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50 प्रतिशत किसानों ने नहीं दिया मोबाइल नंबर, बढ़ेगी समस्या
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50 फीसदी किसानों ने नहीं दिया मोबाइल नंबर, बढ़ेगी समस्या
गन्ना विभाग तौल के लिए इस बार मोबाइल पर भेजेगा एसएमएस पर्ची
नंबर दर्ज न होने से शिथिल किसानों को होगी मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। गन्ना विभाग जहां इस बार किसानों को एसएमएस पर्ची उपलब्ध कराने को लेकर अपनी तैयारियों में जुटा है, वहीं किसानों द्वारा अपना मोबाइल नंबर देने में रुचि नहीं दिखाई जा रही है। अभी तक 50 फीसदी किसानों ने ही मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया है। यदि 50 फीसदी शिथिल किसानों द्वारा अपने मोबाइल नंबर जल्द विभाग को उपलब्ध नहीं कराया गया तो तौल केे दौरान किसानों को बड़ी समस्या से गुजरना पड़ेगा।
गन्ना विभाग ने जिले में ऐसे 60,000 किसानों को चिह्नित किया था जिनका मोबाइल नंबर एसएमएस पर्ची के लिए दर्ज किया जाना था। विभाग द्वारा मांगे गए नंबर के क्रम में अभी भी महज 30,000 गन्ना किसानों ने अपने मोबाइल नंबर को विभाग में देकर दर्ज करा लिया है। शेष लगभग 30,000 किसानों द्वारा मोबाइल नंबर देने में रुचि नहीं दिखाई जा रही है। यदि समय रहते इन गन्ना किसानों ने अपना नंबर विभाग में उपलब्ध नहीं कराया तो गन्ने की तौल कराने में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि गन्ना किसानों द्वारा मोबाइल नंबर न उपलब्ध कराने से उनकी ही समस्या बढ़ेगी। मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने के लिए किसानों को जागरूक करने का प्रयास भी किया जा रहा है।
इनसेट-
सिसवां व गड़ौरा के किसान अधिक सुस्त
जिले में संचालित होने वाले चार परिषदों में मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने के मामले में सिसवां व गड़ौरा के किसान अधिक सुस्त हैं। फरेंदा व घुघली के गन्ना किसानों द्वारा तेज गति से मोबाइल नंबर दिया जा रहा है।
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गन्ना विभाग तौल के लिए इस बार मोबाइल पर भेजेगा एसएमएस पर्ची
नंबर दर्ज न होने से शिथिल किसानों को होगी मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। गन्ना विभाग जहां इस बार किसानों को एसएमएस पर्ची उपलब्ध कराने को लेकर अपनी तैयारियों में जुटा है, वहीं किसानों द्वारा अपना मोबाइल नंबर देने में रुचि नहीं दिखाई जा रही है। अभी तक 50 फीसदी किसानों ने ही मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया है। यदि 50 फीसदी शिथिल किसानों द्वारा अपने मोबाइल नंबर जल्द विभाग को उपलब्ध नहीं कराया गया तो तौल केे दौरान किसानों को बड़ी समस्या से गुजरना पड़ेगा।
गन्ना विभाग ने जिले में ऐसे 60,000 किसानों को चिह्नित किया था जिनका मोबाइल नंबर एसएमएस पर्ची के लिए दर्ज किया जाना था। विभाग द्वारा मांगे गए नंबर के क्रम में अभी भी महज 30,000 गन्ना किसानों ने अपने मोबाइल नंबर को विभाग में देकर दर्ज करा लिया है। शेष लगभग 30,000 किसानों द्वारा मोबाइल नंबर देने में रुचि नहीं दिखाई जा रही है। यदि समय रहते इन गन्ना किसानों ने अपना नंबर विभाग में उपलब्ध नहीं कराया तो गन्ने की तौल कराने में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि गन्ना किसानों द्वारा मोबाइल नंबर न उपलब्ध कराने से उनकी ही समस्या बढ़ेगी। मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने के लिए किसानों को जागरूक करने का प्रयास भी किया जा रहा है।
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इनसेट-
सिसवां व गड़ौरा के किसान अधिक सुस्त
जिले में संचालित होने वाले चार परिषदों में मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने के मामले में सिसवां व गड़ौरा के किसान अधिक सुस्त हैं। फरेंदा व घुघली के गन्ना किसानों द्वारा तेज गति से मोबाइल नंबर दिया जा रहा है।
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