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Maharajganj News: चार महीने से बंद 500 एलपीएम ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत शुरू

Sun, 06 Sep 2026 01:58 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2026 01:58 AM IST
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Repairs begin on 500 LPM oxygen plant that had been shut down for four months.
14.23 लाख रुपये में होगा काम, तीन इंजीनियरों की टीम एक-एक मशीन की कर रही जांच
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पीएम केयर्स फंड से लगा था प्लांट, जर्मनी से मंगाया गया जरूरी केमिकल
महराजगंज। जिला संयुक्त चिकित्सालय परिसर में करीब चार महीने से बंद पड़े 500 लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) क्षमता के पीएसए ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत आखिरकार शुरू हो गई है।
पीएम केयर्स फंड से लगाए गए इस प्लांट में कई मशीनों में खराबी आने के बाद ऑक्सीजन का उत्पादन ठप था। अब उत्तर प्रदेश सरकार के टेंडर के तहत सायरिक्स हेल्थ केयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी दी गई है। कंपनी के तीन इंजीनियर मशीनों की जांच और मरम्मत में जुटे हैं। इसके लिए 14.23 लाख रुपये का खर्च निर्धारित किया गया है।
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सीएमएस डॉ. एके दिवेदी ने बताया कि प्लांट में एक साथ कई तकनीकी खराबियां सामने आई थीं। इसके चलते करीब चार महीने से प्लांट बंद था। अब कंपनी की तकनीकी टीम एक-एक उपकरण की जांच कर रही है। जिस मशीन या उपकरण में खराबी मिल रही है, उसे दुरुस्त किया जा रहा है। मरम्मत कार्य में इस्तेमाल होने वाले आवश्यक केमिकल को जर्मनी से मंगाया गया है। तकनीकी टीम के पहुंचने के बाद खराब मशीनों को खोलकर उनकी स्थिति की जांच की जा रही है।
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वर्क ऑर्डर के बाद शुरू हुआ काम
ऑक्सीजन प्लांट की खराबी सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने इसकी मरम्मत के लिए तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू की थी। अपर निदेशक (विद्युत), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश लखनऊ को भेजे गए पत्र में प्लांट की मशीनों की रिपेयरिंग के लिए कंपनी की ओर से उपलब्ध कराए गए कोटेशन का उल्लेख किया गया था। कंपनी के निरीक्षण में प्लांट की कई मशीनों में मरम्मत की आवश्यकता बताई गई थी। अस्पताल प्रशासन की ओर से आठ जून 2026 को भेजे गए पत्र में 14.23 लाख रुपये के कोटेशन का उल्लेख करते हुए तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया था। इसमें सभी कर शामिल हैं। स्वीकृति और प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंपनी को वर्क ऑर्डर दिया गया। इसके बाद तीन इंजीनियरों की टीम ने 31 अगस्त से मौके पर पहुंचकर काम शुरू कर दिया।
500 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता
500 एलपीएम क्षमता का मतलब है कि प्लांट एक मिनट में अधिकतम 500 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन कर सकता है। अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों, आईसीयू और अन्य जरूरतमंद मरीजों के लिए यह प्लांट महत्वपूर्ण है। कोरोना संक्रमण के दौरान अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पीएम केयर्स फंड से जिले में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए थे।

वर्जन
खराब पड़े ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत कराई जा रही है। इसके लिए वर्क ऑर्डर दे दिया गया है। कंपनी के इंजीनियर मौके पर पहुंचकर मशीनों की जांच और मरम्मत कर रहे हैं। आवश्यक सामग्री भी मंगाई गई है। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद जल्द ही ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो सकेगा।
- डॉ. एके द्विवेदी,सीएमएस
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