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देवदह रामग्राम के उद्धार को लेकर आन्दोलन की चेतावनी
Updated Thu, 11 Oct 2018 11:57 PM IST
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देवदह के विकास के लिए करेंगे आंदोलन
एक नवंबर को मुड़ली चौराहे धरना देने की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। देवदह राम ग्राम के विकास एवं बौद्ध-परिपथ के निर्माण के लिए देवदह बौद्ध विकास समिति की ओर से बृहस्पतिवार को डीएम को ज्ञापन दिया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं र्हुइं तो एक नवंबर को मुड़ली चौराहे पर धरना देंगे।
देवदह बौद्ध समिति से जुड़े डॉक्टर परशुराम ने कहा कि भगवान बुद्ध का जिले से गहरा संबंध है। इसी जिले में उनका ननिहाल देवदह बनरसिहां कला तथा राम ग्राम स्थित है। यहां कुंवरवर्ती का स्थल चिउंटहा भी स्थित है। वर्तमान में इस स्थान को कुंनरबाती के थान के नाम से भी जाना जाता है। गृहत्याग के पश्चात भागवान बुद्ध कपिलवस्तु बार्डर मोहाना, लोटन, कोल्हुई, एकसड़वा, मोगलहा, बनरसिया, जंगल गुलरिया, चानकीघाट, बागापार घुघली होते हुए कुशीनगर पहुंचे थे। इसीलिए इस पथ को बौद्ध परिपथ के नाम से जाना गया। इस सड़क के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग के गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर इकाई की तरफ से सड़क निर्माण की जो योजना प्रस्तावित की गई है, वह पिपरहवा, कोल्हुई, बनरसिया, घुघली होती हुई कुुशीनगर तक जाती है। इस कार्य का अनुमोदन तथा वित्तीय स्वीकृति भी वर्ष 2003 में की गई थी लेकिन वर्तमान में घोषित बौद्ध परिपथ में कुशीनगर से गोरखपुर को जोड़ते हुए इसे सीधे कपिलवस्तु से मिला दिया गया है और पूर्व निर्धारित बौद्ध परिपथ को छोड़ दिया गया है। देवदह बौद्ध विकास समिति के अध्यक्ष जितेंद्र राव ने कहा कि देवदह एवं रामग्राम क्षेत्र में उत्खनन कराकर पवित्र बौद्ध स्थलों का विकास किया जाना चाहिए। एकमा डिपो ट्राम वे रेल परियोजना को संचालित कर देवदह से जोड़ा जाना चाहिए। देवदह के विकास की तरफ से समिति के लोग एक नवंबर को मुड़ली चौराहे पर धरना देंगे। धरने में समिति के सदस्यों के अलावा क्षेत्र के तमाम लोग भी शामिल होंगे। इस दौरान डॉक्टर एलबी प्रसाद, डॉक्टर एसएस पटेल, कपिलदेव प्रजापति, लक्ष्मीचंद पटेल, मुकेश राजभर आदि मौजूद रहे।
एक नवंबर को मुड़ली चौराहे धरना देने की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। देवदह राम ग्राम के विकास एवं बौद्ध-परिपथ के निर्माण के लिए देवदह बौद्ध विकास समिति की ओर से बृहस्पतिवार को डीएम को ज्ञापन दिया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं र्हुइं तो एक नवंबर को मुड़ली चौराहे पर धरना देंगे।
देवदह बौद्ध समिति से जुड़े डॉक्टर परशुराम ने कहा कि भगवान बुद्ध का जिले से गहरा संबंध है। इसी जिले में उनका ननिहाल देवदह बनरसिहां कला तथा राम ग्राम स्थित है। यहां कुंवरवर्ती का स्थल चिउंटहा भी स्थित है। वर्तमान में इस स्थान को कुंनरबाती के थान के नाम से भी जाना जाता है। गृहत्याग के पश्चात भागवान बुद्ध कपिलवस्तु बार्डर मोहाना, लोटन, कोल्हुई, एकसड़वा, मोगलहा, बनरसिया, जंगल गुलरिया, चानकीघाट, बागापार घुघली होते हुए कुशीनगर पहुंचे थे। इसीलिए इस पथ को बौद्ध परिपथ के नाम से जाना गया। इस सड़क के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग के गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर इकाई की तरफ से सड़क निर्माण की जो योजना प्रस्तावित की गई है, वह पिपरहवा, कोल्हुई, बनरसिया, घुघली होती हुई कुुशीनगर तक जाती है। इस कार्य का अनुमोदन तथा वित्तीय स्वीकृति भी वर्ष 2003 में की गई थी लेकिन वर्तमान में घोषित बौद्ध परिपथ में कुशीनगर से गोरखपुर को जोड़ते हुए इसे सीधे कपिलवस्तु से मिला दिया गया है और पूर्व निर्धारित बौद्ध परिपथ को छोड़ दिया गया है। देवदह बौद्ध विकास समिति के अध्यक्ष जितेंद्र राव ने कहा कि देवदह एवं रामग्राम क्षेत्र में उत्खनन कराकर पवित्र बौद्ध स्थलों का विकास किया जाना चाहिए। एकमा डिपो ट्राम वे रेल परियोजना को संचालित कर देवदह से जोड़ा जाना चाहिए। देवदह के विकास की तरफ से समिति के लोग एक नवंबर को मुड़ली चौराहे पर धरना देंगे। धरने में समिति के सदस्यों के अलावा क्षेत्र के तमाम लोग भी शामिल होंगे। इस दौरान डॉक्टर एलबी प्रसाद, डॉक्टर एसएस पटेल, कपिलदेव प्रजापति, लक्ष्मीचंद पटेल, मुकेश राजभर आदि मौजूद रहे।
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