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रोहिन नहर प्रणाली किसानों के लिए बनी संजीवनी

Thu, 13 Jun 2019 12:25 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jun 2019 12:25 AM IST
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रोहिन नहर प्रणाली किसानों के लिए बनी संजीवनी
रोहिन नहर प्रणाली किसानों के लिए संजीवनी
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बैराज बनाए जाने की पहल से किसान खुश
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। नौतनवां तहसील क्षेत्र के किसानों के मन की मुराद करीब डेढ़ दशक में पूरी होने जा रही है। रोहिन नदी पर रतनपुर में बैराज बनाए जाने की योजना मंजूर होने से नौतनवां एवं लक्ष्मीपुर ब्लॉक के किसानों में खुशी है। बैराज बन जाने से फसलों की सिंचाई की समस्या का समाधान तो होगा ही, साथ ही बाढ़ का कहर भी लोगों को नहीं झेलना पड़ेगा। यह बैराज करीब डेढ़ दशक से ध्वस्त पड़ा था। लेकिन इसकी मरम्मत की तरफ सरकार ध्यान नहीं दे रही थी। अब सरकार इस मसले पर गंभीर हुई तो बैराज बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई।
नेपाल के बुटवल से होकर रोहिन नदी निकली है। रतनपुर गांव के पास पहले बैराज बनाकर खेत की सिंचाई होती थी। लेकिन 2004 में बैराज ध्वस्त हो गया। तब से हर साल सिंचाई विभाग रोहिन नदी पर बांध बनाकर चार महीने किसानों को पानी मुहैया कराता है। करीब डेढ़ दशक में अब बैराज का सपना पूरा होने वाला है। बैराज बन जाने से लक्ष्मीपुर व नौतनवा ब्लॉक के करीब 50 हजार एकड़ कृषि भूमि को फसलों की सिंचाई के लिए पूरे साल पानी मिल सकेगा। क्षेत्र के किसान बैराज ध्वस्त होने से परेशान थे। जब उन्हें यह पता चला कि सरकार इसे बनवाने के लिए मंजूरी दे दी है तो सभी खुश हैं।
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बैरवां बनकटवां के चंद्रजीत, मंसूर आलम, महबूब ने बताया कि बैराज ध्वस्त होने से फसलों की सिंचाई में दिक्कत होती थी। बारिश का इंतजार करना पड़ता है। इससे पैदावार भी प्रभावित हो गई। बरसात के समय में तो फसलों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही रहती है। जब बैराज बनकर तैयार हो जाएगा तो सिंचाई के साथ ही बाढ़ कहर से ही मुक्ति मिल जाएगी। सोनपिपरी के प्रमोद यादव ने कहा कि सरकार किसानों की समस्या के प्रति अब गंभीर हुई है। पानी का स्तर नीचे होने के कारण बोरिंग भी सफल नहीं है। ऐसे में बारिश के भरोसे ही सिंचाई होती है।
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सिंचाई विभाग के अवर अभियंता शंभू नाथ कुशवाहा ने बताया कि बैराज के निर्माण की अनुमति मिल चुकी है। निविदा आमंत्रित की गई है। निविदा की अंतिम तिथि 15 जून है। प्रक्रिया पूरी करने के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। बैराज बन जाने से क्षेत्र में सिंचाई की समस्या दूर हो जाएगी। किसानों को पूरे साल सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।
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