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धड़ल्ले से चल रहा सफेद बालू का काला कारोबार
Updated Fri, 08 Jun 2018 11:55 PM IST
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नदी से निकाली जा रही अवैध रूप से बालू।
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। जिले में किसी भी नदी पर बालू खनन के लिए पट्टा जारी नहीं किया गया है। फिर भी छोटी गंडक व रोहिन नदी पर दो दर्जन से अधिक स्थानों पर सफेद बालू का काला कारोबार बदस्तूर चल रहा है। अवैध खनन से कहीं उपजाऊ भूमि नदी में विलीन हो रही है तो कहीं वन संपदा। कहीं कहीं तो अवैध खनन की वजह से बंधे भी नदियों के निशाने पर हैं।
छोटी गंडक में अवैैध खनन की वजह से कोटिया, पकड़ियार, केवटलियां, टेढ़वा, मलाहिया, घुघली बुजुर्ग, विश्वनाथपुर, बिरैचा में उपजाऊ भूमि नदी में विलीन हो रही है। रोहिन नदी पर पनियरा क्षेत्र में अकटहवा, छोमरा, हरखपुरा, रानीपुर, लक्ष्मीपुर आदि स्थानों पर अवैध खनन होने की चर्चा है, जिससे नदी के कटान का दबाव बांधों की तरफ बढ़ जाता है। लक्ष्मीपुर क्षेत्र में रोहिन नदी पर अमहवां, सोनारडीहा, करीमदादपुर, टेढ़ीघाट, गंगापुर आदि स्थानों पर भी अवैध खनन की बात बताई जा रही है। नदी में खनन होने से पर्यावरण व वन भूमि प्रभावित हो रही है। जबकि नौतनवां क्षेत्र में लक्ष्मीनगर, रतनपुर, लालपुर, शीशमहल, जमुहानी, पुरूषोत्तमपुर में भी अवैध खनन की शिकायत मिल रही है। इसी प्रकार बड़ी गंडक नदी में भेड़िहारी व अर्जनही के पास अवैध खनन हो रहा है। यहां तो निजी भूमि पर खनन का पट्टा लेकर निर्धारित स्थानों के अलावा नदी व अन्य स्थानों से अवैध खनन हो रहा है, जिससे नारायणी छितौनी बंधा व कृषि योग्य भूमि प्रभावित हो रहा है। चंदनी नदी से दोमोहाना घाट के बालू खनन की बात कही जा रही है।
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15 निजी भूमि पर जारी है बालू निकालने का पट्टा
खनन निरीक्षक शिवदयाल सिंह ने बताया कि इस किसी भी नदी पर बालू खनन के लिए पट्टा जारी नहीं किया गया है। अलबत्ता 15 निजी भूमि से बालू निकालने के लिए निर्धारित भूमि के लिए पट्टा जारी किया गया है। अवैध खनन रोकने के लिए निरंतर धर पकड़ अभियान चलाया जा रहा है।
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अवैध खनन को लेकर जगह-जगह हुआ आंदोलन
अवैध खनन को लेकर साल भर पहले कुछ गांवों के किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया था। एक पखवारा पहले पनियरा क्षेत्र के नरकटहां गांव के लोगों ने जोरदार विरोध किया था, ग्रामीणों के दबाव को देखते हुए अवैध खनन करने वालों को वहां से हटना पड़ा। भेडिहारी अर्जुनही में अवैध खनन पर दो दिन पहले बैठवलियां गांव के लोगों ने जोरदार विरोध किया। इसी प्रकार लक्ष्मीपुर में अवैध खनन को लेकर आए दिन ग्रामीण धरना प्रदर्शन व पत्रक देने का काम करते रहते हैं।
खनन रोकने गए अधिकारियों पर हुए हमले
अवैध खनन रोकने का प्रयास करने पर पिछले साल बालू माफियाओं ने घुघली में अधिकारियों से झड़प किया था। 25 फरवरी फरेंदा के एसडीएम पर भी बालू माफियाओं ने हमला बोल दिया था। दस मई को नौतनवां तहसीलदार पर अज्ञात लोगों ने हमला बोल दिया था। उसी बीच लक्ष्मीपुर रेंज के टेढ़ीघाट में बालू माफियाओं ने वन एवं पुलिस कर्मियों पर धावा बोलकर ट्रैक्टर ट्राली छुड़ा लिया था। विभागीय अधिकारियों ने सभी मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है।
कहीं भी अवैध खनन हुआ तो होगी कड़ी कार्रवाई होगी
जिले मेें कहीं भी अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। अगर कहीं अवैध खनन होता मिला तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारी की जवाब देही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। वैसे भी संबंधित अधिकारियों को जिले में जांच पड़ताल कर अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने का निर्देश दिया गया है। इसमे लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अमरनाथ उपाध्याय, डीएम, महराजगंज