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Maharajganj News: कूड़ा केंद्रों पर ताला, गांव में बिखरी गंदगी
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तिलकवनिया में कूड़ा निस्तारण केंद्र और गांव में कूड़ा
882 ग्राम पंचायतों में बनना था कूड़ा निस्तारण केंद्र, दावा, 698 में निर्माण पूरा
पड़ताल में अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों पर लटका मिला ताला, गांव में भी गंदगी
महराजगंज। गांवों को साफ-सुथरा रखने के दावों के साथ तैयार कराए गए एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर) बदहाल पड़े हैं। प्रशासन का दावा है कि करीब 80 प्रतिशत ग्राम पंचायतों में केंद्रों का निर्माण कराया जा चुका है। हालांकि निर्माण के बाद भी कूड़ा निस्तारण केंद्रों की स्थिति ठीक नहीं है। कहीं ताला लटका है तो परिसर में गंदगी फैली है। यही नहीं गांवों में भी गंदगी फैली हुई है।
जानकारी के अनुसार, कूड़े का उचित प्रबंध कराने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर) का निर्माण कराया गया। इसके पीछे उद्देश्य था कि गांवों में इधर-उधर फेंके जाने वाले कूड़े को एक स्थान पर एकत्र कर उसका निस्तारण किया जाए। करीब 80 फीसदी केंद्र बन कर तैयार हैं लेकिन जिस उद्देश्य के साथ इनका निर्माण कराया गया है वह पूरा होते नहीं दिख रहा है। कई एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र तैयार होने के बावजूद शुरू नहीं हो सके हैं।
जिले के 698 ग्राम पंचायतों में बना है केंद्र
जिला पंचायत राज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले की 882 ग्राम पंचायतों में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र का निर्माण कराया जाना था। इनमें से 698 ग्राम पंचायतों में केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं 98 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य अभी जारी है। जबकि 86 ग्राम पंचायतों में जमीन विवादित होने अथवा भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
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रकम खर्च किए गए लेकर उपयोग नहीं
ग्राम पंचायतों के अनुसार गांव में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों के निर्माण के तीन लाख से लेकर पांच लाख से अधिक रकम खर्च किया गया है। बावजूद इनके संचालन की स्थिति संतोषजनक नहीं है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है तो कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था धरातल पर कब प्रभावी होगी। ग्रामीणों को अब इन केंद्रों के संचालन और नियमित कूड़ा उठान की व्यवस्था शुरू होने का इंतजार है।
केस एक
घुघली विकास खंड के चौमुखा गांव में बना एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र शुरू होने से पहले ही खराब हो गया है। गांव में कूड़ा निस्तारण केंद्र करीब एक साल पहले बनकर तैयार हो गया लेकिन इसे अब तक शुरू नहीं किया जा सका है। केंद्र पर ताला लटका है। केंद्र परिसर में घास उग आई है। इस गांव की मुख्य सड़क के किनारे ही गांव से निकलने वाला कूड़ा डाल दिया गया है। नालियों में सफाई की व्यवस्था बेहतर नहीं है।
केस दो
घुघली विकास खंड के ही तिलकवनिया गांव का भी यही हाल है। यहां सफाई कर्मी की तैनाती है। एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बंद था। यहां गेट पर ताला भी लगा है। एक साल पहले एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनकर तैयार हुआ, लेकिन आज तक शुरू नहीं किया गया। गांव में जगह जगह कूड़े बिखरे हैं। नालियों के किनारे घास उग आई है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रविंद्र ने बताया एक साल पहले बना है। विभाग से कोई निर्देश नहीं है।
लेहड़ा व पनियरा क्षेत्र के दो गांवों में सेंटर चालू मिला
वहीं पड़ताल में पाया गया कि लेहड़ा ग्राम पंचायत व पनियरा क्षेत्र के दो ग्राम पंचायत क्रमश: मोहद्दीनपुर व निवास पोखर में बना इंटीग्रेटेड सालिड वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर चालू हालात में पाया गया। यहां पर ये केंद्र चालू मिले तो गांव के घरों से निकला कूड़ा सेंटर पर पहुंचने लगा। वहीं गांव की नालियां भी सफाई बेहतर मिली।
स्पीकअप
गांव में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बना है तो उसका प्रयोग होना चाहिए। एक साल से बने इस केंद्र की अभी तो शुरुआत नहीं की गई है। सफाईकर्मी अक्सर सफाई तो करते हैं लेकिन कूड़े को गांव में कहीं भी सड़क के किनारे फेंक देते हैं। ऐसे में घरों से निकलने वाला कूड़ा गांव के बाहर यहां-वहां पड़ा हुआ है।
- शिव, तिलकवनिया
गांव के मुख्य बाजार से घर को जाने वाले रास्ते पर नाली का उचित प्रबंध नहीं है। एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र केवल शो पीस बना हुआ है। एक साल से अधिक समय हो गया लेकिन इसे चालू नहीं किया गया। गांव से निकलने वाला कूड़ा इधर-उधर फेंका जा रहा है। सफाई कर्मचारी समय-समय पर सफाई ही करते हैं।
- सोनू कुमार वर्मा, चौमुखा
वर्जन
एडीओ पंचायत व ब्लॉक प्रमुख से इनपुट लेकर जिले में तैयार सभी इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर को चालू करने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक 123 सेंटरों को चालू किया जा चुका है। जल्द ही सभी को चालू करा दिया जाएगा।
- श्रेया मिश्रा, डीपीआरओ महराजगंज
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पड़ताल में अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों पर लटका मिला ताला, गांव में भी गंदगी
महराजगंज। गांवों को साफ-सुथरा रखने के दावों के साथ तैयार कराए गए एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर) बदहाल पड़े हैं। प्रशासन का दावा है कि करीब 80 प्रतिशत ग्राम पंचायतों में केंद्रों का निर्माण कराया जा चुका है। हालांकि निर्माण के बाद भी कूड़ा निस्तारण केंद्रों की स्थिति ठीक नहीं है। कहीं ताला लटका है तो परिसर में गंदगी फैली है। यही नहीं गांवों में भी गंदगी फैली हुई है।
जानकारी के अनुसार, कूड़े का उचित प्रबंध कराने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर) का निर्माण कराया गया। इसके पीछे उद्देश्य था कि गांवों में इधर-उधर फेंके जाने वाले कूड़े को एक स्थान पर एकत्र कर उसका निस्तारण किया जाए। करीब 80 फीसदी केंद्र बन कर तैयार हैं लेकिन जिस उद्देश्य के साथ इनका निर्माण कराया गया है वह पूरा होते नहीं दिख रहा है। कई एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र तैयार होने के बावजूद शुरू नहीं हो सके हैं।
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जिले के 698 ग्राम पंचायतों में बना है केंद्र
जिला पंचायत राज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले की 882 ग्राम पंचायतों में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र का निर्माण कराया जाना था। इनमें से 698 ग्राम पंचायतों में केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं 98 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य अभी जारी है। जबकि 86 ग्राम पंचायतों में जमीन विवादित होने अथवा भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
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रकम खर्च किए गए लेकर उपयोग नहीं
ग्राम पंचायतों के अनुसार गांव में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों के निर्माण के तीन लाख से लेकर पांच लाख से अधिक रकम खर्च किया गया है। बावजूद इनके संचालन की स्थिति संतोषजनक नहीं है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है तो कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था धरातल पर कब प्रभावी होगी। ग्रामीणों को अब इन केंद्रों के संचालन और नियमित कूड़ा उठान की व्यवस्था शुरू होने का इंतजार है।
केस एक
घुघली विकास खंड के चौमुखा गांव में बना एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र शुरू होने से पहले ही खराब हो गया है। गांव में कूड़ा निस्तारण केंद्र करीब एक साल पहले बनकर तैयार हो गया लेकिन इसे अब तक शुरू नहीं किया जा सका है। केंद्र पर ताला लटका है। केंद्र परिसर में घास उग आई है। इस गांव की मुख्य सड़क के किनारे ही गांव से निकलने वाला कूड़ा डाल दिया गया है। नालियों में सफाई की व्यवस्था बेहतर नहीं है।
केस दो
घुघली विकास खंड के ही तिलकवनिया गांव का भी यही हाल है। यहां सफाई कर्मी की तैनाती है। एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बंद था। यहां गेट पर ताला भी लगा है। एक साल पहले एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनकर तैयार हुआ, लेकिन आज तक शुरू नहीं किया गया। गांव में जगह जगह कूड़े बिखरे हैं। नालियों के किनारे घास उग आई है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रविंद्र ने बताया एक साल पहले बना है। विभाग से कोई निर्देश नहीं है।
लेहड़ा व पनियरा क्षेत्र के दो गांवों में सेंटर चालू मिला
वहीं पड़ताल में पाया गया कि लेहड़ा ग्राम पंचायत व पनियरा क्षेत्र के दो ग्राम पंचायत क्रमश: मोहद्दीनपुर व निवास पोखर में बना इंटीग्रेटेड सालिड वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर चालू हालात में पाया गया। यहां पर ये केंद्र चालू मिले तो गांव के घरों से निकला कूड़ा सेंटर पर पहुंचने लगा। वहीं गांव की नालियां भी सफाई बेहतर मिली।
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गांव में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बना है तो उसका प्रयोग होना चाहिए। एक साल से बने इस केंद्र की अभी तो शुरुआत नहीं की गई है। सफाईकर्मी अक्सर सफाई तो करते हैं लेकिन कूड़े को गांव में कहीं भी सड़क के किनारे फेंक देते हैं। ऐसे में घरों से निकलने वाला कूड़ा गांव के बाहर यहां-वहां पड़ा हुआ है।
- शिव, तिलकवनिया
गांव के मुख्य बाजार से घर को जाने वाले रास्ते पर नाली का उचित प्रबंध नहीं है। एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र केवल शो पीस बना हुआ है। एक साल से अधिक समय हो गया लेकिन इसे चालू नहीं किया गया। गांव से निकलने वाला कूड़ा इधर-उधर फेंका जा रहा है। सफाई कर्मचारी समय-समय पर सफाई ही करते हैं।
- सोनू कुमार वर्मा, चौमुखा
वर्जन
एडीओ पंचायत व ब्लॉक प्रमुख से इनपुट लेकर जिले में तैयार सभी इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर को चालू करने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक 123 सेंटरों को चालू किया जा चुका है। जल्द ही सभी को चालू करा दिया जाएगा।
- श्रेया मिश्रा, डीपीआरओ महराजगंज