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सात हजार महिलाओं को नहीं मिली तीसरी किस्त
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सात हजार महिलाओं को नहीं मिली तीसरी किस्त
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का जिम्मेदार लगा रहे पलीता
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत जिले में पहली बार गर्भवती महिलाओं को तीन किस्तों में पांच हजार रुपये दिए जाने की योजना है। अधिकारियों की उदासीनता से गर्भवतियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। जिले में 7,106 महिलाओं को तीसरी किस्त की रकम नहीं मिली है। वहीं, जिम्मेदारों के अनुसार खातों में गड़बड़ी के कारण रकम नहीं जा सकी है।
योजना के तहत पहली बार गर्भवती महिलाओं को उचित खान-पान के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के साथ ही मां और बच्चे को स्वस्थ रखा जा सके। योजना के तहत पहली किस्त एक हजार रुपया गर्भवस्था पंजीकरण के बाद मिलती है। दूसरी किस्त दो हजार रुपये छह माह बाद जांच के उपरांत और तीसरी किस्त दो हजार रुपये बच्चे के जन्म पंजीकृत होने के बाद मिलती है। इस योजना के तहत जिले में लाभार्थियों के खाते में दो किस्त मिल चुकी है, लेकिन 7,106 लाभार्थियों के खाते में तीसरी किस्त की धनराशी नहीं भेजी गई है। जिससे लाभार्थियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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परतावल ब्लॉक में सबसे अधिक आवेदन लंबित
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तृतीय किस्त का भुगतान करने में परतावल ब्लॉक में सबसे अधिक लापरवाही है। यहां 701 गर्भवती महिलाओं को तीसरी किस्त नहीं मिली है। वहीं मिठौरा में 571, सदर में 506, सिसवां में 613, बृजमनगंज में 581, निचलौल में 654, धानी में 510, पनियरा में 549, नौतनवां में 646, घुघली में 612, शहर पीएचसी के 69, फरेंदा में 529 और लक्ष्मीपुर में 565 गर्भवती महिलाओं के तीसरी किस्त नहीं मिली है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि योजना के तहत तृतीय किस्त लंबित होने वाले ब्लॉकों के जिम्मेदारों को चेतावनी देते हुए फरवरी माह का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है। तृतीय किस्त जल्दी भुगतान के लिए जिम्मेदारों को निर्देशित किया जा चुका है। लाभार्थियों को हर हाल में भुगतान किया जाएगा।
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- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का जिम्मेदार लगा रहे पलीता
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत जिले में पहली बार गर्भवती महिलाओं को तीन किस्तों में पांच हजार रुपये दिए जाने की योजना है। अधिकारियों की उदासीनता से गर्भवतियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। जिले में 7,106 महिलाओं को तीसरी किस्त की रकम नहीं मिली है। वहीं, जिम्मेदारों के अनुसार खातों में गड़बड़ी के कारण रकम नहीं जा सकी है।
योजना के तहत पहली बार गर्भवती महिलाओं को उचित खान-पान के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के साथ ही मां और बच्चे को स्वस्थ रखा जा सके। योजना के तहत पहली किस्त एक हजार रुपया गर्भवस्था पंजीकरण के बाद मिलती है। दूसरी किस्त दो हजार रुपये छह माह बाद जांच के उपरांत और तीसरी किस्त दो हजार रुपये बच्चे के जन्म पंजीकृत होने के बाद मिलती है। इस योजना के तहत जिले में लाभार्थियों के खाते में दो किस्त मिल चुकी है, लेकिन 7,106 लाभार्थियों के खाते में तीसरी किस्त की धनराशी नहीं भेजी गई है। जिससे लाभार्थियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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परतावल ब्लॉक में सबसे अधिक आवेदन लंबित
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तृतीय किस्त का भुगतान करने में परतावल ब्लॉक में सबसे अधिक लापरवाही है। यहां 701 गर्भवती महिलाओं को तीसरी किस्त नहीं मिली है। वहीं मिठौरा में 571, सदर में 506, सिसवां में 613, बृजमनगंज में 581, निचलौल में 654, धानी में 510, पनियरा में 549, नौतनवां में 646, घुघली में 612, शहर पीएचसी के 69, फरेंदा में 529 और लक्ष्मीपुर में 565 गर्भवती महिलाओं के तीसरी किस्त नहीं मिली है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि योजना के तहत तृतीय किस्त लंबित होने वाले ब्लॉकों के जिम्मेदारों को चेतावनी देते हुए फरवरी माह का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है। तृतीय किस्त जल्दी भुगतान के लिए जिम्मेदारों को निर्देशित किया जा चुका है। लाभार्थियों को हर हाल में भुगतान किया जाएगा।