{"_id":"5acfa0f84f1c1b5e3e8b4d26","slug":"11523556600-maharajganj-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फोरलेन निर्माण में धनाभाव का ब्रेक, थमी रफ्तार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फोरलेन निर्माण में धनाभाव का ब्रेक, थमी रफ्तार
Updated Fri, 13 Apr 2018 12:00 AM IST
विज्ञापन
road
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
महराजगंज। कतरारी से परतावल के बीच बन रहे फोरलेन का काम धन की कमी से ठप पड़ गया है। एक अरब तीन करोड़ की इस परियोजना के लिए अब तक कुल 35 करोड़ रुपये मिले हैं। ये पैसे खर्च हो चुके हैं और धन की कमी से काम बंद पड़ा हुआ है। इस फोरलेन को दिसंबर 2018 तक पूरा किया जाना है, लेकिन निर्माण कार्य की रफ्तार देखकर ऐसा होता नहीं दिख रहा। जिले के लोग भी सरकारी रवैये को देख निराश हैं। उनका कहना है कि इस रफ्तार से निर्माण कार्य हुआ तो फोरलेन कब तैयार होगा इसका अनुमान भी लगाना मुश्किल है।
करतारी से परतावल के बीच फोरलेन के निर्माण की मंजूरी समाजवादी पार्टी की सरकार से समय में मिली थी। इसका निर्माण कार्य अप्रैल 2016 में शुरू हुआ था। 11 किमी. सड़क को फोरलेन में बदलने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड को सौंपी गई है। यह मार्ग गोरखपुर से परतावल के बीच बन रहे फोरलेन का हिस्सा है। जिले में फोरलेन का काम बंद होने से लोग निराश हैं। उनका कहना है कि इस साल भी बारिश में उन्हें परेशानी झेलनी होगी। फोरलेन निर्माण की वजह से इस सड़क को कई जगह खोद कर छोड़ दिया गया है, जिसकी वजह से राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है। सबसे खास बात है कि यह मार्ग सीधे महराजगंज जिला मुख्यालय को जाता है। इस वजह से इसे जिले की लाइफ लाइन माना जाता है, लेकिन निर्माण कार्य में रुकावट से लोगों की उम्मीदें टूटने लगी हैं।
विज्ञापन
धन की कमी से काम बंद : अधिशासी अभियंता
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता सचिन कुमार ने बताया कि कतरारी-परतावल फोरलेन के निर्माण के लिए एक अरब तीन करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। इसमें से 35 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए हैं। वर्ष 2015-16 में 10 करोड़ रुपये, वर्ष 2016-17 में 15 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2017-18 में 10 करोड़ रुपये मिले। ये पैसे खर्च हो चुके हैं। मौजूदा समय में धन की कमी से फोरलेन का काम रुका पड़ा है। शासन से धन की मांग की गई है। रकम मिलते ही फिर काम शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन