{"_id":"5edd30e18ebc3e90896a2f81","slug":"wheat-sand-investigation-completed-lalitpur-news-jhs1685352106","type":"story","status":"publish","title_hn":"गेहूं में बालू मिली होने के मामले की जांच पूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गेहूं में बालू मिली होने के मामले की जांच पूरी
विज्ञापन
ललितपुर। उप जिलाधिकारी सदर ने गत दिवस अमरपुर विशिष्ट मंडी में एक प्राइवेट खरीद एजेंसी द्वारा गेहूं की बोरियों में बालू मिक्स होने की जांच की। जांच पूरी हो गई है। जल्द ही रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी।
इन दिनों खरीद केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं की डिलीवरी गोदामों में की जा रही है। गत दिवस अमरपुर विशिष्ट के चबूतरों पर गेहूं उतारा जा रहा था। इसी दौरान एक प्राइवेट खरीद एजेंसी के गेहूं से लदे दो ट्रक उतरने के लिए पहुंचे। एफसीआई के कर्मी बारी-बारी से बोरियों में रखे गेहूूं को परखी से चेक रहे थे। इसमें कई बोरियों में गेहूं के साथ बालू मिक्स पाई गई। इस पर एफसीआई के मैनेजर क्वालिटी कंट्रोल बृजेश कुमार ने दोनों ट्रक के गेहूं को रिजेक्ट कर दिया व इसकी सूचना पीसीएफ एवं प्रशासनिक अफसरों को दी।
जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल के निर्देश पर एसडीएम सदर गजल भारद्वाज, जिला खाद्य विपणन अधिकारी राकेश कुमार त्रिपाठी, नायब तहसीलदार अरुण राज खरे और क्षेत्रीय विपणन अधिकारी मनोज कुमार ने मौके पर जांच प्रारंभ की। लेकिन, रात्रि होने के कारण जांच पूरी नहीं की जा सकी। रविवार को जांच पूर्ण करने की कार्रवाई हुई।
विज्ञापन
इस दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केएन त्रिपाठी ने पकड़े गए गेहूं का सैंपल लिया और उसे गोरखपुर प्रयोगशाला भेजा दिया है। उधर, उप जिलाधिकारी सदर गजल भारद्वाज का कहना है कि जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अब जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ही इस पर कोई निर्णय लेंगे।
----
अनसुलझे सवाल
गेहूं खरीद पर नजर रखने के लिए अफसरों द्वारा निरीक्षण किए जाते हैं। क्या प्राइवेट केंद्र पर खरीद के दौरान कोई अधिकारी निरीक्षण पर नहीं पहुंचा। इस कारण केंद्र प्रभारी ने घटिया गेहूं की तौल करा ली, या फिर एफसीआई के कर्मियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए गेहूं की बोरियों में बालू मिला दी, ताकि अधिक मुनाफा उठाया जा सके। गेहूं खरीद की गड़बड़ी में कौन-कौन लोग संलिप्त हैं, इसे जानने के लिए अब जिलाधिकारी के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।
----------------
एसडीएम सदर जांच रिपोर्ट जल्द ही जिलाधिकारी को सौपेंगी। जो गेहूं बोरियों में पकड़ा गया था, उसे सील कर दिया गया है।
- राकेश कुमार त्रिपाठी
जिला खाद्य विपणन अधिकारी
विज्ञापन
इन दिनों खरीद केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं की डिलीवरी गोदामों में की जा रही है। गत दिवस अमरपुर विशिष्ट के चबूतरों पर गेहूं उतारा जा रहा था। इसी दौरान एक प्राइवेट खरीद एजेंसी के गेहूं से लदे दो ट्रक उतरने के लिए पहुंचे। एफसीआई के कर्मी बारी-बारी से बोरियों में रखे गेहूूं को परखी से चेक रहे थे। इसमें कई बोरियों में गेहूं के साथ बालू मिक्स पाई गई। इस पर एफसीआई के मैनेजर क्वालिटी कंट्रोल बृजेश कुमार ने दोनों ट्रक के गेहूं को रिजेक्ट कर दिया व इसकी सूचना पीसीएफ एवं प्रशासनिक अफसरों को दी।
विज्ञापन
जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल के निर्देश पर एसडीएम सदर गजल भारद्वाज, जिला खाद्य विपणन अधिकारी राकेश कुमार त्रिपाठी, नायब तहसीलदार अरुण राज खरे और क्षेत्रीय विपणन अधिकारी मनोज कुमार ने मौके पर जांच प्रारंभ की। लेकिन, रात्रि होने के कारण जांच पूरी नहीं की जा सकी। रविवार को जांच पूर्ण करने की कार्रवाई हुई।
विज्ञापन
इस दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केएन त्रिपाठी ने पकड़े गए गेहूं का सैंपल लिया और उसे गोरखपुर प्रयोगशाला भेजा दिया है। उधर, उप जिलाधिकारी सदर गजल भारद्वाज का कहना है कि जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अब जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ही इस पर कोई निर्णय लेंगे।
----
अनसुलझे सवाल
गेहूं खरीद पर नजर रखने के लिए अफसरों द्वारा निरीक्षण किए जाते हैं। क्या प्राइवेट केंद्र पर खरीद के दौरान कोई अधिकारी निरीक्षण पर नहीं पहुंचा। इस कारण केंद्र प्रभारी ने घटिया गेहूं की तौल करा ली, या फिर एफसीआई के कर्मियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए गेहूं की बोरियों में बालू मिला दी, ताकि अधिक मुनाफा उठाया जा सके। गेहूं खरीद की गड़बड़ी में कौन-कौन लोग संलिप्त हैं, इसे जानने के लिए अब जिलाधिकारी के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।
----------------
एसडीएम सदर जांच रिपोर्ट जल्द ही जिलाधिकारी को सौपेंगी। जो गेहूं बोरियों में पकड़ा गया था, उसे सील कर दिया गया है।
- राकेश कुमार त्रिपाठी
जिला खाद्य विपणन अधिकारी