फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Water is leaking from Jamni dam, officials are denying danger

Lalitpur News: जामनी बांध से रिस रहा पानी, अधिकारी खतरे से कर रहे इन्कार

Tue, 26 Aug 2025 12:46 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 26 Aug 2025 12:46 AM IST
विज्ञापन
Water is leaking from Jamni dam, officials are denying danger
ललितपुर। जामनी बांध के पूर्ण रूप से भरने के बाद इससे पानी का रिसाव पुन: शुरू हो गया है। सिंचाई विभाग ने रिसाव बंद करने के लिए कुछ उपाय किए थे, जो नाकाफी साबित हुए। पानी के साथ मिट्टी न आने के कारण सिंचाई विभाग के अधिकारी रिसाव से किसी प्रकार के खतरे से इन्कार कर रहे हैं।
विज्ञापन

तहसील मड़ावरा क्षेत्र में जामनी नदी पर करीब 52 साल पूर्व बांध का निर्माण किया गया था। इसका पूर्ण जलस्तर 403.55 मीटर है। वर्तमान में जलस्तर 403.25 मीटर है। बांध में पानी भरने की कुल क्षमता 92.87 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) है। बांध में 77.87 एमसीएम पानी भर चुका है। बांध से निकली नहरों के जरिये करीब 15 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और 80 से अधिक गांवों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है।
विज्ञापन

मानसून सीजन में बांध के पूर्ण रूप से भरने पर इसमें रिसाव शुरू हो जाता था। इसे बंद करने के लिए सिंचाई विभाग ने गर्मी के सीजन में डाउन स्ट्रीम में मिट्टी, बालू, छोटी गिट्टी, बड़ी गिट्टी और इसके ऊपर बड़े पत्थर बोल्डर की पिचिंग आदि की थी। अधिकारियों को पूरी उम्मीद थी कि इस बार मानसून के सीजन में बांध से रिसाव नहीं होगा। हाल के दिनों में जामनी बांध के कैचमेंट एरिया में हुई बारिश से पानी की आवक बढ़ी और बांध भरने लगा। अधिकारी भी बांध के पूरा भरने और रिसाव के लिए कराए गए काम की सफलता पर नजर जमाए थे। बांध का जलस्तर 402.94 मीटर तक पहुंचा तो पानी का रिसाव शुरू हो गया। रिसाव होने से गांव के लोगों में चर्चा शुरू हुई, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी निचले इलाकों के लोगों को आश्वस्त कर रहे हैं कि बांध से किसी प्रकार का खतरा नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----
बनाई गई कच्ची नाली : सिंचाई विभाग ने फिल्टर से लेकर करीब 10 मीटर दूरी तक की कच्ची नाली बनाई है। इस नाली में रिसाव का पानी एकत्रित होकर आगे खदान में जा रहा है।
------
एक फीट और भरना बाकी
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बांध को कुल 1324 फीट तक भरा जाना है। 1322-23 फीट पर पानी पहुंचने के बाद रिसाव शुरू हो जाता था। इसके लिए गर्मी के सीजन में काम कराया गया था। इस बार बांध से रिसाव कम मात्रा में हो रहा है। धीरे-धीरे मिट्टी उक्त रिसाव वाले स्थानों पर बैठ जाएगी। इसके बाद बांध से रिसाव बंद हो जाएगा। इससे बांध को किसी प्रकार का खतरा नहीं है। बांध को अभी एक फीट और भरना है।
--------
बांध के जीर्णोद्धार का चल रहा कार्य
बांध काफी पुराना होने के कारण इसके जीर्णोद्धार के लिए 17.91 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत की गई थी। कार्यदायी संस्था जीर्णोद्धार करा रही है। बांध से सीपेज, लीकेज की मरम्मत सहित अन्य सुधार कार्य कराए जा रहे हैं।

--------
बांध से रिसाव बंद करने के लिए गर्मी के दिनों में वर्ल्ड बैंक की गाइड लाइन के अनुसार कार्य कराया गया था। इससे बांध से कम मात्रा में पानी रिस रहा है। पानी में मिट्टी नहीं आ रही है, धीरे-धीरे मिट्टी उक्त रिसाव वाले स्थानों पर बैठ जाएगी। इसके बाद बांध से रिसाव बंद हो जाएगा। बांध को कोई खतरा नहीं है।
रोहित बसंल, सहायक अभियंता, सिंचाई खंड
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article