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धड़ल्ले से चल रहे बगैर मान्यता के स्कूल
Updated Thu, 29 Mar 2018 11:52 PM IST
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Private School
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महराजगंज। नए शिक्षा सत्र की शुरूआत से पहले ही शहर और गांव में गली गली बिना मान्यता के स्कूल खुल गए हैं। चौराहों पर बड़ी बड़ी होर्डिंग टांग दी गई है, वहीं कई स्कूल वाहनों से प्रचार प्रसार भी शुरू कर अभिभावकों को ऑफर दे रहे हैं।
अवैध स्कूल संचालकों में प्रचार प्रसार करने की होड़ लगी है। दो अप्रैल से नए शिक्षा सत्र की शुरूआत होने से पहले ही जिले में अवैध स्कूलों की बाढ़ सी आ गई है। शहर हो या गांव हर जगह चौराहों पर अवैध स्कूलों के बड़े होर्डिंग नजर आ रहे हैं। इन अवैध स्कूलों में धड़ल्ले से दाखिला भी हो रहा है। अभिभावकों को गुमराह करके अवैध स्कूल संचालक फर्जी पंजीकरण नंबर भी दिखा रहे हैं, जिले के सभी स्थानों पर संचालकों ने इस प्रकार जाल फैला रखा है कि अधिकारी और अभिभावक कोई भी उनके खिलाफ बोलने को तैयार नहीं है। अधिकांश स्कूलों में तो बच्चों की ड्रेस कापी-किताब का भी ठेका लिया जा रहा है। इतना ही नहीं टाई बेल्ट के नाम पर भी मोटी रकम ली जा रही है, जबकि कुछ स्कूल कमीशन सेट होने वाली दुकानों पर भेज रहे हैं। अभिभावक उसी दुकान से किताब और कॉपी लेने को मजबूर हैं। आश्यर्य की बात तो यह है कि अब ग्रामीण इलाकों में हिंदी मिडियम स्कूल नहीं खुल रहे हैं, बल्कि गांव से शहर तक खुलने वाले स्कूल अधिकांश इंग्लिश मीडियम है। बीते शिक्षा सत्र में बेसिक शिक्षा विभाग के सर्वे में जिले में तमाम अवैध स्कूल मिले थे। लेकिन कार्रवाई के नाम पर विभाग ने चुप्पी साध ली। अब नए शिक्षासत्र के लिए फिर शिक्षासत्र के लिए फिर शिक्षा की सजने लगी है। लेकिन अफसरों की चुप्पी साथ रखी है।
- नियम के विपरीत किसी स्कूल का संचालन नहीं होने पाएगा। जहां तक बिना मान्यता के स्कूल की बात है तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। बीते वर्ष में बिना मान्यता के स्कूलों की जांच कराई गई थी। नए शैक्षिक सत्र में भी जांच पड़ताल की जाएगी।
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जगदीश शुक्ल, बीएसए, महराजगंज
अवैध स्कूल संचालकों में प्रचार प्रसार करने की होड़ लगी है। दो अप्रैल से नए शिक्षा सत्र की शुरूआत होने से पहले ही जिले में अवैध स्कूलों की बाढ़ सी आ गई है। शहर हो या गांव हर जगह चौराहों पर अवैध स्कूलों के बड़े होर्डिंग नजर आ रहे हैं। इन अवैध स्कूलों में धड़ल्ले से दाखिला भी हो रहा है। अभिभावकों को गुमराह करके अवैध स्कूल संचालक फर्जी पंजीकरण नंबर भी दिखा रहे हैं, जिले के सभी स्थानों पर संचालकों ने इस प्रकार जाल फैला रखा है कि अधिकारी और अभिभावक कोई भी उनके खिलाफ बोलने को तैयार नहीं है। अधिकांश स्कूलों में तो बच्चों की ड्रेस कापी-किताब का भी ठेका लिया जा रहा है। इतना ही नहीं टाई बेल्ट के नाम पर भी मोटी रकम ली जा रही है, जबकि कुछ स्कूल कमीशन सेट होने वाली दुकानों पर भेज रहे हैं। अभिभावक उसी दुकान से किताब और कॉपी लेने को मजबूर हैं। आश्यर्य की बात तो यह है कि अब ग्रामीण इलाकों में हिंदी मिडियम स्कूल नहीं खुल रहे हैं, बल्कि गांव से शहर तक खुलने वाले स्कूल अधिकांश इंग्लिश मीडियम है। बीते शिक्षा सत्र में बेसिक शिक्षा विभाग के सर्वे में जिले में तमाम अवैध स्कूल मिले थे। लेकिन कार्रवाई के नाम पर विभाग ने चुप्पी साध ली। अब नए शिक्षासत्र के लिए फिर शिक्षासत्र के लिए फिर शिक्षा की सजने लगी है। लेकिन अफसरों की चुप्पी साथ रखी है।
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- नियम के विपरीत किसी स्कूल का संचालन नहीं होने पाएगा। जहां तक बिना मान्यता के स्कूल की बात है तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। बीते वर्ष में बिना मान्यता के स्कूलों की जांच कराई गई थी। नए शैक्षिक सत्र में भी जांच पड़ताल की जाएगी।
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जगदीश शुक्ल, बीएसए, महराजगंज