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30 केंद्रों पर नहीं हो रही गेहूं खरीद
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Fri, 18 May 2018 12:42 AM IST
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30 केंद्रों पर नहीं हो रही गेहूं खरीद
- फोटो : अमर उजाला
महराजगंज। जिले के 30 क्रय केंद्रों पर बोरे न होने से गेहूं खरीद की प्रक्रिया ठप पड़ हुई है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। क्रय केंद्रों से संबंधित एजेंसियों ने विभागीय अधिकारियों से केंद्रों पर बोरों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की है। बोरे न होने से किसान भी परेशान हैं और क्रय केंद्रों का चक्कर लगाकर लौट जा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर भंडारण की समस्या भी हो रही है। करीब 26615 एमटी गेहूं क्रय केंद्रों पर पड़ा हुआ है। यह गेहूं अब तक गोदाम तक नहीं पहुंच सका है।
गेहूं खरीद के लिए जिले में 189 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसमें से 30 क्रय केंद्रों पर बोरे न होने से एक सप्ताह से गेहूं खरीद बंद है। किसान सप्ताह भर से केंद्रों पर यह जानकारी लेकर लौट जा रहे हैं कि उनकी गेहूं कब खरीदी जाएगी। किसानों का कहना है कि गेहूं बिकने पर जो रकम मिलेगा उससे जरूरी काम करने हैं। गेहूं खरीद बंद होने के कारण रकम की व्यवस्था नहीं हो रही है। इसके चलते उनके जरूरी काम भी रुके पड़े हैं। उधर, बोरों की कमी से भंडारण की समस्या पैदा हो गई है। इससे व्यवस्था प्रभावित हो गई है। इस बीच जिले में खोले गए 189 क्रय केंद्रों पर 26615 एमटी गेहूं पड़ा हुआ है और इसे गोदाम तक नहीं पहुंचाया जा सका है। किसी तरह प्लास्टिक से ढंक कर गेहूं को रखा गया है। वहीं, दूसरी ओर 53118 एमटी गेहूं भारतीय खाद्य निगम के गोदाम में भेजा जा चुका है।जिला खाद्य विपणन अधिकारी अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि बोरों की मांग की गई। जिले में 1400 गांठ बोरे की जरूरत है। जल्द ही बोरे उपलब्ध हो जाएंगे। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विभाग गंभीर है। सभी किसानों का प्रमुखता से गेहूं क्रय होगा। जिले में बनाए गए 189 केंद्रों पर अब तक 79734 एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी है। खरीद के लिए लक्ष्य 107000 एमटी है।
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गेहूं खरीद के लिए जिले में 189 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसमें से 30 क्रय केंद्रों पर बोरे न होने से एक सप्ताह से गेहूं खरीद बंद है। किसान सप्ताह भर से केंद्रों पर यह जानकारी लेकर लौट जा रहे हैं कि उनकी गेहूं कब खरीदी जाएगी। किसानों का कहना है कि गेहूं बिकने पर जो रकम मिलेगा उससे जरूरी काम करने हैं। गेहूं खरीद बंद होने के कारण रकम की व्यवस्था नहीं हो रही है। इसके चलते उनके जरूरी काम भी रुके पड़े हैं। उधर, बोरों की कमी से भंडारण की समस्या पैदा हो गई है। इससे व्यवस्था प्रभावित हो गई है। इस बीच जिले में खोले गए 189 क्रय केंद्रों पर 26615 एमटी गेहूं पड़ा हुआ है और इसे गोदाम तक नहीं पहुंचाया जा सका है। किसी तरह प्लास्टिक से ढंक कर गेहूं को रखा गया है। वहीं, दूसरी ओर 53118 एमटी गेहूं भारतीय खाद्य निगम के गोदाम में भेजा जा चुका है।जिला खाद्य विपणन अधिकारी अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि बोरों की मांग की गई। जिले में 1400 गांठ बोरे की जरूरत है। जल्द ही बोरे उपलब्ध हो जाएंगे। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विभाग गंभीर है। सभी किसानों का प्रमुखता से गेहूं क्रय होगा। जिले में बनाए गए 189 केंद्रों पर अब तक 79734 एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी है। खरीद के लिए लक्ष्य 107000 एमटी है।
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