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गर्मी शुरू, हैंडपंप देने लगे दगा
Sat, 06 Apr 2019 01:34 AM IST
देवेंद्र कुमार
lalitpur
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Sat, 06 Apr 2019 01:34 AM IST
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handpump
- फोटो : amarujala
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तापमान चढ़ने के साथ ही हैंडपंप का पानी नीचे जाने लगा है। शहर में ही 40 हैंडपंप दगा दे चुके हैं। इससे पानी का संकट गहराने लगा है। जल संस्थान प्रतिदिन एक दर्जन हैंडपंप सुधार भी रहा है, लेकिन यह प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। क्योंकि, रोज औसत सात हैंडपंप खराब हो रहे हैं।
जल संस्थान शहर की प्यास बुझाने का जिम्मा अपने कंधों पर लिए हैं। उपभोक्ताओं पर कितना पानी खर्च होता है, विभाग ने इसके लिए मानक तैयार किया है। इसके अनुसार शहर में 80 लीटर व ग्रामीण क्षेत्र में 60 लीटर पानी की आवश्यकता है। गर्मी में अन्य दिनों के मुकाबले पानी की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिससे लोगों की निर्भरता हैंडपंपों पर बढ़ जाती है। बदले मौसम में हैंडपंप साथ छोड़ने लगे हैं। जल संस्थान में रोजाना औसतन सात हैंडपंप खराब की सूचना दर्ज की जा रही है। हकीकत में संख्या इससे कहीं अधिक है। इसके मद्देनजर जल संस्थान ने तीन टीमों का गठन किया है। तीनों टीमें सुबह से शाम तक प्रतिदिन दस से बारह हैंडपंप सुधार रही हैं। स्थानीय सभासद हैंडपंप मरम्मत के काम को प्रमाणित कर रहे हैं। इतना ही नहीं, सभासद द्वारा सौंपी जा रही सूची में से पांच हैंडपंप तुरंत सुधारे जा रहे हैं। इससे सभासदों की नाराजगी कुछ कम हुई है। मौजूदा समय में विभिन्न वार्डो के करीब चालीस खराब हैंडपंप मरम्मत के इंतजार में हैं। इससे पेयजल की समस्या का अंदाजा लगाया जा सकता है। उधर, विभागीय अफसरों का मानना है कि गर्मी बढ़ने से हैंडपंप खराब होने की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। लेकिन, अभी टैंकर से जलापूर्ति करने की स्थिति नहीं है। मौजूदा हालातों पर नजर रखी जा रही है।
पालिका बनी मददगार
धन की कमी से जूझ रहे जल संस्थान की मदद के लिए नगर पालिका ने हाथ आगे बढ़ाए हैं। नगर पालिका ने खराब हैंडपंपों की मरम्मत, टैंकर चलाने के लिए करीब आठ लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की है। इससे खराब हैंडपंपों की मरम्मत आरंभ हो गई है। कई सभासद तो अभी भी बेपरवाह बने हुए हैं। उन्होंने अपने वार्ड के खराब हैंडपंपों की सूची अब तक जल संस्थान को नहीं सौंपी है। वरना, खराब हैंडपंपों की संख्या आधा सैकड़ा के ऊपर हो जाती। बता दें कि धनराशि के अभाव में करीब तीन महीने से खराब हैंडपंप नहीं सुधर पा रहे थे। यदि गर्मी की शुरुआत में नगर पालिका ने धन नहीं दिया होता तो पेयजल संकट से निपटना मुश्किल हो जाता।
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खराब हैंडपंपों की करा रहे मरम्मत
जल संस्थान ने हैंडपंपों की मरम्मत के लिए तीन टीमें गठित कर दी हैं। सभासदों की सूचना पर हैंडपंप सुधारे जा रहे हैं।
- प्रवीण यादव, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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जल संस्थान शहर की प्यास बुझाने का जिम्मा अपने कंधों पर लिए हैं। उपभोक्ताओं पर कितना पानी खर्च होता है, विभाग ने इसके लिए मानक तैयार किया है। इसके अनुसार शहर में 80 लीटर व ग्रामीण क्षेत्र में 60 लीटर पानी की आवश्यकता है। गर्मी में अन्य दिनों के मुकाबले पानी की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिससे लोगों की निर्भरता हैंडपंपों पर बढ़ जाती है। बदले मौसम में हैंडपंप साथ छोड़ने लगे हैं। जल संस्थान में रोजाना औसतन सात हैंडपंप खराब की सूचना दर्ज की जा रही है। हकीकत में संख्या इससे कहीं अधिक है। इसके मद्देनजर जल संस्थान ने तीन टीमों का गठन किया है। तीनों टीमें सुबह से शाम तक प्रतिदिन दस से बारह हैंडपंप सुधार रही हैं। स्थानीय सभासद हैंडपंप मरम्मत के काम को प्रमाणित कर रहे हैं। इतना ही नहीं, सभासद द्वारा सौंपी जा रही सूची में से पांच हैंडपंप तुरंत सुधारे जा रहे हैं। इससे सभासदों की नाराजगी कुछ कम हुई है। मौजूदा समय में विभिन्न वार्डो के करीब चालीस खराब हैंडपंप मरम्मत के इंतजार में हैं। इससे पेयजल की समस्या का अंदाजा लगाया जा सकता है। उधर, विभागीय अफसरों का मानना है कि गर्मी बढ़ने से हैंडपंप खराब होने की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। लेकिन, अभी टैंकर से जलापूर्ति करने की स्थिति नहीं है। मौजूदा हालातों पर नजर रखी जा रही है।
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पालिका बनी मददगार
धन की कमी से जूझ रहे जल संस्थान की मदद के लिए नगर पालिका ने हाथ आगे बढ़ाए हैं। नगर पालिका ने खराब हैंडपंपों की मरम्मत, टैंकर चलाने के लिए करीब आठ लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की है। इससे खराब हैंडपंपों की मरम्मत आरंभ हो गई है। कई सभासद तो अभी भी बेपरवाह बने हुए हैं। उन्होंने अपने वार्ड के खराब हैंडपंपों की सूची अब तक जल संस्थान को नहीं सौंपी है। वरना, खराब हैंडपंपों की संख्या आधा सैकड़ा के ऊपर हो जाती। बता दें कि धनराशि के अभाव में करीब तीन महीने से खराब हैंडपंप नहीं सुधर पा रहे थे। यदि गर्मी की शुरुआत में नगर पालिका ने धन नहीं दिया होता तो पेयजल संकट से निपटना मुश्किल हो जाता।
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खराब हैंडपंपों की करा रहे मरम्मत
जल संस्थान ने हैंडपंपों की मरम्मत के लिए तीन टीमें गठित कर दी हैं। सभासदों की सूचना पर हैंडपंप सुधारे जा रहे हैं।
- प्रवीण यादव, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान