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वट सावित्री व्रत रखकर की पति की लंबी उम्र की कामना
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वट सावित्री व्रत रखकर की पति की लंबी उम्र की कामना
शहर से लेकर गांव तक कई स्थानों पर हुई पूजा-अर्चना
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। वट सावित्री व्रत रख कर सोमवार को महिलाओं ने पति की लंबी उम्र की कामना की। शहर में तमाम स्थानों पर महिलाओं ने वट वृक्ष के पास विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। लोहिया नगर, चिऊरहां नहर के पास, सिंचाई कालोनी, अमरूतियां समेत अन्य मोहल्ले में वट वृक्ष के पास पूजा-अर्चना हुई। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में वट वृक्ष के पास काफी भीड़ लगी रही।
मान्यता है कि यह व्रत करने से पति पर आए संकट दूर हो जाते हैं। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या वट सावित्री अमावस्या कहलाती है। इस दिन महिलाएं सौभाग्य प्राप्त करने के लिए व्रत रख कर वट वृक्ष और यमदेव की पूजा करती हैं। भारतीय संस्कृति में यह व्रत आदर्श नारीत्व का प्रतीक है। वट सावित्री व्रत में वट और सावित्री दोनों का विशेष महत्व है। पंडित रामकृष्ण त्रिपाठी ने बताया कि वट सावित्री व्रत के रूप में वट वृक्ष की पूजा का यह विधान भारतीय संस्कृति की गौरव और गरिमा का प्रतीक है।
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शहर से लेकर गांव तक कई स्थानों पर हुई पूजा-अर्चना
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। वट सावित्री व्रत रख कर सोमवार को महिलाओं ने पति की लंबी उम्र की कामना की। शहर में तमाम स्थानों पर महिलाओं ने वट वृक्ष के पास विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। लोहिया नगर, चिऊरहां नहर के पास, सिंचाई कालोनी, अमरूतियां समेत अन्य मोहल्ले में वट वृक्ष के पास पूजा-अर्चना हुई। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में वट वृक्ष के पास काफी भीड़ लगी रही।
मान्यता है कि यह व्रत करने से पति पर आए संकट दूर हो जाते हैं। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या वट सावित्री अमावस्या कहलाती है। इस दिन महिलाएं सौभाग्य प्राप्त करने के लिए व्रत रख कर वट वृक्ष और यमदेव की पूजा करती हैं। भारतीय संस्कृति में यह व्रत आदर्श नारीत्व का प्रतीक है। वट सावित्री व्रत में वट और सावित्री दोनों का विशेष महत्व है। पंडित रामकृष्ण त्रिपाठी ने बताया कि वट सावित्री व्रत के रूप में वट वृक्ष की पूजा का यह विधान भारतीय संस्कृति की गौरव और गरिमा का प्रतीक है।
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