज की। इन घटनाओं में अपराधियों की प्रवृत्ति झलकी है। किसी के साथ बेरहमी करना और उसका वीडियो बनाकर उसे वायरल करने के पीछे अपराधियों की मंशा चाहे जो हो लेकिन यह एक गंभीर अपराध है। ऐसे अपराधों पर कठोर सजा की मांग करती हूँ।
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विद्यालय संचालिका शुभ्रा जायसवाल कहती हैं कि युवती के साथ जिस तरह से युवकों ने अमानवीय कृत्य किया है, वह शर्मसार करने वाला है। कोई इतना निर्दयी कैसे हो सकता है। प्रेमी युगल के साथ युवकों ने जिस तरह की हैवानियत की है, उसके लिए उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। ऐसी क्रूरता भरे अपराध के लिए फांसी की सजा भी कम लगती है।
दीवानी न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता नवनीतधर दूबे कहते हैं कि जंगल में प्रेमी युगल को अकेला पाकर युवकों ने जिस तरह का अमानवीय कृत्य किया वह मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना है। किशोरी और उसके मित्र के साथ युवकों ने जिस तरह की हैवानियत की है, उसके लिए उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हमें विश्वास है कि न्यायालय सभी पक्षों को सुनने समझने के बाद ऐसा न्याय करेगा ताकि ऐसी दरिंदगी की पुनरावृत्ति न हो।
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पीजी कालेज में छात्र संघ पूर्व पदाधिकारी रेनू गुप्ता कहती हैं कि एक दलित युवती के साथ दरिंदों ने जिस तरह से हैवानियत की है उसके लिये उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए। किसी को जंगल में अकेला पाने का क्या मतलब है कि उसे पीट पीट कर मौत के घाट उतार दिया जाए। इस प्रकरण में पुलिस भी आरोपियों से कम जिम्मेदार नहीं है। वायरल वीडियो मिलने के बाद पुलिस ने भी इंसानियत का धर्म नहीं निभाया है। चंद रुपयों के लिये पुलिस ने दलित के लिये पुलिसकर्मियों ने अपने जमीर को बेचा है उन्हें भी इसकी सजा मिलनी चाहिए।
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दीवानी कोर्ट की अधिवक्ता गंगा प्रजापति कहती हैं कि यह गंभीर प्रकृति का अपराध है। इधर एक दो साल में ऐसे अपराध बढ़े हैं। रामपुर की घटना रही हो या फिर महराजगंज की। इन घटनाओं में अपराधियों की प्रवृत्ति झलकी है। किसी के साथ बेरहमी करना और उसका वीडियो बनाकर उसे वायरल करने के पीछे अपराधियों की मंशा चाहे जो हो लेकिन यह एक गंभीर अपराध है। ऐसे अपराधों पर कठोर सजा की मांग करती हूँ।
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विद्यालय संचालिका शुभ्रा जायसवाल कहती हैं कि युवती के साथ जिस तरह से युवकों ने अमानवीय कृत्य किया है, वह शर्मसार करने वाला है। कोई इतना निर्दयी कैसे हो सकता है। प्रेमी युगल के साथ युवकों ने जिस तरह की हैवानियत की है, उसके लिए उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। ऐसी क्रूरता भरे अपराध के लिए फांसी की सजा भी कम लगती है।
दीवानी न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता नवनीतधर दूबे कहते हैं कि जंगल में प्रेमी युगल को अकेला पाकर युवकों ने जिस तरह का अमानवीय कृत्य किया वह मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना है। किशोरी और उसके मित्र के साथ युवकों ने जिस तरह की हैवानियत की है, उसके लिए उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हमें विश्वास है कि न्यायालय सभी पक्षों को सुनने समझने के बाद ऐसा न्याय करेगा ताकि ऐसी दरिंदगी की पुनरावृत्ति न हो।