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गोद लिए गांव का निरीक्षण कर रिर्पोट भेजने का निर्देश
Updated Mon, 31 Jul 2017 12:15 AM IST
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महराजगंज। राज्य पोषण मिशन कार्यक्रम के तहत सदर तहसील सभागार में जिला पोषण मिशन की बैठक में सीडीओ राम सिंहासन प्रेम ने गोद लिए गांवों की चेकलिस्ट के अनुसार हर 30 तारीख तक जांच कर अफसरों से अगली 5 तारीख तक रिपोर्ट मांगी है।
सीडीओ ने कहा कि जो अधिकारी गांव को गोद लिए हैं। वे निरीक्षण करें और जो भी कमी मिले उसे तुरंत निस्तारित करें, जिससे कि गांव में होने वाली समस्याओं का समाधान हो सके। निरीक्षण के समय फोटो ग्राफी भी कराएं। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान एएनएम के पास स्वास्थ्य संबंधित जांच उपकरण, फेमिली प्लानिंग के उपकरण, वेईंग मशीन, गर्भवती महिलाओं और अति कुपोषित बच्चों की स्थिति जाननी है। अति कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराएं। उन्होंने बताया कि 12 बच्चे पोषण पुनर्वास में भर्ती कराए गए जिनमें 9 बच्चों के हालत में सुधार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि गांव में पेयजल के बारे में भी रिपोर्ट दें। जिले में कुल 84 गांवों को अधिकारियों ने गोद लिया है। इन गांवों से संबंधित अधिकारी गांव का भ्रमण करें। प्रभारी डीपीओ अजात शत्रुशाही बताया कि जिले में कुपोषण मुक्त गांव का चयन होना है। ऐसे राजस्व गांव जिनकी आबादी एक हजार से अधिक है और वह गांव ओडीएफ के लिए चयनित है। उसी गांव का चयन होगा। इस दौरान गांव को गोद लिए अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
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सीडीओ ने कहा कि जो अधिकारी गांव को गोद लिए हैं। वे निरीक्षण करें और जो भी कमी मिले उसे तुरंत निस्तारित करें, जिससे कि गांव में होने वाली समस्याओं का समाधान हो सके। निरीक्षण के समय फोटो ग्राफी भी कराएं। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान एएनएम के पास स्वास्थ्य संबंधित जांच उपकरण, फेमिली प्लानिंग के उपकरण, वेईंग मशीन, गर्भवती महिलाओं और अति कुपोषित बच्चों की स्थिति जाननी है। अति कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराएं। उन्होंने बताया कि 12 बच्चे पोषण पुनर्वास में भर्ती कराए गए जिनमें 9 बच्चों के हालत में सुधार हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि गांव में पेयजल के बारे में भी रिपोर्ट दें। जिले में कुल 84 गांवों को अधिकारियों ने गोद लिया है। इन गांवों से संबंधित अधिकारी गांव का भ्रमण करें। प्रभारी डीपीओ अजात शत्रुशाही बताया कि जिले में कुपोषण मुक्त गांव का चयन होना है। ऐसे राजस्व गांव जिनकी आबादी एक हजार से अधिक है और वह गांव ओडीएफ के लिए चयनित है। उसी गांव का चयन होगा। इस दौरान गांव को गोद लिए अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
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