{"_id":"6509fa42a022f43ea703c234","slug":"brought-a-sharp-weapon-from-home-stabbed-the-innocent-child-15-times-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-6147-2023-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: घर से लाया तेजधार हथियार, मासूम के गले पर किए 15 वार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: घर से लाया तेजधार हथियार, मासूम के गले पर किए 15 वार
विज्ञापन
घर से लाया तेजधार हथियार, मासूम के गले पर किए 15 वार
फोटो
-आरोपी युवक की क्रूरता देख सहमे लोग, पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया कोई
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। थाना क्षेत्र के मुसहर गांव लेदी में मंगलवार को दीपक घर से तेजधार हथियार (बकुआ) लेकर आया और मासूम रिमझिम के गले पर करीब 15 बार वार किया। थोड़ी दूरी पर बैठा गांव का एक व्यक्ति यह सब देख रहा था, लेकिन युवक को देखकर उसकी हिम्मत करीब जाने की नहीं हुई। दीपक के प्रति गांव के लोगों में आक्रोश है। महज सीट पर हाथ रखने से दीपक इतना आक्रोशित हो गया है, उसने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं।
मृत मासूम रिमझिम की मां संगीता ने बिलखते हुए बताया कि उनके घर की आर्थिक स्थित ठीक नहीं है। पति गणेश रोजी-रोटी के सिलसिले में करीब छह माह से पूना में हैं। सास फेकनी देवी मजदूरी करने के लिए दूसरे के खेत गई थीं। उनकी दो बेटी रिमझिम उर्फ सुष्मिता (5) और रिया (4) है। घटना के कुछ देर पहले वह दोनों बेटियों के साथ घर के अंदर मोबाइल देख रही थीं। इसी बीच बड़ी बेटी रिमझिम को प्यास लग गई। उसके बाद बेटी रिमझिम पानी पीने के लिए दरवाजे के बाहर हैंडपंप पर गई। पानी पीने के बाद बेटी घर के अंदर न जाकर दरवाजे पर पेड़ के नीचे खेल रही बच्ची शिवानी, छाया और कान्हा के पास पहुंच गई।
उन्होंने बताया कि छोटी बेटी रिया को सुलाने लगी। इसी बीच अचानक खेल रहे बच्चे चिल्लाने लगे। घर से बाहर निकली तो देखा कि बेटी रिमझिम खून से लथपथ जमीन पर पड़ी है, जबकि पड़ोस का रहने वाला दीपक खून से सना बकुआ लहराते हुए अपने घर जा रहा था। यह देखकर अचेत होकर वह गिर पड़ी।
विज्ञापन
गांव निवासी दिनेश ने बताया कि वह घटना के दौरान करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित एक दुकान पर बैठा था। दीपक घर की ओर से धारदार हथियार (बकुआ) लेकर गणेश के दरवाजे पर खेल रही मासूम बच्चों के बीच पहुंचा। कुछ समझ पाने की कोशिश करता कि दीपक ने रिमझिम को दबोच कर जमीन पर लिटा दिया। इसके बाद रिमझिम के गले पर ताबड़तोड़ करीब 15 बार वार कर मार डाला। उसके हाथ में धारदार हथियार देखकर उसके पास जाने की हिम्मत नहीं हुई।
थाना प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि गांव में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस तैनात कर दी गई। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
आरोपी ने पुलिस वाहन से कूदकर भागने की कोशिश की
पुलिस के मुताबिक घटना के बाद आरोपी दीपक को उसके घर से खून से सना धारदार हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी युवक को पुलिस वाहन से थाने ले जाया जा रहा था। अभी पुलिस वाहन निचलौल रेंज का जंगल पार करने वाली थी। इसी बीच आरोपी युवक पुलिस से हाथ छुड़ाकर चलते वाहन से कूद गया। इस दौरान आरोपी के पैर में चोट लग गई। उसे पुलिस कर्मियों ने सीएचसी निचलौल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
आरोपी के चाचा ने भी की थी हत्या
ग्रामीण सुभास, कमलेश, संतोष ने बताया कि आरोपी युवक का परिवार काफी मनबढ़ है। करीब 20 वर्ष पहले आरोपी दीपक के चाचा दुर्गेश ने मामूली बात को लेकर गिरहीया गांव निवासी जवाहिर की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। जेल से छूटने के तीन वर्ष बाद आरोपी युवक दीपक के चाचा दुर्गेश ने आत्महत्या कर ली थी।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
फॉरेंसिक टीम ने की घटनास्थल की जांच
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस घटनास्थल को जांच करने के लिए सुरक्षित घेर दिया। घटनास्थल पर काफी खून बहा था। मृत मासूम के अलावा साथ खेल रहे बच्चों की चप्पल भी दिखी। वहीं सूचना के लिए मौके पर पहुंची तीन सदस्यीय फॉरेंसिक टीम ने पहले उक्त जगह की जांच की। जांच के लिए खून से सनी मिट्टी सहित साक्ष्य टीम अपने साथ ले गई।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
नशा भी करता है दीपक
गांव निवासी युवक टीपू, सत्येंद्र, कल्लू आदि से चर्चा करने पर पता चला कि आरोपी दीपक के घर की आर्थिक स्थित ठीक है। पिता कालीचरण एक निजी कंपनी में काम करते हैं। दीपक छोटे भाई दीपू से बड़ा है। वह कक्षा सातवीं तक पढ़ा है। पढ़ाई छोड़ने के बाद बाइक से इधर-उधर घूमता है। छोटा भाई दीपू एक स्कूल में कक्षा आठवीं में पढ़ रहा है। आरोपी दीपक हर वक्त नशा करता रहता है। वह गांव के किसी भी व्यक्ति से जल्दी बोलता नहीं था। कहीं भी कुछ देर खड़े होने के बाद बगैर कुछ बोले खुद चला भी जाता था।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
उंगली टेढ़ी करके चिढ़ाया तो गुस्सा आ गया, मारा डाला
आरोपी दीपक ने बताया कि सीट से हाथ हटाने के लिए बोला था, लेकिन उसने अनसुना कर दिया। उंगली टेढ़ी करके चिढ़ाया तो गुस्सा आ गया, इसके बाद सब कुछ कैसे हो गया, समझ में नहीं आया। मैं तो घूमने जा रहा था। बच्चे खेल रहे थे। मन किया तो अचानक रुक गया। साइकिल खड़ी कर थोड़ी पर था। इतने में बालिका आई और सीट पर हाथ रख दिया। पल भर में मुझे क्या हो गया, खुद समझ नहीं पाया।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
हमेशा नशे में रहने वालों की सोचने समझने की क्षमता कम हो जाती है। छोटी-छोटी बातों पर आक्रोशित हो जाना उनकी आदत होती है। आवेश में आकर ऐसा कदम उठा देते हैं, कि जिंदगी भर के लिए नासूर बन जाता है।
-गोपाल सिंह, मनोविज्ञानी
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
समाज में युवाओं के कार्य व्यवहार में मोबाइल का ज्यादा असर दिख रहा है। इंटरनेट की दुनिया में खोए रहने वाले युवाओं के दिमाग में उनके हिसाब से तस्वीर घूमती रहती है। यही कारण है कि वे अपने आसपास अपने दिमाग से इतर घटनाओं या बातों को सुनते हैं, तो त्वरित प्रतिक्रिया देते हैं। ऐसी घटनाएं इस वजह से ही होती हैं।
-डाॅ. प्रवीण कुमार मिश्र, समाजशास्त्री
विज्ञापन
-आरोपी युवक की क्रूरता देख सहमे लोग, पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया कोई
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। थाना क्षेत्र के मुसहर गांव लेदी में मंगलवार को दीपक घर से तेजधार हथियार (बकुआ) लेकर आया और मासूम रिमझिम के गले पर करीब 15 बार वार किया। थोड़ी दूरी पर बैठा गांव का एक व्यक्ति यह सब देख रहा था, लेकिन युवक को देखकर उसकी हिम्मत करीब जाने की नहीं हुई। दीपक के प्रति गांव के लोगों में आक्रोश है। महज सीट पर हाथ रखने से दीपक इतना आक्रोशित हो गया है, उसने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं।
मृत मासूम रिमझिम की मां संगीता ने बिलखते हुए बताया कि उनके घर की आर्थिक स्थित ठीक नहीं है। पति गणेश रोजी-रोटी के सिलसिले में करीब छह माह से पूना में हैं। सास फेकनी देवी मजदूरी करने के लिए दूसरे के खेत गई थीं। उनकी दो बेटी रिमझिम उर्फ सुष्मिता (5) और रिया (4) है। घटना के कुछ देर पहले वह दोनों बेटियों के साथ घर के अंदर मोबाइल देख रही थीं। इसी बीच बड़ी बेटी रिमझिम को प्यास लग गई। उसके बाद बेटी रिमझिम पानी पीने के लिए दरवाजे के बाहर हैंडपंप पर गई। पानी पीने के बाद बेटी घर के अंदर न जाकर दरवाजे पर पेड़ के नीचे खेल रही बच्ची शिवानी, छाया और कान्हा के पास पहुंच गई।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि छोटी बेटी रिया को सुलाने लगी। इसी बीच अचानक खेल रहे बच्चे चिल्लाने लगे। घर से बाहर निकली तो देखा कि बेटी रिमझिम खून से लथपथ जमीन पर पड़ी है, जबकि पड़ोस का रहने वाला दीपक खून से सना बकुआ लहराते हुए अपने घर जा रहा था। यह देखकर अचेत होकर वह गिर पड़ी।
विज्ञापन
गांव निवासी दिनेश ने बताया कि वह घटना के दौरान करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित एक दुकान पर बैठा था। दीपक घर की ओर से धारदार हथियार (बकुआ) लेकर गणेश के दरवाजे पर खेल रही मासूम बच्चों के बीच पहुंचा। कुछ समझ पाने की कोशिश करता कि दीपक ने रिमझिम को दबोच कर जमीन पर लिटा दिया। इसके बाद रिमझिम के गले पर ताबड़तोड़ करीब 15 बार वार कर मार डाला। उसके हाथ में धारदार हथियार देखकर उसके पास जाने की हिम्मत नहीं हुई।
थाना प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि गांव में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस तैनात कर दी गई। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
आरोपी ने पुलिस वाहन से कूदकर भागने की कोशिश की
पुलिस के मुताबिक घटना के बाद आरोपी दीपक को उसके घर से खून से सना धारदार हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी युवक को पुलिस वाहन से थाने ले जाया जा रहा था। अभी पुलिस वाहन निचलौल रेंज का जंगल पार करने वाली थी। इसी बीच आरोपी युवक पुलिस से हाथ छुड़ाकर चलते वाहन से कूद गया। इस दौरान आरोपी के पैर में चोट लग गई। उसे पुलिस कर्मियों ने सीएचसी निचलौल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
आरोपी के चाचा ने भी की थी हत्या
ग्रामीण सुभास, कमलेश, संतोष ने बताया कि आरोपी युवक का परिवार काफी मनबढ़ है। करीब 20 वर्ष पहले आरोपी दीपक के चाचा दुर्गेश ने मामूली बात को लेकर गिरहीया गांव निवासी जवाहिर की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। जेल से छूटने के तीन वर्ष बाद आरोपी युवक दीपक के चाचा दुर्गेश ने आत्महत्या कर ली थी।
फॉरेंसिक टीम ने की घटनास्थल की जांच
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस घटनास्थल को जांच करने के लिए सुरक्षित घेर दिया। घटनास्थल पर काफी खून बहा था। मृत मासूम के अलावा साथ खेल रहे बच्चों की चप्पल भी दिखी। वहीं सूचना के लिए मौके पर पहुंची तीन सदस्यीय फॉरेंसिक टीम ने पहले उक्त जगह की जांच की। जांच के लिए खून से सनी मिट्टी सहित साक्ष्य टीम अपने साथ ले गई।
नशा भी करता है दीपक
गांव निवासी युवक टीपू, सत्येंद्र, कल्लू आदि से चर्चा करने पर पता चला कि आरोपी दीपक के घर की आर्थिक स्थित ठीक है। पिता कालीचरण एक निजी कंपनी में काम करते हैं। दीपक छोटे भाई दीपू से बड़ा है। वह कक्षा सातवीं तक पढ़ा है। पढ़ाई छोड़ने के बाद बाइक से इधर-उधर घूमता है। छोटा भाई दीपू एक स्कूल में कक्षा आठवीं में पढ़ रहा है। आरोपी दीपक हर वक्त नशा करता रहता है। वह गांव के किसी भी व्यक्ति से जल्दी बोलता नहीं था। कहीं भी कुछ देर खड़े होने के बाद बगैर कुछ बोले खुद चला भी जाता था।
उंगली टेढ़ी करके चिढ़ाया तो गुस्सा आ गया, मारा डाला
आरोपी दीपक ने बताया कि सीट से हाथ हटाने के लिए बोला था, लेकिन उसने अनसुना कर दिया। उंगली टेढ़ी करके चिढ़ाया तो गुस्सा आ गया, इसके बाद सब कुछ कैसे हो गया, समझ में नहीं आया। मैं तो घूमने जा रहा था। बच्चे खेल रहे थे। मन किया तो अचानक रुक गया। साइकिल खड़ी कर थोड़ी पर था। इतने में बालिका आई और सीट पर हाथ रख दिया। पल भर में मुझे क्या हो गया, खुद समझ नहीं पाया।
हमेशा नशे में रहने वालों की सोचने समझने की क्षमता कम हो जाती है। छोटी-छोटी बातों पर आक्रोशित हो जाना उनकी आदत होती है। आवेश में आकर ऐसा कदम उठा देते हैं, कि जिंदगी भर के लिए नासूर बन जाता है।
-गोपाल सिंह, मनोविज्ञानी
समाज में युवाओं के कार्य व्यवहार में मोबाइल का ज्यादा असर दिख रहा है। इंटरनेट की दुनिया में खोए रहने वाले युवाओं के दिमाग में उनके हिसाब से तस्वीर घूमती रहती है। यही कारण है कि वे अपने आसपास अपने दिमाग से इतर घटनाओं या बातों को सुनते हैं, तो त्वरित प्रतिक्रिया देते हैं। ऐसी घटनाएं इस वजह से ही होती हैं।
-डाॅ. प्रवीण कुमार मिश्र, समाजशास्त्री