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बेकार पड़ा लाखों की लागत ने बना केंद्र, स्कूल में पढ़ते हैं बच्चे

Thu, 07 Oct 2021 10:57 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 07 Oct 2021 10:57 PM IST
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aaganbari centre was wait for uses
बेकार पड़ा लाखों की लागत ने बना केंद्र, स्कूल में पढ़ते हैं बच्चे
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ग्रामीण बोले, नहीं मिलती जरूरी सामग्री, फाइलों में केंद्र का होता है संचालन, बदहाल व्यवस्था के बीच बेहतर सुविधा देने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नौतनवां ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत ठीक नहीं है। क्षेत्र में ज्यादातर केंद्र फाइल में संचालित होते हैं। विभागीय दावे से इतर हकीकत सामने आई। क्षेत्र में लाखों की लागत से बने केंद्र बेमतलब साबित हो रहे हैं। केंद्रों के आसपास जलभराव होने के कारण कोई आता जाता नहीं है। सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है। वहीं एक केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों को पढ़ाते हुए मिली। गांव के लोगों ने राशन समेत जरूरी साग्री नहीं मिलने की शिकायत की, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने सब कुछ बेहतर होने का दावा किया।
खोरिया बाजार में केंद्र नहीं बना है। प्राथमिक विद्यालय में केंद्र संचालित है। बच्चों को बैठने के लिए फटी हुई चटाई है। केंद्र पर 50 बच्चे पंजीकृत हैं। बृहस्पतिवार को 25 बच्चे आए थे। परिसर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं थी। बदहाली के बीच किसी तरह केंद्र का संचालन होता मिला। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूनम ने बताया कि बच्चों को नियमित पढ़ाने के साथ ही केंद्र पर मिलने वाली सभी सामग्री दी जाती है। गांव में 0-3 वर्ष 80 , तथा 3-6 वर्ष के 50 बच्चे पंजीकृत हैं। वहीं मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गीता देवी ने बताया कि यहां 0-3 वर्ष के 34 तथा 3-6 वर्ष के 30 बच्चे पंजीकृत हैं। गांव की सुनीता देवी ने बताया कि दो बच्चे हैं, दोनों को पोषाहार मिलता है। वहीं पूजा ने बताया कि उनके बच्चे को पोषाहार नहीं मिला है।
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कोहड़वल गांव में दो आंगनबाड़ी केंद्र तथा एक मिनी आंगनबाड़ी केंद्र है। तीनों केंद्र एक ही परिसर में बना है। लेकिन केंद्र संचालित नहीं होता है। परिसर में जलभराव के आलावा घासें उगी हैं। गंदगी का अंबार लगा है। दरवाजे तथा खिड़कियां टूटी हैं। परिसर में एक हैंडपंप है, जिससे दूषित जल निकलता है। गांव में कोहड़वल, परसा और करमहवा तीन टोले हैं, जिसमें कोहड़वल की नीलम शुक्ला, परसा की शशिकांती तथा करमहवा की मिनी आंगनबाड़ी उमाकांती हैं। बृहस्पतिवार को कोई केंद्र संचालित नहीं मिला। मोबाइल फोन पर बात करने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीलम शुक्ला ने बताया कि तबीयत खराब है, इसलिए केंद्र पर नहीं पहुंची। यहां कुल 45 बच्चे पंजीकृत हैं। अतिकुपोषित एक है तथा 6 कुपोषित बच्चे हैं। गांव के राजेंद्र चौबे, सूर्यमन, रमेश यादव, शंकर यादव, पट्टू यादव ने बताया कि यहां केंद्र फाइल में संचालित होता है। बच्चों को सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधा बेहतर ढंग से नहीं मिलती है।
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आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति एक नजर में
आंगनबाड़ी केंद्र--275
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-275
सहायिका-------------222
सुपरवाइजर------------30
-3 वर्ष 13127 बच्चे, 3-6 वर्ष 11952, अति कुपोषित-402
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गांव में तीन आंगनबाड़ी केंद्र हैं। सभी गांव में संचालित होते हैं। भवन बना है। लेकिन हैंडओवर नहीं होने से प्राइमरी स्कूल में केंद्र का संचालन किया जाता है। सरकार की ओर मिलने वाली सभी सुविधाओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा पंजीकृत बच्चों को दिया जाता है।

दीपक कुमार, ग्राम प्रधान, कोहडवल
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जो आंगनबाड़ी केंद्र बन गया है और संचालित नहीं होता है। इसके बारे पता करना पडे़गा। सुपरवाइजर से इस संबंध में जानकारी हासिल की जाएगी। विभाग की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाओं को बच्चों को बेहतर ढंग से दी जा रही है। क्षेत्र में सभी केंद्र ठीक ढंग से संचालित हो रहे हैं।
किरन जायसवाल, प्रभारी सीडीपीओ, नौतनवां
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