{"_id":"5952a9bc4f1c1b82208b47a5","slug":"151498589628-maharajganj-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों की उपस्थिति कम तो रुकेगा शिक्षक का वेतन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों की उपस्थिति कम तो रुकेगा शिक्षक का वेतन
Updated Wed, 28 Jun 2017 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। मंगलवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में स्कूलों में पठन-पाठन व्यवस्था दुरुस्त करने और बच्चों का ठहराव सुनिश्चित कराने पर जोर दिया गया। सीडीओ रामनेवास ने बच्चों की उपस्थिति के लिए शिक्षकों को जिम्मेदार मानते हुए कहा कि बच्चों की उपस्थिति अगर 50 प्रतिशत से कम हुई तो शिक्षक का वेतन रोक दिया जाएगा। बैठक में पहली जुलाई से परिषदीय स्कूलों में मध्यान्ह भोजन शुरू करने सहित स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति आदि मसले पर विस्तार से चर्चा हुई।
सीडीओ रामनेवास ने कहा कि बच्चों को बेहतर मध्यान्ह भोजन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सोमवार को फल और बुधवार को बच्चों को दूध दिया जाएगा। अगर इसमें लापरवाही हुई तो संबधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। स्कूलों में जांच के दौरान मध्यान्ह भोजन के गुणवत्ता की जांच भी करनी जरूरी है। अगर सीडीपीओ आंगनबाड़ी केंद्र की जांच करने जाएं तो वे भी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के गुणवत्ता की परख करें। खाद्य सुरक्षा अधिकारी मध्यान्ह भोजन का नमूना लेकर जांच के लिए भेजेंगे। गोदाम से खाद्यान्न उठान की सूचना एसएमआई सीधे बीईओ को देंगे, जिससे यह पता चल सकेगा कि कोटेदार के वहा राशन पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में 6 सदस्यीय मां समूह का गठन जल्दी कर लें। इस समूह के प्रत्येक सदस्य बारी-बारी से एक-एक दिन मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता देखेंगे।
इस दौरान सीएमओ डॉ. आरके तिवारी, डीडीओ राधेश्याम, डीपीआरओ नित्यानंद, डीपीओ गायत्री सिंह, डिप्टी आरएमओ अजित कुमार त्रिपाठी, समाज कल्याण अधिकारी सुरेशचंद्र, एमडीएम जिला समन्वयक शैलेंद्र वर्मा के अलावा सभी खंड शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीडीओ रामनेवास ने कहा कि बच्चों को बेहतर मध्यान्ह भोजन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सोमवार को फल और बुधवार को बच्चों को दूध दिया जाएगा। अगर इसमें लापरवाही हुई तो संबधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। स्कूलों में जांच के दौरान मध्यान्ह भोजन के गुणवत्ता की जांच भी करनी जरूरी है। अगर सीडीपीओ आंगनबाड़ी केंद्र की जांच करने जाएं तो वे भी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के गुणवत्ता की परख करें। खाद्य सुरक्षा अधिकारी मध्यान्ह भोजन का नमूना लेकर जांच के लिए भेजेंगे। गोदाम से खाद्यान्न उठान की सूचना एसएमआई सीधे बीईओ को देंगे, जिससे यह पता चल सकेगा कि कोटेदार के वहा राशन पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में 6 सदस्यीय मां समूह का गठन जल्दी कर लें। इस समूह के प्रत्येक सदस्य बारी-बारी से एक-एक दिन मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता देखेंगे।
विज्ञापन
इस दौरान सीएमओ डॉ. आरके तिवारी, डीडीओ राधेश्याम, डीपीआरओ नित्यानंद, डीपीओ गायत्री सिंह, डिप्टी आरएमओ अजित कुमार त्रिपाठी, समाज कल्याण अधिकारी सुरेशचंद्र, एमडीएम जिला समन्वयक शैलेंद्र वर्मा के अलावा सभी खंड शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन