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(स्कूल बस) कृपया संशोधित फाइल लगाने की कृपा करें

Fri, 22 Apr 2022 12:24 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 22 Apr 2022 12:24 AM IST
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118 shool buses ran in district
सड़क पर दौड़ रहे 118 अनफिट स्कूली वाहन, एआरटीओ ने भेजा नोटिस
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महराजगंज। जिले में विद्यार्थियों को स्कूल लाने और वापस छोड़ने वाले 118 स्कूली वाहन जांच में अनफिट मिले हैं। आरटीओ ने इन सभी स्कूली वाहनों को फौरन फिटनेस कराने का नोटिस दिया है। इसके अलावा ज्यादातर स्कूली वाहनों में अग्निशमन की व्यवस्था नहीं है। बुधवार को गाजियाबाद में स्कूली बस को लापरवाही से मोड़ने के कारण बस में बैठे छात्र की मौत हो गई थी। इस दुर्घटना को देखते हुए शहर के स्कूल बसों की पड़ताल की गई तो बड़ी संख्या में बसों में सुरक्षा मानक का पूरा पालन होता नहीं दिखा। कुछ बच्चे बस में अंदर बोनट पर बैठे दिखे।
बृहस्पतिवार को स्कूल बसों की पडताल के दौरान सिर्फ गिने चुने स्कूलों में अग्निशमन यंत्र दिखे। छोटे वाहनों में तो वह भी व्यवस्था नहीं दिखी। गर्मी को देखते हुए ज्यादातर बसों में क्षमता के अनुसार बच्चे बैठे मिले, लेकिन कुछ बसों में बोनट पर बैग रखकर बच्चा बैठा हुआ दिखा। 713 स्कूली वाहनों में 118 अनफिट वाहनों की फिटनेस कराने के लिए एआरटीओ ने नोटिस भेजा है। उधर, पीटीओ मथुरा प्रसाद ने जिले में 16 स्कूल वाहनों की जांच की, जिसमें एक स्कूल वाहन के अनफिट मिलने पर चालान कर दिया गया।
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स्कूल प्रबंधन की ओर से एडमिशन के समय ही वाहन से लाने, ले जाने के लिए फीस ली जाती है। उनको ध्यान देना चाहिए की क्षमता से अधिक बच्चों को बस में न बैठाएं। आते जाते समय स्वयं बच्चे की सुरक्षा की निगरानी करनी पड़ती है। -सनेही गुप्ता, अभिभावक
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कभी-कभी वाहन समय पर नहीं पहुंच पाता है। इससे बच्चे को अपने वाहन से स्कूल छोड़ना पड़ता है। बच्चे को ले जाने वाले वाहन में अटेंडेंट भी रहता है। अटेंडेंट पर ही बच्चे की सुरक्षा की जिम्मेदारी रहती है।
- अमितेश गुप्ता, अभिभावक
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स्कूल में अपनी स्वयं की बसें चलती हैं। इन बसों में सुरक्षा मानकों का खास ख्याल रखा जा रहा है। स्कूल बस के ड्राइवरों व खलासी पर विशेष नजर रखी जाती है। - महेंद्रानंद जायसवाल, सचिव, महाराजगंज डिस्ट्रिक स्कूल एसोसिएशन

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स्कूल बसों की समय समय पर जांच की जाती है। नियम के विपरित संचालन होता मिलता है तो कार्रवाई की जाती है। सभी स्कूल संचालकों को नियम का पालन करते हुए बसों के संचालन का निर्देश दिया गया है। 16 वाहनों की जांच में एक स्कूल बस अनफिट मिलने पर चालान कर दिया गया।
आरसी भारतीय, एआरटीओ
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इन नियमों का पालन स्कूल बसों में जरूरी
-स्कूल का नाम और फोन नंबर बस पर लिखा होना चाहिए।
- दरवाजे में ताला लगा हो और सीटों के बीच पर्याप्त जगह होनी चाहिए।
- चालक को कम से कम पांच साल का वाहन चलाने का अनुभव हो।
- ट्रांसपोर्ट परिमट होना चाहिए।
- सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार स्कूल बस पीले रंग से पेंट होनी चाहिए।
- बस के आगे व पीछे ऑन स्कूल ड्यूटी लिखा हो।
- सभी खिड़कियों के बाहर लोहे की ग्रिल होनी चाहिए।
- अग्निशमन यंत्र लगा हो।
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अभिभावकों को बरतनी चाहिए सावधानी
-ध्यान रखें कि कहीं चालक नशे में तो नहीं है।
- बस में हेल्पर के साथ स्कूल के जिम्मेदार शिक्षक हैं या नहीं।
- बच्चों के आने और जाने के समय पर ध्यान रखें।
- बस के अंदर बच्चों को बैठने को जगह मिलती है या नहीं।
- बस खड़ी होने पर ही बच्चों को चढ़ाएं।
- चालक की हरकतों पर नजर रखें।
- बस में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।
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