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Maharajganj News: एआई व कोडिंग की होगी पढ़ाई कानपुर में शिक्षक होंगे प्रशिक्षित
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महराजगंज। परिषदीय स्कूलों में कक्षा-8 के पाठ्यक्रम में एआई कोडिंग, डिजिटल लिट्रेसी और कंप्यूटिंग थिंकिंग शामिल किया गया है। एनसीईआरटी ने इसका पाठ्यक्रम तैयार करने के बाद राज्यस्तरीय प्रशिक्षण की रूपरेखा तय की है। जिले से परिषदीय स्कूल के 10 विज्ञान शिक्षकों का चयन किया गया है, जिनका तीन माह का प्रशिक्षण अक्टूबर से कानपुर आईटीआई में प्रारंभ होगा।
जिले में 1500 परिषदीय स्कूल हैं, जिसमें तीन हजार से अधिक बेसिक शिक्षक हैं। एनसीईआरटी ने बड़ते स्पर्धात्मक माहौल के अनुरूप कक्षा-आठ के विद्यार्थियों को एआई कोडिंग, डिजिटल लिट्रेसी, कंप्यूटिंग थिंकिंग की शिक्षा देने का प्रबंध शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
महराजगंज डायट के बेसिक प्रशिक्षण नोडल रामजी ने बताया कि डिजिटल हाईटेक ज्ञान देने के लिए शिक्षकों को राज्य स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा। यह प्रशिक्षण भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर में तीन माह के तीन बैच में होगा। इसके लिए जनपद के 10 विज्ञान शिक्षकों का चयन कर सूची भेजी जा चुकी है।
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प्रशिक्षण लेने वाले शिक्षक लौटकर जिले में मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करेंगे और जिले के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। भविष्य में इस तरह की टेक्नोलॉजी का प्रयोग हर क्षेत्रों में बढ़ेगा, इसको देखते हुए एनसीईआरटी ने रूपरेखा तय की है।
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जिले में 1500 परिषदीय स्कूल हैं, जिसमें तीन हजार से अधिक बेसिक शिक्षक हैं। एनसीईआरटी ने बड़ते स्पर्धात्मक माहौल के अनुरूप कक्षा-आठ के विद्यार्थियों को एआई कोडिंग, डिजिटल लिट्रेसी, कंप्यूटिंग थिंकिंग की शिक्षा देने का प्रबंध शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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महराजगंज डायट के बेसिक प्रशिक्षण नोडल रामजी ने बताया कि डिजिटल हाईटेक ज्ञान देने के लिए शिक्षकों को राज्य स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा। यह प्रशिक्षण भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर में तीन माह के तीन बैच में होगा। इसके लिए जनपद के 10 विज्ञान शिक्षकों का चयन कर सूची भेजी जा चुकी है।
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प्रशिक्षण लेने वाले शिक्षक लौटकर जिले में मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करेंगे और जिले के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। भविष्य में इस तरह की टेक्नोलॉजी का प्रयोग हर क्षेत्रों में बढ़ेगा, इसको देखते हुए एनसीईआरटी ने रूपरेखा तय की है।