{"_id":"69-79762","slug":"Maharajganj-79762-69","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोनौली सीमा पर रोके गए छह संदिग्ध कश्मीरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोनौली सीमा पर रोके गए छह संदिग्ध कश्मीरी
Maharajganj
Updated Mon, 13 Jan 2014 05:45 AM IST
विज्ञापन
नौतनवां। भारत-नेपाल के सोनौली सीमा पर एसएसबी ने मंगलवार को छह संदिग्ध कश्मीरियों को रोक लिया। उन्हें एसएसबी के कुनसेरवा स्थित सेफ हाउस ले जाया गया। वहां पूछताछ के बाद सुरक्षा के बीच दिल्ली भेज दिया गया। एसएसबी ने एक के पास से पाकिस्तानी पासपोर्ट बरामद किया है।
सोनौली में एसएसबी के जवान रोजाना की तरह चेकिंग कर रहे थे। उसी दौरान तीन पाकिस्तानी पुरुष और एक महिला दो बच्चों के साथ आते दिखे। सभी को रोककर पूछताछ की गई तो उनकी पहचान मोहम्मद अशरफदार, उसकी पत्नी सुरमाया अशरफ, बच्चे अनुषा अशरफ और अयान अशरफ के अलावा फारूख अहमद तथा गुलाम अहमद सोफी के रूप में हुई। सभी जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। पूछताछ में अशरफदार और फारूख अहमद ने बताया कि 1994 में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के सदस्य उन्हें पाकिस्तान ले गए थे। वहां आतंकी कैंप में काफी दिनों तक ट्रेनिंग ली। कुछ साल बाद कैंप छोड़कर कामकाज करने लगे। गुलाम अहमद ने बताया कि वर्ष 2000 में उड़ी सेक्टर के रास्ते पाकिस्तान सीमा पार कर मुजफ्फराबाद चला गया था। वहां आतंकी कैंप में कुछ दिन रहने के बाद एक कंपनी में काम करने लगा था। एसएसबी ने गुलाम के पास से पाकिस्तानी पासपोर्ट भी बरामद किया है। सभी पांच जनवरी को कराची से प्लेन से काठमांडू पहुंचे। वहां से बस पकड़कर सोनौली सीमा आए।
एसएसबी के कमांडेंट केएस बनकोटी ने बताया कि पूछताछ के एसएसबी की सुरक्षा में दिल्ली भेज दिया गया। वहां दिल्ली स्थित जम्मू-कश्मीर पुलिस सेल के हवाले किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोनौली में एसएसबी के जवान रोजाना की तरह चेकिंग कर रहे थे। उसी दौरान तीन पाकिस्तानी पुरुष और एक महिला दो बच्चों के साथ आते दिखे। सभी को रोककर पूछताछ की गई तो उनकी पहचान मोहम्मद अशरफदार, उसकी पत्नी सुरमाया अशरफ, बच्चे अनुषा अशरफ और अयान अशरफ के अलावा फारूख अहमद तथा गुलाम अहमद सोफी के रूप में हुई। सभी जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। पूछताछ में अशरफदार और फारूख अहमद ने बताया कि 1994 में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के सदस्य उन्हें पाकिस्तान ले गए थे। वहां आतंकी कैंप में काफी दिनों तक ट्रेनिंग ली। कुछ साल बाद कैंप छोड़कर कामकाज करने लगे। गुलाम अहमद ने बताया कि वर्ष 2000 में उड़ी सेक्टर के रास्ते पाकिस्तान सीमा पार कर मुजफ्फराबाद चला गया था। वहां आतंकी कैंप में कुछ दिन रहने के बाद एक कंपनी में काम करने लगा था। एसएसबी ने गुलाम के पास से पाकिस्तानी पासपोर्ट भी बरामद किया है। सभी पांच जनवरी को कराची से प्लेन से काठमांडू पहुंचे। वहां से बस पकड़कर सोनौली सीमा आए।
विज्ञापन
एसएसबी के कमांडेंट केएस बनकोटी ने बताया कि पूछताछ के एसएसबी की सुरक्षा में दिल्ली भेज दिया गया। वहां दिल्ली स्थित जम्मू-कश्मीर पुलिस सेल के हवाले किया जाएगा।
विज्ञापन