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Maharajganj News: महाबोधि टेंपल एक्ट के 76 वर्ष बाद बीआईएन लामबंद
Mon, 03 Mar 2025 06:34 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 03 Mar 2025 06:34 PM IST
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महराजगंज। महाबोधि टेंपल एक्ट लागू होने के करीब 76 वर्ष बाद बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क (बीआईएन) एक्ट के विरोध में लामबंद हुआ है। पांच चरण में तय आंदोलन की रूपरेखा के तहत सोमवार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौंपा गया।
मनीष कुमार मानस ने बताया कि ज्ञापन देने के बाद 8 मार्च को जिले पर धरना प्रदर्शन, 22 मार्च को जिले में प्रदर्शन व रैली, 9 अप्रैल को देश में जेल भरो आंदोलन और एक जुलाई को भारत बंद प्रस्तावित है। सौंपे गए ज्ञापन में महाबोधि टेंपल एक्ट 1949 को षडयंत्रकारी कानून बताते हुए कहा कि महाबोधि महाविहार पर कब्जे का जिम्मेदार बताया।
महाविहार को बौद्ध संपदा बताया। चीनी यात्री ह्वेनसांग व फाह्यान के यात्रा वृत्त में भी इसे बौद्ध संपदा बताया गया। उत्खनन से भी इसे पुष्ट किया जा चुका है, लेकिन हमें बौद्ध विहार नहीं सौंपा जा रहा। बोधगया संग्रहालय भारतीय पुरातत्व विभाग अथवा बौद्ध अनुयाइयों को देने की मांग ज्ञापन के माध्यम से की गई। इस मौके पर राम मिलन, मदनमोहन, दीपक, सुनील, सूर्यमणि, राकेश वर्मा, बेंचू पटेल मौजूद रहे। संवाद
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मनीष कुमार मानस ने बताया कि ज्ञापन देने के बाद 8 मार्च को जिले पर धरना प्रदर्शन, 22 मार्च को जिले में प्रदर्शन व रैली, 9 अप्रैल को देश में जेल भरो आंदोलन और एक जुलाई को भारत बंद प्रस्तावित है। सौंपे गए ज्ञापन में महाबोधि टेंपल एक्ट 1949 को षडयंत्रकारी कानून बताते हुए कहा कि महाबोधि महाविहार पर कब्जे का जिम्मेदार बताया।
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महाविहार को बौद्ध संपदा बताया। चीनी यात्री ह्वेनसांग व फाह्यान के यात्रा वृत्त में भी इसे बौद्ध संपदा बताया गया। उत्खनन से भी इसे पुष्ट किया जा चुका है, लेकिन हमें बौद्ध विहार नहीं सौंपा जा रहा। बोधगया संग्रहालय भारतीय पुरातत्व विभाग अथवा बौद्ध अनुयाइयों को देने की मांग ज्ञापन के माध्यम से की गई। इस मौके पर राम मिलन, मदनमोहन, दीपक, सुनील, सूर्यमणि, राकेश वर्मा, बेंचू पटेल मौजूद रहे। संवाद
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