फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   डॉक्टर पर हमले के विरोध में दिया धरना

डॉक्टर पर हमले के विरोध में दिया धरना

Thu, 13 Dec 2018 10:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला महराजगंज
ब्यूरो/अमर उजाला महराजगंज Updated Thu, 13 Dec 2018 10:11 PM IST
विज्ञापन
डॉक्टर पर हमले के विरोध में दिया धरना
सीएचसी परतावल में धरने पर बैठे स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : अमर उजाला
महराजगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल गेट पर डॉक्टर अग्रेस सिंह पर हुए हमले के विरोध में अस्पताल कर्मी एवं डॉक्टरों ने धरना देकर रोष जताया। मौके पर पहुंचे डीएम एवं एसपी ने हमला करने वालों को जल्द गिरफ्तार किए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने इमरजेंसी सेवा बहाल कर दी। साथ ही शुक्रवार से ओपीडी सेवा शुरू करने की बात कही। स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि असुरक्षा के माहौल में बेहतर ढंग से कार्य कर पाना मुश्किल है।
विज्ञापन

डीएम अमरनाथ उपाध्याय एवं एसपी रोहित सजवान ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर अग्रेस सिंह ने बातचीत किया। उन्हें भरोसा दिलाया कि हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। घटना के बारें में जानकारी लेने के बाद डीएम एसपी ने अस्पताल के कर्मियों एवं अन्य लोगों से भी पूछताछ की। डीएम के समझाने के बाद आक्रोशित स्वास्थ्य कर्मियों ने कार्य बहिष्कार बंद कर इमरजेंसी सेवा बहाल कर दिया। साथ ही शुक्रवार से ओपीडी सेवा शुरू करने की बात कही। डीएम ने कहा कि हमला करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसके लिए निर्देश दिया जा चुका है। वहीं एसपी ने कहा कि हमलाकर करने वालों को जल्दी गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस टीम सभी आरोपियों के गिरफ्तारी में जुटी है।
विज्ञापन

इस दौरान डॉक्टर विभूति शुक्ला, डॉ. अनिल जायसवाल डॉ. अमरनाथ मिश्रा, फार्मासिस्ट सशिविन्द मिश्रा, उमेश तिवारी, संजीव सिंह, मनीष श्रीवास्तव, रिपुंजय पांडेय, राममिलन मौर्या, बजरंगी त्रिपाठी, क्षमा त्रिपाठी, लक्ष्मी गुप्ता, मीना, रीता तिवारी, कादरी, किशोर प्रसाद, डॉ. घनश्याम कुमार गुप्ता, डॉ. शमशाद खान, सुनील सिंह, संजय, तुषार वर्मा, डॉ. घनश्याम सिंह, प्रभुनाथ, चंद्रभूषण, इसराइल, विराट मिश्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


हमला करने के मामले में 18 लोगों पर केस दर्ज
महराजगंज। डॉक्टर अंग्रेस सिंह पर बुधवार को हुए हमले के मामले में गुरुवार को डॉक्टर की तहरीर पर आठ नामजद, 10 अज्ञात के खिलाफ जानलेवा, हमला करने, सरकारी काम काज में बाधा उत्पन्न करने, 7 सीएलए, मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अन्य की तलाश में पुलिस टीम जुटी है। थानाध्यक्ष श्यामदेउरवां ज्ञानेंद्र राय ने बताया कि डॉक्टर अंग्रेस की तहरीर पर आठ नामजद व दस अज्ञात लोगों के खिलाफ साजिश रचना, जानलेवा हमला करने, सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न करना, 7 सीएलए, मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अशोक दूबे निवासी चौपरिया, मारकंडेय, पून्नी, प्रताप, दिनेश, संदीप, अमन सिंह, सूरज निवासी परतावल और 10 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। उन्होंने बताया कि त्वरित कार्रवाई करते हुए संदीप, नियामुल, सूरज, अमन सिंह निवासी परतावल को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है।


अब तो काम करने में लग रहा डर: डॉक्टर अंग्रेस
परतावल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल पर तैनात डॉक्टर अंग्रेस सिंह बीते मार्च 2018 से यहां तैनात हैं। वह गोरखपुर शहर के रूस्तमपुर के रहने वाले हैं। इसके पहले वह निचलौल और नौतनवां सीएचसी में तैनात रहे। परतावल सीएचसी में तैनात हुए करीब 9 माह हो चुके हैं। उन्होने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अब तो काम करने में डर लग रहा है। कुछ लोग हैं, जो जबरन बाहर की दवाई लिखवा कर मोटा रकम कमाना चाहते थे। उनकी मंशा पूरी नहीं हुई तो साजिश रचकर ओपीडी में हमला करा दिये। उपर वाले की मर्जी रही की जान बच गयी। डॉक्टर अग्रेस सिंह ने बताया कि मरीजों के हित से बढ़कर कुछ नहीं है। जब अस्पताल में दवा और जांच मुफ्त होता है तो बाहर से सेवा लेने का कोई औचित्य नहीं है। कुछ लोग दबाब बनाकर दवा और जांच बाहर से कराना चाहते थे। लेकिन उनकी मंशा पूरी नहीं हुई। हमला करने वालों पर कडी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे की भविष्य में किसी भी अस्पताल में ऐसी घटना न हो।


डॉक्टरों ने घटना की निंदा कर डीएम को सौंपा ज्ञापन
महराजगंज। कलेक्ट्रेट में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ जिला कमेटी की ओर से डीएम को ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही डॉक्टर पर हमला करने वालों के खिलाफ कडी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद सदर सीएचसी परिसर में संगठन की बैठक में घटना की निंदा की गई। डॉक्टरों ने कहा कि अस्पतालों में चिकित्सकों की सुरक्षा बढ़ाई जाए। संगठन के सचिव डॉक्टर केपी सिंह ने कहा कि परतावल की घटना बेहद निंदनीय है। सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि अगर कडी कार्रवाई नहीं हुई तो 16 दिंसबर से इमरजेंसी सेवा और पोस्टमार्टम को छोड़कर अन्य सभी सेवाएं ठप कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि दबाव बनाकर दवा लिखवाने वाले दबंगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। धमका कर बाहर की दबाई लिखवाना उचित नहीं है। इस दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अध्यक्ष श्रीभागवत सिंह, एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. राकेश श्रीवास्तव, डॉ. दिवाकर राय के अलावा अन्य लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed