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सरकारी स्कूल में दाखिले से चिढ़ी किशोरी टॉवर पर चढ़ी
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:37 AM IST
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महराजगंज। सरकारी स्कूल में नाम लिखाने बात चौथी कक्षा में पढ़ने वाली किशोरी को इस कदर नागवार गुजरी कि वह मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। बड़ी संख्या में लोग घंटों चिलचिलाती धूप में उसकी मनुहार करते रहे। घर वाले जितनी मनुहार करते वह उतना ही ऊपर चढ़ी जा हरी थी। किशोरी के टॉवर पर चढ़ते जाने से लोगों की सांसें अटक गई थी। आखिरकार पुलिस और एसडीएम ने उसे निजी विद्यालय में पढ़ाने का भरोसा दिया तब वह नीचे उतरने को राजी हुई। मामला निचलौल थाना क्षेत्र के ग्राम बाली का है।
निचलौल थाना क्षेत्र के ग्राम बाली के रतन राजभर की 14 वर्षीय पुत्री कुसुम बुधवार सुबह अपनी मां के साथ शौच के लिए बाहर गई थी। लौटते समय रास्ते में रुक गई और उसकी मां घर आ गई। काफी देर बाद भी जब वह घर नहीं लौटी तो परिजन खोजबीन करने लगे। लेकिन उसका कुछ भी पता नहीं चला। इस बीच उसके टॉवर पर चढ़े होने की सूचना से परिजन बदहवास हो गए। टॉवर के पास पहुंचे घर वाले उससे उतरने की गुहार लगाने लगे। लेकिन वह और ऊपर चढ़ने लगी। गांव के कुछ लड़के उसे उतारने के लिए टॉवर पर चढ़ने लगे तो वह टॉवर से कूदने की धमकी देने लगी। सूचना पर मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष टीपी श्रीवास्तव ने माइक से किशोरी से उतरने का आग्रह किया। लेकिन वह किसी की सुनने को तैयार नहीं हुई। पुलिस और परिजन जितनी बार नीचे उतरने की मिन्नत करते, किशोरी ऊपर चढ़ती जा रही थी। धीरे-धीरे लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस बीच फायर ब्रिगेड को भी बुला लिया गया लेकिन जरूरी संसाधन के अभाव में फायर ब्रिगेड कर्मी टॉवर पर नहीं चढ़ सके।
थानाध्यक्ष ने टॉवर के अफसरों से वार्ता कर इंजीनियरों को बुलाया। करीब 11 बजे एसकाम इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के तीन इंजीनियर पहुंचे। संपूर्णानंद उपाध्याय व अमित यादव टॉवर पर चढ़ने लगे जबकि उमाशंकर नीचे से इंजीनियरों को दिशा निर्देश देते रहे। करीब 15 मिनट में टॉवर के ऊपरी सिरे पर पहुंचे दोनों इंजीनियरों ने किशोरी को समझा बुझा कर सबसे पहले उसे पानी पिलाया और फिर उसे सेफ्टी बेल्ट पहना कर सुरक्षित नीचे उतारा। किशोरी के नीचे आते ही लोग उसे देखने के लिए बेकाबू हो गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और महिला चौकीदार के साथ उसे थाने भेज दिया। वहां से वह घर चली गई। इस घटना को लेकर पूरे दिन क्षेत्र में चर्चा का बाजार गर्म रहा। इस दौरान फायर ब्रिगेड के हेड कांस्टेबल राजकिशोर, चुन्नू लाल, फायर मैन मोहम्मद इकबाल दीपक कुमार, देवेंद्र व मार्कंडेय विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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अपनी फुफेरी बहन के साथ ही पढ़ना चाहती थी कुसुम
महराजगंज। टॉवर पर चढ़ कर घंटों हंगामा मचाने वाली किशोरी कुसुम ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह अपनी फुफेरी बहन आराधना के साथ उसी स्कूल में पढ़ना चाहती थी जहां से उसने कक्षा चार पास किया था। लेकिन उसके पिता उसका नाम बाली इंटर कॉलेज के संलग्न प्राइमरी स्कूल में नाम लिखवाना चाहते हैं। तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी कुसुम अंग्रेजी माध्यम के प्राइवेट स्कूल में पढ़ना चाहती है। लेकिन ठेले पर चाट बेच कर परिवार चला रहे पिता रतन सरकारी सहायता वाले स्कूल में बेटी को पढ़ाना चाहते हैं। बस इतनी से बात पर पिछले दिनों घर में हुई अनबन से नाराज छात्रा टॉवर पर चढ़ गई।
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निचलौल थाना क्षेत्र के ग्राम बाली के रतन राजभर की 14 वर्षीय पुत्री कुसुम बुधवार सुबह अपनी मां के साथ शौच के लिए बाहर गई थी। लौटते समय रास्ते में रुक गई और उसकी मां घर आ गई। काफी देर बाद भी जब वह घर नहीं लौटी तो परिजन खोजबीन करने लगे। लेकिन उसका कुछ भी पता नहीं चला। इस बीच उसके टॉवर पर चढ़े होने की सूचना से परिजन बदहवास हो गए। टॉवर के पास पहुंचे घर वाले उससे उतरने की गुहार लगाने लगे। लेकिन वह और ऊपर चढ़ने लगी। गांव के कुछ लड़के उसे उतारने के लिए टॉवर पर चढ़ने लगे तो वह टॉवर से कूदने की धमकी देने लगी। सूचना पर मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष टीपी श्रीवास्तव ने माइक से किशोरी से उतरने का आग्रह किया। लेकिन वह किसी की सुनने को तैयार नहीं हुई। पुलिस और परिजन जितनी बार नीचे उतरने की मिन्नत करते, किशोरी ऊपर चढ़ती जा रही थी। धीरे-धीरे लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस बीच फायर ब्रिगेड को भी बुला लिया गया लेकिन जरूरी संसाधन के अभाव में फायर ब्रिगेड कर्मी टॉवर पर नहीं चढ़ सके।
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थानाध्यक्ष ने टॉवर के अफसरों से वार्ता कर इंजीनियरों को बुलाया। करीब 11 बजे एसकाम इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के तीन इंजीनियर पहुंचे। संपूर्णानंद उपाध्याय व अमित यादव टॉवर पर चढ़ने लगे जबकि उमाशंकर नीचे से इंजीनियरों को दिशा निर्देश देते रहे। करीब 15 मिनट में टॉवर के ऊपरी सिरे पर पहुंचे दोनों इंजीनियरों ने किशोरी को समझा बुझा कर सबसे पहले उसे पानी पिलाया और फिर उसे सेफ्टी बेल्ट पहना कर सुरक्षित नीचे उतारा। किशोरी के नीचे आते ही लोग उसे देखने के लिए बेकाबू हो गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और महिला चौकीदार के साथ उसे थाने भेज दिया। वहां से वह घर चली गई। इस घटना को लेकर पूरे दिन क्षेत्र में चर्चा का बाजार गर्म रहा। इस दौरान फायर ब्रिगेड के हेड कांस्टेबल राजकिशोर, चुन्नू लाल, फायर मैन मोहम्मद इकबाल दीपक कुमार, देवेंद्र व मार्कंडेय विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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अपनी फुफेरी बहन के साथ ही पढ़ना चाहती थी कुसुम
महराजगंज। टॉवर पर चढ़ कर घंटों हंगामा मचाने वाली किशोरी कुसुम ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह अपनी फुफेरी बहन आराधना के साथ उसी स्कूल में पढ़ना चाहती थी जहां से उसने कक्षा चार पास किया था। लेकिन उसके पिता उसका नाम बाली इंटर कॉलेज के संलग्न प्राइमरी स्कूल में नाम लिखवाना चाहते हैं। तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी कुसुम अंग्रेजी माध्यम के प्राइवेट स्कूल में पढ़ना चाहती है। लेकिन ठेले पर चाट बेच कर परिवार चला रहे पिता रतन सरकारी सहायता वाले स्कूल में बेटी को पढ़ाना चाहते हैं। बस इतनी से बात पर पिछले दिनों घर में हुई अनबन से नाराज छात्रा टॉवर पर चढ़ गई।