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15 वेड पर 23 मरीजों का हो रहा उपचार, व्यवस्था बदहाल

Thu, 07 Oct 2021 10:57 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 07 Oct 2021 10:57 PM IST
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23 petient was treatment in 15 bad
15 बेड पर 23 मरीजों का हो रहा उपचार, व्यवस्था बदहाल
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बुखार के 11 तो एईएस के 3 मरीज भर्ती, अस्पताल के गलियारे में वक्त गुजार रहे तीमारदार
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला अस्पताल के जेई, एईएस और ईटीसी वार्ड के 15 बेड पर कुल 23 मरीजों का उपचार चल रहा है। इसमें 11 बुखार के तो 3 एईएस के मरीज शामिल हैं। हालत यह है कि एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती कर अस्पताल प्रशासन द्वारा इलाज किया जा रहा है। वहीं तीमारदार अस्पताल के गलियारे में वक्त गुजार रहे हैं।
डेंगू के संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड में है। यही नहीं जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में डेंगू के मरीजों को भर्ती करने के लिए अलग से एक वार्ड बनाया गया है। जिससे मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके। लेकिन अस्पताल में जरूरी व्यवस्थाओं का अभाव होने के कारण ईटीसी और जेई, एईएस वार्ड में एक बेड पर दो-दो मरीजों का उपचार चल रहा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसे लेकर गंभीर नहीं है। तीमारदारों ने कहा कि जिला अस्पताल में जेई, एईएस वार्ड में मरीजों को भर्ती करने के लिए अगर बेड और बढ़ जाए तो परेशानी कम हो सकती है। एक बेड पर दो-दो मरीजों के भर्ती होने से संक्रमण बढ़ने की संभावना होती है। बुखार के मरीजों के इलाज के लिए बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।
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सीएमएस डॉ. एके राय ने कहा कि जिला अस्पताल के ईटीसी और जेई एईएस वार्ड में कुल 23 मरीज भर्ती हैं। जिसमें बुखार के 11 मरीजों का उपचार चल रहा है। वहीं एईएस के कुल 3 मरीज भर्ती किए गए हैं। सभी मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है।
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संक्रमण की संभावना अधिक
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने कहा कि एक बेड पर दो मरीजों को भर्ती किए जाने पर मरीजों में संक्रमण का भय बना रहता है। लेकिन जिला अस्पताल में बेड कम होने से जो व्यवस्था है, उसी में कार्य चलाया जा रहा है। जिससे सभी मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके।

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कूडे़ से उठने वाली दुर्गंध से हो रही परेशानी
जिला अस्पताल में बने मेडिकल बायोवेस्ट कक्ष में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था ठीक नहीं है। कक्ष का गेट खुला है। उसके बाहर ही अस्पताल से निकलने वाला कूड़ा फेंका गया है। जिससे उठने वाली दुर्गंध से जिला अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों व तीमारदारों को परेशानी हो रही है। यही नहीं कूड़ा नाली के पास बिखरा हुआ है। लेकिन जिम्मेदार कूड़ा के निस्तारण को लेकर गंभीर नहीं है।
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