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घरेलू हिंसा रोकने में मददगार होंगी आशा
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घरेलू हिंसा रोकने में मददगार होंगी आशा
स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिया जाएगा प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। आशा कार्यकर्ता मां व बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए काम करती हैं। इस कारण समाज में उनकी अलग पहचान है। इसको देखते हुए घरों में होने वाली हिंसा को रोकने के लिए अब आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश स्तर पर जिले के सभी स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों, पांच डाक्टरोें व कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। ये लोग अब जिले स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे।
जिले में अब तक आशा कार्यकर्ता महिलाओं, पुरुषों, नवजात और किशोर किशोरियों को होने बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक करती रही हैं लेकिन अब एक नई जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं पर विभाग की ओर से सौंपी जाएगी। जिले में 2,529 आशा कार्यकर्ता कार्यरत हैं। जो घरेलू हिंसा रोकने के लिए भी कार्य करेंगी। महिलाओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, अनावश्यक कार्य के लिए दबाव बनाने, मजदूरी करने के लिए मारपीट किए जाने आदि जैसी हिंसा आम समस्या है। इन समस्याओं से निपटने के लिए अब आशा कार्यकर्ता कार्य करेंगी। उन्हें अगर महिला हिंसा से जुड़ी जानकारी मिलती है, तो आशा कार्यकर्ता पहले विभाग को सूचना देने के साथ ही पुलिस को भी खबर करेंगी। इससे महिला हिंसा पर नियंत्रण की कोशिश की जा सकती है। एडवोकेट गंगा प्रजापति का कहना है कि सरकार की ओर से शुरू की जाने वाली यह व्यवस्था निश्चित रूप से कारगर साबित होगी। आशा कार्यकर्ताओं का कार्य क्षेत्र गांव है। इससे प्राथमिक स्तर पर महिलाओं को होने वाली परेशानी का बेहतर ढंग से पता चल जाएगा। समय रहते सही जगह पर सूचना पहुंच जाने से समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने के साथ ही आशा कार्यकर्ताओं को दी जाने वाली यह जिम्मेदारी चुनौतीपूर्ण होगी। इस व्यवस्था से महिलाओं के साथ होने वाली घरेलू हिंसा को रोकने में काफी हद मदद मिल सकती है।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीरज सिंह ने कहा गृह आधारित भ्रमण कार्यक्रम के तहत आशा कार्यकर्ताओं को घरेलू हिंसा के लिए प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके लिए प्रदेश स्तर से जिले के सभी स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों व डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिया गया है। जल्द ही जिले में आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए तिथि जल्द घोषित होगी।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिया जाएगा प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। आशा कार्यकर्ता मां व बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए काम करती हैं। इस कारण समाज में उनकी अलग पहचान है। इसको देखते हुए घरों में होने वाली हिंसा को रोकने के लिए अब आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश स्तर पर जिले के सभी स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों, पांच डाक्टरोें व कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। ये लोग अब जिले स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे।
जिले में अब तक आशा कार्यकर्ता महिलाओं, पुरुषों, नवजात और किशोर किशोरियों को होने बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक करती रही हैं लेकिन अब एक नई जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं पर विभाग की ओर से सौंपी जाएगी। जिले में 2,529 आशा कार्यकर्ता कार्यरत हैं। जो घरेलू हिंसा रोकने के लिए भी कार्य करेंगी। महिलाओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, अनावश्यक कार्य के लिए दबाव बनाने, मजदूरी करने के लिए मारपीट किए जाने आदि जैसी हिंसा आम समस्या है। इन समस्याओं से निपटने के लिए अब आशा कार्यकर्ता कार्य करेंगी। उन्हें अगर महिला हिंसा से जुड़ी जानकारी मिलती है, तो आशा कार्यकर्ता पहले विभाग को सूचना देने के साथ ही पुलिस को भी खबर करेंगी। इससे महिला हिंसा पर नियंत्रण की कोशिश की जा सकती है। एडवोकेट गंगा प्रजापति का कहना है कि सरकार की ओर से शुरू की जाने वाली यह व्यवस्था निश्चित रूप से कारगर साबित होगी। आशा कार्यकर्ताओं का कार्य क्षेत्र गांव है। इससे प्राथमिक स्तर पर महिलाओं को होने वाली परेशानी का बेहतर ढंग से पता चल जाएगा। समय रहते सही जगह पर सूचना पहुंच जाने से समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने के साथ ही आशा कार्यकर्ताओं को दी जाने वाली यह जिम्मेदारी चुनौतीपूर्ण होगी। इस व्यवस्था से महिलाओं के साथ होने वाली घरेलू हिंसा को रोकने में काफी हद मदद मिल सकती है।
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जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीरज सिंह ने कहा गृह आधारित भ्रमण कार्यक्रम के तहत आशा कार्यकर्ताओं को घरेलू हिंसा के लिए प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके लिए प्रदेश स्तर से जिले के सभी स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों व डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिया गया है। जल्द ही जिले में आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए तिथि जल्द घोषित होगी।
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