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Lalitpur News: श्रद्धा के साथ मनाया गया भगवान का जन्म कल्याणक
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ललितपुर। मुनि सुप्रभसागर महाराज, मुनि प्रणतसागर महाराज , मुनि सौम्य सागर महाराज के सान्निध्य में मड़ावरा विकासखंड में स्थित अतिशय क्षेत्र कारीटोरन में मुनिसंघ के सान्निध्य में बुधवार को पंचकल्याणक महोत्सव में भगवान का जन्म कल्याणक श्रद्धा और आस्था पूर्वक मनाया गया।
सर्वप्रथम पात्र शुद्धि, अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन किया गया। प्रतिष्ठाचार्य ने तीर्थंकर बालक के जन्म होने की घोषणा की तो श्रद्धालुओं में खुशी छा गई। श्रद्धालु भावी तीर्थंकर भगवान के जन्म की खुशियां बांटने लगे। दोपहर में तीर्थंकर बालक का जन्माभिषेक जुलूस निकाला गया। तीर्थंकर बालक कोसौधर्म इंद्र ने पांडुक शिला पर ले जाकर अभिषेक कराया। इस मौके पर राज्य मंत्री मनोहर लाल पंथ, जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश निरंजन , भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार जैन, रजऊ राजा आदि शामिल रहे।
बचपन में डाले गए संस्कार जीवन भर साथ देते-मुनि सुप्रभसागर
ललितपुर। मुनि सुप्रभ सागर महाराज ने कहा कि भावी तीर्थंकर जो आज बालक रूप में जन्मा है, उसके जन्म पर प्रतिदिन करोड़ों रत्नों की वर्षा देव करते हैं। लेकिन तीर्थंकर के लिए तो यह सब माया है। जो बालक इन रत्नों पर पैर रखकर चलने वाला है वह रत्नत्रय को प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि बचपन में डाले गए संस्कार जीवन भर साथ देते हैं। बच्चों में ऐसे संस्कार डालो जिससे आपका नाम रोशन करे। पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव जैन समाज का सर्वाधिक महत्वपूर्ण नैमित्तिक महोत्सव है। यह आत्मा से परमात्मा बनने की प्रक्रिया का महोत्सव है। पौराणिक पुरुषों के जीवन का संदेश घर-घर पहुंचाने के लिए इन महोत्सवों में पात्रों का अवलंबन लेकर सक्षम जीवन यात्रा को रेखांकित किया जाता है।ब्यूरो
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सर्वप्रथम पात्र शुद्धि, अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन किया गया। प्रतिष्ठाचार्य ने तीर्थंकर बालक के जन्म होने की घोषणा की तो श्रद्धालुओं में खुशी छा गई। श्रद्धालु भावी तीर्थंकर भगवान के जन्म की खुशियां बांटने लगे। दोपहर में तीर्थंकर बालक का जन्माभिषेक जुलूस निकाला गया। तीर्थंकर बालक कोसौधर्म इंद्र ने पांडुक शिला पर ले जाकर अभिषेक कराया। इस मौके पर राज्य मंत्री मनोहर लाल पंथ, जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश निरंजन , भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार जैन, रजऊ राजा आदि शामिल रहे।
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बचपन में डाले गए संस्कार जीवन भर साथ देते-मुनि सुप्रभसागर
ललितपुर। मुनि सुप्रभ सागर महाराज ने कहा कि भावी तीर्थंकर जो आज बालक रूप में जन्मा है, उसके जन्म पर प्रतिदिन करोड़ों रत्नों की वर्षा देव करते हैं। लेकिन तीर्थंकर के लिए तो यह सब माया है। जो बालक इन रत्नों पर पैर रखकर चलने वाला है वह रत्नत्रय को प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि बचपन में डाले गए संस्कार जीवन भर साथ देते हैं। बच्चों में ऐसे संस्कार डालो जिससे आपका नाम रोशन करे। पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव जैन समाज का सर्वाधिक महत्वपूर्ण नैमित्तिक महोत्सव है। यह आत्मा से परमात्मा बनने की प्रक्रिया का महोत्सव है। पौराणिक पुरुषों के जीवन का संदेश घर-घर पहुंचाने के लिए इन महोत्सवों में पात्रों का अवलंबन लेकर सक्षम जीवन यात्रा को रेखांकित किया जाता है।ब्यूरो
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