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पति की पूजा कर खोला व्रत
lalitpur
Updated Sun, 28 Oct 2018 12:49 AM IST
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karwachath
- फोटो : demo
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शनिवार को कस्बा एवं ग्रामीण क्षेत्रों में करवाचौथ त्यौहार धूमधाम से मनाया गया।
इससे पहले व्रत रखे महिलाएं अपने पति के साथ तो कोई अपने सखी के साथ खरीदारी के लिए बाजार पहुंची। खरीदारी के दौरान किसी ने अपनी पत्नी के लिए गहने तो किसी ने कपडे़ खरीदे। बाजार में गिफ्ट आइटम के साथ साथ ब्यूटी पार्लर भरे नजर आए। साथ ही कस्बे की मिठाइयों की दुकानों पर खासी भीड़ रही।
कस्बा एवं ग्रामीण क्षेत्रों में करवाचौथ पर महिलाओं ने अपने सुहाग की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखा। रात में चंद्रमा में माता गौरी भगवान शिव एवं पति की पूजा कर व्रत खोला। करवाचौथ पर्व पर घरों में खाने के लिए कई तरह के व्यंजन बनाए गए। करवा चौथ के व्रत को लेकर सभी उम्र की महिलाओं में खासा उत्साह रहा। वहीं बुजुर्ग महिलाओं ने बहुओं को व्रत रखने की परंपरा को बरकरार रखने के लिए उन्हे प्रोत्साहित किया। व्रत रखी महिलाओं का कहना है कि जिन पतियों ने उनके लिए व्रत रखा है उन्हें उन पर गर्भ है। शाम को नव विवाहित महिलाएं चांद देखने के लिए बेताब रही। उनका कहना है कि शादी के बाद पहले करवा चौथ का बेसब्री से इंतजार था। कस्बे के मोहल्ला निवासी सोहनी गुप्ता का कहना है कि यह त्योहार पति-पत्नी को जोड़ने वाला पर्व है। वहीं, अंबेडकर नगर निवासी रामकुमारी राठौर का कहना है कि करवा चौथ का पर्व ऊर्जा और उमंग का पर्व है। एक सप्ताह पहले से पर्व की तैयारी शुरू कर दी थी। शाम को चांद की पूजा में चने की दाल का प्रसाद शुभ रहता है। पर्व को लेकर सुबह से ही घरों में काफी उत्साह रहा। शाम होते ही त्योहार का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। सुहागन महिलाओं ने चंद्रमा का उदय होते ही घरों में पूजा शुरू कर दी। महिलाओं ने शिव गौरी और पति की पूजा की। महिलाओं ने मिट्टी के शक्कर के भरे करवा में लड्डू भरकर दिए। एवं अखंड सौभाग्यवती का वरदान मांगा।
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इससे पहले व्रत रखे महिलाएं अपने पति के साथ तो कोई अपने सखी के साथ खरीदारी के लिए बाजार पहुंची। खरीदारी के दौरान किसी ने अपनी पत्नी के लिए गहने तो किसी ने कपडे़ खरीदे। बाजार में गिफ्ट आइटम के साथ साथ ब्यूटी पार्लर भरे नजर आए। साथ ही कस्बे की मिठाइयों की दुकानों पर खासी भीड़ रही।
कस्बा एवं ग्रामीण क्षेत्रों में करवाचौथ पर महिलाओं ने अपने सुहाग की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखा। रात में चंद्रमा में माता गौरी भगवान शिव एवं पति की पूजा कर व्रत खोला। करवाचौथ पर्व पर घरों में खाने के लिए कई तरह के व्यंजन बनाए गए। करवा चौथ के व्रत को लेकर सभी उम्र की महिलाओं में खासा उत्साह रहा। वहीं बुजुर्ग महिलाओं ने बहुओं को व्रत रखने की परंपरा को बरकरार रखने के लिए उन्हे प्रोत्साहित किया। व्रत रखी महिलाओं का कहना है कि जिन पतियों ने उनके लिए व्रत रखा है उन्हें उन पर गर्भ है। शाम को नव विवाहित महिलाएं चांद देखने के लिए बेताब रही। उनका कहना है कि शादी के बाद पहले करवा चौथ का बेसब्री से इंतजार था। कस्बे के मोहल्ला निवासी सोहनी गुप्ता का कहना है कि यह त्योहार पति-पत्नी को जोड़ने वाला पर्व है। वहीं, अंबेडकर नगर निवासी रामकुमारी राठौर का कहना है कि करवा चौथ का पर्व ऊर्जा और उमंग का पर्व है। एक सप्ताह पहले से पर्व की तैयारी शुरू कर दी थी। शाम को चांद की पूजा में चने की दाल का प्रसाद शुभ रहता है। पर्व को लेकर सुबह से ही घरों में काफी उत्साह रहा। शाम होते ही त्योहार का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। सुहागन महिलाओं ने चंद्रमा का उदय होते ही घरों में पूजा शुरू कर दी। महिलाओं ने शिव गौरी और पति की पूजा की। महिलाओं ने मिट्टी के शक्कर के भरे करवा में लड्डू भरकर दिए। एवं अखंड सौभाग्यवती का वरदान मांगा।
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