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Maharajganj News: आरोग्य मंदिर खुद बीमार... कहीं लटक रहा ताला, कहीं गंदगी का अंबार
Wed, 11 Sep 2024 02:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 11 Sep 2024 02:10 AM IST
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आरोग्य मंदिर बसवार के अगल बगल फैली गंदगी।
महराजगंज। लोगों को गांव स्तर पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं मिले इसको लेकर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निर्माण कराया गया था। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते यह खुद ही बीमार हो गए हैं। मंगलवार को किए गए पड़ताल में दो आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद मिले। जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा था। आरोग्य मंदिर बंद होने से मरीज भटक रहे थे। मरीजों की न तो जांच हो पा रही हैं और न ही दवाएं मिल पा रही हैं।
आरोग्य मंदिर चौपरिया, 10:55 बजे आयुष्मान आरोग्य मंदिर चौपरिया खोला जा रहा था। आरोग्य मंदिर के बाहर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। अगल-बगल जलभराव है। सामने बना स्वास्थ्य उपकेंद्र खंडहर हो गया है। सीएचओ दिव्यांशी तिवारी ने बताया कि साफ-सफाई के लिए कई बार शिकायत किया गया है लेकिन कोई असर नहीं पड़ रहा है। अक्सर सांप और बंदर कमरे के अंदर घुस जाते हैं। कुछ देर बाद वहां गांव की बर्फा देवी पहुंची। सीएचओ ने सुगर जांच कर दवाइयां दी। सीएचओ ने बताया कि प्रतिदिन 20 से 25 मरीजों की स्क्रीनिंग की जाती है।
आरोग्य मंदिर छपिया, 11:15 बजे आरोग्य मंदिर छपिया बंद मिला। ग्रामीणों ने बताया कि यह अस्पताल कभी-कभार ही खुलता है। लोगों को बीमार होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल जाना पड़ता है। इलाज के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
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आरोग्य मंदिर बसवार, 11: 30 बजे बंद मिला। इस केंद्र को देखने से ऐसा लगा जैसे यह हफ्तों से खोला नहीं गया है। इसके दीवार कई जगह टूटे-फूटे हैं। बगल में स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र खंडहर हो गया है। गांव के लोगों ने बताया कि आरोग्य मंदिर महीने दो महीने में एक से दो बार ही खुलता है। ग्रामीण हेसाबुन निशा, शिवपूजन, महेश, सरवन, मधुबन, केदार आदि ने बताया कि गांव में स्थित आरोग्य मंदिर का कोई लाभ नहीं मिलता है। दवा इलाज के लिए सीएचसी परतावल या फिर जिला अस्पताल ही जाना पड़ता है। आपातकालीन स्थिति में निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ता है।
आरोग्य मंदिर पिपरिया, 11:50 खुला हुआ मिला। आरोग्य मंदिर किराए के मकान में संचालित किया जा रहा है। सीएचओ नीतू शुक्ला 65 वर्षीय मजिबुन निशा का ब्लडप्रेशर जांच कर रही थीं। इससे पहले यहां मदिना खातून, दिलीप, केवला देवी, दुलारी देवी, रहमान, अनिता की स्क्रीनिंग हो चुकी थी। सीएचओ नीतू शुक्ला ने बताया कि प्रतिदिन 25-30 मरीजों की स्क्रीनिंग की जाती है। लोगों को उनके आवश्यकता अनुसार सभी प्रकार की दवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
आरोग्य केंद्रों पर बेहतर ढंग से सुविधा देने का निर्देश है। अगर इसमें कहीं लापरवाही हो रही है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. दिलीप सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी
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आरोग्य मंदिर चौपरिया, 10:55 बजे आयुष्मान आरोग्य मंदिर चौपरिया खोला जा रहा था। आरोग्य मंदिर के बाहर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। अगल-बगल जलभराव है। सामने बना स्वास्थ्य उपकेंद्र खंडहर हो गया है। सीएचओ दिव्यांशी तिवारी ने बताया कि साफ-सफाई के लिए कई बार शिकायत किया गया है लेकिन कोई असर नहीं पड़ रहा है। अक्सर सांप और बंदर कमरे के अंदर घुस जाते हैं। कुछ देर बाद वहां गांव की बर्फा देवी पहुंची। सीएचओ ने सुगर जांच कर दवाइयां दी। सीएचओ ने बताया कि प्रतिदिन 20 से 25 मरीजों की स्क्रीनिंग की जाती है।
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आरोग्य मंदिर छपिया, 11:15 बजे आरोग्य मंदिर छपिया बंद मिला। ग्रामीणों ने बताया कि यह अस्पताल कभी-कभार ही खुलता है। लोगों को बीमार होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल जाना पड़ता है। इलाज के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
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आरोग्य मंदिर बसवार, 11: 30 बजे बंद मिला। इस केंद्र को देखने से ऐसा लगा जैसे यह हफ्तों से खोला नहीं गया है। इसके दीवार कई जगह टूटे-फूटे हैं। बगल में स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र खंडहर हो गया है। गांव के लोगों ने बताया कि आरोग्य मंदिर महीने दो महीने में एक से दो बार ही खुलता है। ग्रामीण हेसाबुन निशा, शिवपूजन, महेश, सरवन, मधुबन, केदार आदि ने बताया कि गांव में स्थित आरोग्य मंदिर का कोई लाभ नहीं मिलता है। दवा इलाज के लिए सीएचसी परतावल या फिर जिला अस्पताल ही जाना पड़ता है। आपातकालीन स्थिति में निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ता है।
आरोग्य मंदिर पिपरिया, 11:50 खुला हुआ मिला। आरोग्य मंदिर किराए के मकान में संचालित किया जा रहा है। सीएचओ नीतू शुक्ला 65 वर्षीय मजिबुन निशा का ब्लडप्रेशर जांच कर रही थीं। इससे पहले यहां मदिना खातून, दिलीप, केवला देवी, दुलारी देवी, रहमान, अनिता की स्क्रीनिंग हो चुकी थी। सीएचओ नीतू शुक्ला ने बताया कि प्रतिदिन 25-30 मरीजों की स्क्रीनिंग की जाती है। लोगों को उनके आवश्यकता अनुसार सभी प्रकार की दवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
आरोग्य केंद्रों पर बेहतर ढंग से सुविधा देने का निर्देश है। अगर इसमें कहीं लापरवाही हो रही है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. दिलीप सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी