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पीजी कालेज के शिक्षक कर्मचारी ने किया कार्य बहिष्कार
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:23 AM IST
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शिक्षकों व कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार
पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी कॉलेज के शिक्षकों ने विश्वविद्यालय-महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान के आह्वान पर पुरानी पेंशन की बहाली के लिए काली पट्टी बांधकर कार्य बहिष्कार किया। शिक्षकों ने कहा कि सातवें वेतन आयोग को लागू करने, महाविद्यालयों में प्रोफेसर पदनाम देने, सेवानिवृत्त की आयु 65 वर्ष करने, कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान करने की मांग की जा रही है।
शिक्षक संघ अध्यक्ष एवं प्राचार्य डॉ. महेष मणि त्रिपाठी ने कहा कि सरकार उदासीनता बरती रही है। सरकार शिक्षकों व कर्मचारियों की जायज मांगें नहीं मान रही है। पेंशन बुढ़ापे की लाठी है। बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश प्रसाद ने कहा कि सातवां वेतन आयोग अभी तक लागू नहीं करना सरकार की शिक्षक व कर्मचारी विरोधी मानसिकता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन 14 अगस्त को भी चलेगा। 28 अगस्त को शिक्षक कलेक्ट्रेट पर धरना देंगे। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि 29, 30, 31 अगस्त को प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार किया जाएगा। यदि सरकार ने मांगें नहीं मानी तो परिणाम गंभीर होगा। इस दौरान डॉ. सुनीता त्रिपाठी, डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव, डॉ. विजय आनंद मिश्र, डॉ. राणा प्रताप तिवारी, डॉ. देवेंद्र पाठक, डॉ. नंदिता मिश्र, डॉ. केआर यादव, प्रभाकर दूबे, डॉ. अक्षय कुमार, डॉ. शैलेंद्र उपाध्याय, डॉ. गोपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
इनसेट
काली पट्टी बांध कर जताया विरोध
फरेंदा। सातवें वेतन समेत अन्य मांगों को लेकर लाल बहादुर शास्त्री स्मारक पीजी कॉलेज आंनदनगर के शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर धरना देकर विरोध जताया। इस दौरान दौरान डॉ. किरन सिंह व डॉ. राम पांडेय ने कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के संयुक्त आह्वान पर सातवें वेंतन आयोग का लाभ देने, सेवानिवृत्ति 65 वर्ष करने व विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के रेगुलेशन 2018 के अनुसार महाविद्यालय के शिक्षकों को प्रोफेसर का पद नाम देने के लिए दो दिवसीय धरना शुरू किया गया है। इस दौरान डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र, डॉ. तृप्ति त्रिपाठी, डॉ. शिव प्रताप सिंह सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।
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पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी कॉलेज के शिक्षकों ने विश्वविद्यालय-महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान के आह्वान पर पुरानी पेंशन की बहाली के लिए काली पट्टी बांधकर कार्य बहिष्कार किया। शिक्षकों ने कहा कि सातवें वेतन आयोग को लागू करने, महाविद्यालयों में प्रोफेसर पदनाम देने, सेवानिवृत्त की आयु 65 वर्ष करने, कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान करने की मांग की जा रही है।
शिक्षक संघ अध्यक्ष एवं प्राचार्य डॉ. महेष मणि त्रिपाठी ने कहा कि सरकार उदासीनता बरती रही है। सरकार शिक्षकों व कर्मचारियों की जायज मांगें नहीं मान रही है। पेंशन बुढ़ापे की लाठी है। बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश प्रसाद ने कहा कि सातवां वेतन आयोग अभी तक लागू नहीं करना सरकार की शिक्षक व कर्मचारी विरोधी मानसिकता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन 14 अगस्त को भी चलेगा। 28 अगस्त को शिक्षक कलेक्ट्रेट पर धरना देंगे। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि 29, 30, 31 अगस्त को प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार किया जाएगा। यदि सरकार ने मांगें नहीं मानी तो परिणाम गंभीर होगा। इस दौरान डॉ. सुनीता त्रिपाठी, डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव, डॉ. विजय आनंद मिश्र, डॉ. राणा प्रताप तिवारी, डॉ. देवेंद्र पाठक, डॉ. नंदिता मिश्र, डॉ. केआर यादव, प्रभाकर दूबे, डॉ. अक्षय कुमार, डॉ. शैलेंद्र उपाध्याय, डॉ. गोपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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काली पट्टी बांध कर जताया विरोध
फरेंदा। सातवें वेतन समेत अन्य मांगों को लेकर लाल बहादुर शास्त्री स्मारक पीजी कॉलेज आंनदनगर के शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर धरना देकर विरोध जताया। इस दौरान दौरान डॉ. किरन सिंह व डॉ. राम पांडेय ने कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के संयुक्त आह्वान पर सातवें वेंतन आयोग का लाभ देने, सेवानिवृत्ति 65 वर्ष करने व विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के रेगुलेशन 2018 के अनुसार महाविद्यालय के शिक्षकों को प्रोफेसर का पद नाम देने के लिए दो दिवसीय धरना शुरू किया गया है। इस दौरान डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र, डॉ. तृप्ति त्रिपाठी, डॉ. शिव प्रताप सिंह सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।
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