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Maharajganj News: नौकरी दिलाने का झांसा देकर 5.85 लाख की ठगी, केस दर्ज

Tue, 07 Jan 2025 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Tue, 07 Jan 2025 12:48 AM IST
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Cheating of Rs 5.85 lakh on the pretext of getting a job, case registered
महराजगंज। भिटौली थाना क्षेत्र के भैंसी निवासी एक युवक से जालसाजों ने सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर 5.85 लाख की ठगी कर ली। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर भैसा गांव के विनोद तिवारी और देवरिया के सर्वेश शर्मा के विरुद्ध संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया।
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साथ ही मामले की जांच में जुट गई है। पीड़ित रवि कुमार शर्मा ने पुलिस को दिए तहरीर में बताया कि वह बीए, एमए करके प्राइवेट नौकरी करता है। साथ ही सरकारी नौकरी के लिए भी तैयारी करता है। इसी बीच उसके गांव से सटे भैसा गांव के विनोद तिवारी से उसका संपर्क हुआ।
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विनोद ने उसे सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। आरोप है कि उसने नौकरी के बदले कोई रकम न लेने का वादा किया। अगले दिन उनसे बीएसए ऑफिस महराजगंज में कप्यूटर ऑपरेटर के लिए दस्तावेज मांगा गया। उसने सभी शैक्षणिक दस्तावेज दे दी, लेकिन नाैकरी नहीं लगवाया। पूछने पर देर होने का हवाला देकर टाल दिया गया। कुछ समय बाद फिर श्यामदेउरवा स्थित एक मानव सेवा संस्थान पर उन्हें ले जाया गया। जहां पर भारतीय खाद्य निगम गोदाम पडरौना पर सुपरवाइजर पद पर तैनाती के लिए कहा गया।
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वह भी देर होने का हवाला देकर टाल दिया गया। इसके बाद एम्स गोरखपुर में कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए आश्वासन देकर 31125 रुपये की रसीद दिखाई गई। इतना ही नहीं सर्वेश शर्मा निवासी गढ़रामपुर थाना तरकुलवा, जनपद- देवरिया से संपर्क कराया।
बताया कि सर्वेश शर्मा ही नियुक्ति अधिकारी हैं। यही आपकी नियुक्ति करेंगे। ऐसे में कागजात तैयार करने के लिए पांच हजार रुपये ले लिए। कुछ दिन बाद फिर विनोद ने उनसे 10000 रुपये लेकर भरोसा दिया कि नौकरी जल्द लग जाएगी, लेकिन सीट कम है। दूसरे अभ्यर्थी पैसा देकर नियुक्ति करा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने छह लाख रुपये की मांग की। उन्होंने किसी तरह से 4.70 लाख रुपये का इंतजाम कर विनोद और सर्वेश शर्मा को दे दिए।
उन्होंने शेष पैसा काम होने के बाद देने की बात कही। जालसाजों के झांसे में आकर कई किस्तों में 5.85 लाख रुपये दे दिए। फिर भी उन्हें कोई नियुक्ति पत्र नहीं मिला।
कुछ दिन बाद उन्हें दूसरे विभाग एशियन स्काउट एंड गाइड में अध्यापक पद पर नियुक्त कराने को कहा गया। ऐसे में उन्हें अपने साथ अनहोनी की आशंका होने लगी। इसी बीच जालसाजों ने उन्हें अध्यापक पद की ट्रेनिंग के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र व्हाट्सएप के माध्यम से भेज नागपुर ट्रेनिंग के लिए भेज दिया गया।
जहां पर उनसे 15 दिन तक ट्रेनिंग भी कराया गया। ट्रेनिंग करके घर लौटा और विद्यालय एलाटमेंट का इंतजार कर रहा था। इसी बीच सर्वेश ने उन्हें जानकारी दी कि विनोद तिवारी ने पूरी रकम हड़प ली है, जिसके वजह से मुझे विद्यालय नहीं मिल रहा है।

ऐसे में उन्होंने दोबारा रकम की डिमांड करते हुए विद्यालय दिलाने का वादा किया। फिर दोनों जालसाजों ने उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र देकर फंसा दिया। भिटौली थाना प्रभारी मदन मोहन मिश्रा ने दोनों आरोपियों पर केस दर्ज करने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
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