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अब जिले में ही इंसेफेलाइटिस की जांच
Maharajganj
Updated Sun, 12 Jan 2014 05:44 AM IST
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महराजगंज। इंसेफेलाइटिस रोग की जांच के लिए अब मरीजों को मेडिकल कॉलेज तक नहीं जाना होगा। जिला संयुक्त चिकित्सालय में ही पता चल जाएगा कि मरीज को इंसेफेलाइटिस हुआ है या नहीं। इसके लिए शासन से एलाइजा रीडर मशीन मिल गई है। कुछ ही दिनों में यह काम करना शुरू कर देगी।
अभी तक जिले में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) की जांच की व्यवस्था नहीं थी। इस कारण मरीज को इंसेफेलाइटिस है या नहीं, इसका पता लगाने में काफी समय लग जाता था। यहां से मरीज के खून को जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाता था। वहां से रिपोर्ट आने में करीब एक सप्ताह लग जाता था। जब तक रिपोर्ट आती थी, तब तक डॉक्टर इंसेफेलाइटिस के लक्षण के आधार पर मरीज का इलाज करते थे। इससे अक्सर मरीज का सही इलाज नहीं हो पाता था।
इसके लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय प्रशासन ने जांच मशीन की मांग शासन से की थी। इस पर अस्पताल को तीन लाख रुपये की लागत वाली एलाइजा रीडर फॉर जेई, एईएस मशीन अस्पताल उपलब्ध कराया गया है। जांच इसी महीने शुरू हो जाएगी।
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इस संबंध में सीएमएस डॉक्टर एपी श्रीवास्तव ने बताया कि इसे चलाने के लिए कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इस महीने के अंत तक जांच शुरू हो जाएगी।
टेक्नीशियन चंद्रसेन मिश्रा ने बताया कि इस मशीन से एक से लेकर 50 सैंपल की एक साथ जांच रिपोर्ट ली जा सकती है। 20 मिनट में रिपोर्ट मिल जाएगी।
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अभी तक जिले में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) की जांच की व्यवस्था नहीं थी। इस कारण मरीज को इंसेफेलाइटिस है या नहीं, इसका पता लगाने में काफी समय लग जाता था। यहां से मरीज के खून को जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाता था। वहां से रिपोर्ट आने में करीब एक सप्ताह लग जाता था। जब तक रिपोर्ट आती थी, तब तक डॉक्टर इंसेफेलाइटिस के लक्षण के आधार पर मरीज का इलाज करते थे। इससे अक्सर मरीज का सही इलाज नहीं हो पाता था।
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इसके लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय प्रशासन ने जांच मशीन की मांग शासन से की थी। इस पर अस्पताल को तीन लाख रुपये की लागत वाली एलाइजा रीडर फॉर जेई, एईएस मशीन अस्पताल उपलब्ध कराया गया है। जांच इसी महीने शुरू हो जाएगी।
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इस संबंध में सीएमएस डॉक्टर एपी श्रीवास्तव ने बताया कि इसे चलाने के लिए कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इस महीने के अंत तक जांच शुरू हो जाएगी।
टेक्नीशियन चंद्रसेन मिश्रा ने बताया कि इस मशीन से एक से लेकर 50 सैंपल की एक साथ जांच रिपोर्ट ली जा सकती है। 20 मिनट में रिपोर्ट मिल जाएगी।