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Maharajganj News: असमय बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान, सुधार की मांग
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अड्डा बाजार। क्षेत्रीय उपभोक्ता असमय में बिजली कटौती परेशान हो गए हैं। इसको लेकर त्रस्त क्षेत्र के उपभोक्ताओं में विभागीय जिम्मेदारों के प्रति नाराजगी बढ़ने लगी है।
बनवाटारी के नियाज खान, मुस्ताक खान, चड़लहा के विशाल, प्रदीप सिंह, परसौनी कला के संतोष पाण्डेय विकास पाण्डेय, गजरहा के हरिवंश त्रिपाठी किशुन देव शर्मा इत्यादि ने बताया कि शाम होते ही बिजली कट जाती है 2 घंटे बाद एक घंटे के लिए बिजली मिलती है। उसके बाद फिर कट जाती है। इसके बाद आधी रात से दो-तीन घंटे के लिए बिजली मिलती है। कुल मिलाकर रात में 4 घंटे सप्लाई मिलती है। ऐसे में भोजन पकाने-खाने और बच्चों की पढ़ाई लिखाई बुरी तरह प्रभावित हो गई है। उमस के नाते नींद भी नहीं आती। वहीं हाइडिल कर्मचारी रात को ग्रुप में फीडर के नॉर्मल होने की सूचना डालकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाते हैं।
पूछने पर अवर अभियंता शशिकांत वर्मा ने बताया कि बिजली कटौती के पीछे विभिन्न कारण हैं। कई बिजली उत्पादन संयंत्र बंद हो गए हैं। प्रदेश सरकार बिजली खरीदने का प्रयास कर रही है, जो मिल नहीं पा रही है। दिन में सौर ऊर्जा संयंत्र से बिजली मिलने पर आपूर्ति ठीक-ठाक रहती है लेकिन रात के वक्त प्लांट का ही भरोसा रहता है जो बंद पड़े हैं। चूंकि बिजली उत्पादन कम हो गया है इसलिए खपत के सापेक्ष बिजली बहुत कम मिल पा रही है। रात के समय ग्रामीण क्षेत्र की कौन कहे नगरीय क्षेत्र में भी बिजली की समस्या बढ़ी है।
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बनवाटारी के नियाज खान, मुस्ताक खान, चड़लहा के विशाल, प्रदीप सिंह, परसौनी कला के संतोष पाण्डेय विकास पाण्डेय, गजरहा के हरिवंश त्रिपाठी किशुन देव शर्मा इत्यादि ने बताया कि शाम होते ही बिजली कट जाती है 2 घंटे बाद एक घंटे के लिए बिजली मिलती है। उसके बाद फिर कट जाती है। इसके बाद आधी रात से दो-तीन घंटे के लिए बिजली मिलती है। कुल मिलाकर रात में 4 घंटे सप्लाई मिलती है। ऐसे में भोजन पकाने-खाने और बच्चों की पढ़ाई लिखाई बुरी तरह प्रभावित हो गई है। उमस के नाते नींद भी नहीं आती। वहीं हाइडिल कर्मचारी रात को ग्रुप में फीडर के नॉर्मल होने की सूचना डालकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाते हैं।
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पूछने पर अवर अभियंता शशिकांत वर्मा ने बताया कि बिजली कटौती के पीछे विभिन्न कारण हैं। कई बिजली उत्पादन संयंत्र बंद हो गए हैं। प्रदेश सरकार बिजली खरीदने का प्रयास कर रही है, जो मिल नहीं पा रही है। दिन में सौर ऊर्जा संयंत्र से बिजली मिलने पर आपूर्ति ठीक-ठाक रहती है लेकिन रात के वक्त प्लांट का ही भरोसा रहता है जो बंद पड़े हैं। चूंकि बिजली उत्पादन कम हो गया है इसलिए खपत के सापेक्ष बिजली बहुत कम मिल पा रही है। रात के समय ग्रामीण क्षेत्र की कौन कहे नगरीय क्षेत्र में भी बिजली की समस्या बढ़ी है।
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