फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Water and adventure sports will become the identity of the district

Lalitpur News: वाटर और एडवेंचर स्पोर्ट बनेगा जिले की पहचान

Wed, 06 Nov 2024 01:45 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 06 Nov 2024 01:45 AM IST
विज्ञापन
Water and adventure sports will become the identity of the district
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ललितपुर। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जल आधारित पर्यटन व साहसिक क्रीड़ा की गतिविधियां शुरू की जाएंगी। बांध, तालाब, झील, चंदन वन और चांदपुर जहाजपुर का चयन कर जिला प्रशासन ने शासन काे प्रस्ताव भेजा है।
विंध्याचल पर्वत शृंखला की तलहटी में बसे जनपद में प्राकृतिक पर्यटन और कई ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए छह स्थानों का चयन किया गया है। सजनाम बांध, शहजाद बांध, सुम्मेरा तालाब, तालबेहट की मानसरोवर झील, बार का चंदन वन, जाखलौन क्षेत्र में स्थित चांदपुर जहाजपुर इसमें शामिल है। जिला प्रशासन ने इन सभी छह स्थानों का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। स्वीकृति मिलते ही जल आधारित पर्यटन एवं साहसिक क्रीड़ा की गतिविधियां शुरू हो जाएंगी।
विज्ञापन

वाटर स्पोर्ट की गतिविधियां प्रदेश के मानचित्र में जिले के पर्यटन को नई पहचान दिला सकती हैं। अधिकारियों के अनुसार यहां पर पैरासिलिंग, कायकिंग, बनाना राइड, जोरविंग, स्पीड बोट, बंपर राइड, किड्स बंपर बोट, एक्वा साइकिल, एक्वा रोलर जैसी गतिविधियां शुरू होने की संभावनाएं हैं। --------
विज्ञापन
विज्ञापन

मानसरोवर झील
तालबेहट को प्रवेश द्वार के नाम से जाना जाता है। यहां क्रांतिकारी राजा मर्दन सिंह के इतिहास के साथ ऐतिहासिक अध्याय जुड़ा हुआ है। मर्दन सिंह के किले की तलहटी में स्थित मानसरोवर झील पर जल क्रीड़ा गतिविधि शुरू होने से यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ने से नई उम्मीदों को उड़ान मिल सकेगी।
----
सजनाम बांध
नाराहट-महरौनी क्षेत्र में सजनाम नदी पर सजनाम बांध निर्मित है। बांध का पूर्ण जलस्तर 373.20 मीटर है। बांध में पानी भरने की क्षमता 83.50 मिलियन घन मीटर है। बांध से किसानों को सिंचाई और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है।
----
शहजाद बांध
तहसील तालबेहट क्षेत्र में शहजाद नदी पर यह बांध निर्मित है। बांध का पूर्ण जलस्तर 321 मीटर है। बांध में 114 मिलियन घन मीटर पानी आरक्षित करने की क्षमता है। इस बांध से सिंचाई के साथ पेयजल के लिए भी पानी उपलब्ध कराया जाता है।
----
ललितपुर का सुम्मेरा तालाब
शहर के बीचों-बीच तालाबपुरा में सुम्मेरा तालाब स्थित है। इस तालाब के बंध पर प्राचीन मंदिर है, जिसमें नरसिंह मंदिर प्रमुख है। इस तालाब को लेकर लोगों में धार्मिक आस्था भी है। साथ ही इस तालाब को ललितपुर के इतिहास से भी जोड़ा जाता है। इस तालाब में सालभर पानी रहता है।
--------
कस्बा बार का चंदन वन
कस्बा बार को चंदन वन के नाम से भी जाना जाता है। यहां के वन क्षेत्र में एक समय चंदन के पेड़ ही पेड़ थे। इस चंदन वन में वन विभाग का पहाड़ी पर एक गेस्ट हाउस है।
-------
चांदपुर जहाजपुर
जाखलौन क्षेत्र में चांदपुर-जहाजपुर में अपार पुरातत्व संपदाएं बिखरी पड़ी हैं। बेतवा नदी के किनारे चांदपुर-जहाजपुर स्थित मंदिरों में मूर्तियां विराजमान हैं। कुछ मूर्तियां खंडित भी हो चुकी हैं। जहाजपुर में तला का बाड़ा के दो तरफ के प्राचीन खंडित मंदिर अतीत की कहानी बयां करते हैं। लाल पत्थरों से बने इन प्राचीन मंदिरों के प्रत्येक द्वार पर देवी-देवताओं की आकर्षक कलाकृतियां बनी हुई हैं। अधिकांश स्थानों पर नंदी और वराह भगवान की मूर्तियां मौजूद हैं। इसके साथ अन्य प्राचीन मूर्तियां भी हैं।

---------
जल आधारित पर्यटन एवं साहसिक क्रीड़ा के लिए छह स्थानों का चयन कर इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया अपनायी जाएगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। - हेमलता, जिला पर्यटन अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed