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Maharajganj News: अवैध मेडिकल स्टोर का जाल...गलत दवा देकर बढ़ा रहे दर्द

Sat, 14 Feb 2026 01:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sat, 14 Feb 2026 01:10 AM IST
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A network of illegal medical stores... increasing pain by giving wrong medicines.
महराजगंज। जिले में अवैध मेडिकल स्टोर पर इलाज करने का धंधा जारी है। इसमें मरीज की जान भी चली जा रही है लेकिन जिम्मेदार इससे बेखबर हैं। बीते दिन मेडिकल स्टोर पर सुई लगाने के दौरान महिला की मौत हो गई थी। शुक्रवार को मेडिकल स्टोर संचालक शिवनरायन निवासी कटहरी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया। उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज है।
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सूत्र बतातें हैं की मेडिकल स्टोर पर अप्रशिक्षित लोग अपने हिसाब से दवा बेचते हैं। कुछ तो ऐसे हैं जो डॉक्टर का पर्चा भी ठीक ढंग से नहीं पढ़ पाते हैं। गांव में ज्यादा ऐसे मेडिकल स्टोर संचालक बीमारी का शर्तियां इलाज भी करते हैं। गलत इलाज का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है। छोटी से बीमारी को गलत दवा देकर बढ़ा देते हैं। झुलनीपुर, बहुआर, डोमा, धानी, रतनपुर, पनियरा व निचलौल क्षेत्र में ऐसी दुकानों की भरमार है।
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अनुमान है कि जिले में करीब 200 अवैध दवा की दुकानें संचालित हो रही हैं, जिम्मेदार इसे लेकर बेखबर हैं। नेपाल सीमा से लगे गांव में अवैध रूप से संचालित दवा की दुकानों पर नशीली दवाओं की बिक्री का धंधा खूब होता है। दुकान संचालक छोटी सी दुकान खोलकर मोटा पैसा कमाते हैं। देखने में दुकानें छोटी लगेंगी लेकिन दवा कहीं और रखकर अपने धंधे को चमकाते हैं।
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गैर लाइसेंसी दुकानों के अलावा जो लाइसेंसी दुकानें हैं, वहां कागज में फार्मासिस्ट का नाम चलता है। सूत्र बताते हैं कि प्रपत्रों को पूरा करने के लिए 60 से 70 हजार रुपये सालाना रकम देकर फार्मासिस्ट की डिग्री शामिल की जाती है। दुकानदार अपने अनुभव से दवा बेचते हैं। हकीकत में फार्मासिस्ट दुकान पर नहीं होता है।
सूत्र बतातें हैं कि सरहद से सटे हर गांव और चौराहों पर बिना पंजीकरण के चल रहे मेडिकल और क्लीनिक हैं। भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में झोलाछाप की भरमार है। वह गांव की गलियों और चौराहों पर झोपड़ी और टीनशेड में बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज कर ठीक करने का दावा करते हैं। यही कारण है कि तमाम लोग झोलाछाप के झांसे में आकर फंस जाते हैं और बीमारी ठीक होने के बजाय बढ़ती चली जाती है। फिर लोग मोटी रकम खर्च करने के बाद हार कर सरकारी अस्पताल या किसी बड़े डॉक्टर के पास इलाज के लिए पहुंचते हैं।

कोठीभार थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक शिवनरायन को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया।
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अभियान चलाकर जांच की जाएगी। जिले में नियमानुसार मेडिकल स्टोर संचालित कराने पर पूरा जोर है।
-दीपक पांडेय, औषधि निरीक्षक
कुछ जगहों पर आठवीं पास लोग डॉक्टर बन बैठे
खुटहा बाजार में मेडिकल स्टोर का लाइसेंस तो है लेकिन अंदर क्लीनिक है जहां भर्ती करने और ड्रिप की सुविधा भी दी जाती है। परतावल चौराहा, सिसवा, नौतनवा, लक्ष्मीपुर, बनकटी, धानी बाजार, फरेंदा, पनियरा, श्यामदेरवा, जखिरा, घुघुली, मिठौरा, चौक, सिंदुरिया, निचलौल आदि जगहों पर भी यही स्थिति है। कई मेडिकल स्टोर दवाओं की जगह इलाज का धंधा कर रहे हैं। इन अवैध क्लीनिक पर न तो चिकित्सक की डिग्री होती है न ही पंजीकरण। कुछ जगहों पर आठवीं पास लोग डॉक्टर बन बैठे हैं।
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