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निजी डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज परेशान

Sun, 29 Jul 2018 01:04 AM IST
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो) Updated Sun, 29 Jul 2018 01:04 AM IST
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1nijee doktaron kee hadataal se mareej pareshaan
निजी डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज परेशान - फोटो : amaruajala
अमर उजाला ब्यूरो                    
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महराजगंज। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान शनिवार को निजी डॉक्टर हड़ताल पर रहे। नर्सिंग होमों और प्राइवेट क्लीनिकों में ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। इससे मरीजों को परेशानी को सामना करना पड़ा। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की जगह राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के गठन का निजी चिकित्सक विरोध कर रहे हैं। लेगा। निजी डॉक्टरों का कहना है कि विधेयक में प्रस्ताव है कि भारतीय चिकित्सा पद्धति के चिकित्सक एक ब्रिज कोर्स पूरा कर लेने के बाद एलोपैथी डॉक्टर की तरह प्रैक्टिस कर सकते हैं। आईएमए की मांग है कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति के तहत प्रैक्टिस के लिए एमबीबीएस का मानक बना रहना चाहिए।                    

आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. सीपी सिंह ने कहा कि यह विधेयक डॉक्टरों के कामकाज को अपंग बना देगा। आईएमए के उपाध्यक्ष डॉ. पीके श्रीवास्तव, डॉ. विनय शुक्ला ने कहा है कि  केंद्र सरकार ने हमारे पास कोई विकल्प नहीं छोड़ा है। सरकार की ओर से लाए जा रहे एनएमसी विधेयक 2017 के कारण स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर गिरेगा और बेहतर चिकित्सक तैयार करने की प्रक्रिया भी बाधित होगी। डॉ. अरूण कुमार गुप्ता, डॉ. पारूल पांडेय, डॉ. निरूपमा उपाध्याय ने कहा कि सरकार जो आयुष चिकित्सकों को ब्रिज कोर्स करके एलोपैथिक डॉक्टर के बराबर रखने की व्यवस्था कर रही है वह काफी नुकसानदायक है। एलोपैथिक चिकित्सक दस-दस साल की प्रैक्टिस के बाद जो अनुभव इकट्ठा करते हैं वो दो साल के ब्रिज कोर्स से कैसे पूरा हो सकता है।
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