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सहरिया परिवारों का सहारा बनेगी वन धन योजना

Sat, 07 Dec 2019 12:21 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 07 Dec 2019 12:21 AM IST
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Van than yojna will help sahariya familly
ललितपुर। प्रधानमंत्री वन धन योजना जिले के वन्य क्षेत्र में रहने वाले सहरिया परिवारों के लिए रोजगार का जरिया बनेगी। इसमें जनजातीय समूह के लोगों के स्वयं सहायता समूह बनाए जाएंगे। ये समूह जड़ीबूटी की पैकिंग करेंगे। वन निगम इन्हें बेचने के लिए बाजार उपलब्ध कराएगा। इस योजना को प्रदेश के सोनभद्र व ललितपुर जिले में शुरू किया जा रहा है। इससे आदिवासी परिवारों को सीधा लाभ पहुंचेगा। प्रधानमंत्री वन धन एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसका उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को रोजगार का अवसर मुहैया कराना है। योजना की शुरुआत सोनभद्र एवं बुंदेलखण्ड क्षेत्र के ललितपुर जिले से हो रही है। इस योजना के प्रभावी एवं सफल क्रियान्वयन के लिए नई दिल्ली में 30 व 31 अक्टूबर को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया था, इसमें योजना के विभिन्न आयामों पर व्यापक रुप से चर्चा की गई। इसमें बताया गया कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए वन धन स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जाना है। प्रत्येक 15 वन धन स्वयं सहायता समूहों को शामिल करते हुए एक वन धन केन्द्र स्थापित किया जाएगा, इसमें समूह के 300 लाभार्थी शामिल होंगे। योजना का क्रियान्वयन वर्तमान समय में विभिन्न विभागों द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के सम्मलित रुप से किया जाना है। योजना के चार घटक हैं, जिसमें लघु वनोपज का संग्रहण, मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग व मार्केटिंग। संग्रहीत लघु वनोपज के मूल्य के संवर्धन के पश्चात उसकी ब्राडिंग एक महत्वपूर्ण विषय है। योजना के तहत आदिवासी ग्रामीणों को लघु वनोपज संग्रहणकर्ता से उद्यमी के रुप में विकसित किया जाना है। इसमें प्रदेश वन निगम द्वारा स्वयं सहायता समूहों को आधारभूत प्रशिक्षण के माध्यम से लघु वनोपज के व्यवसाय में अग्रणी के रुप में स्थापित किया जाना है। उधर, बीते दिवस डीएम की अध्यक्षता में वनाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह महत्वाकांक्षी योजना जनजातीय क्षेत्र के लोगों के विकास के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण योजना है। जनजातीय क्षेत्र के लोगों को इस योजना का लाभ दिलाये जाने के लिए सभी विभागों को पूर्ण सक्रियता से कार्य करना होगा। वर्तमान सरकार समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्तियों के कल्याण के लिए पूर्ण रुप से सक्रिय है। योजना के तहत वन धन स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जाएगा। इससे जनजातीय क्षेत्र के लोगों का विकास हो सकेगा।
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प्रधानमंत्री वन धन योजना का संचालन होने से जड़ीबूटी की खरीदारी में बिचौलियों का खेल समाप्त हो जाएगा। वर्तमान में सहरियों से जड़ीबूटी औने-पौने दामों में खरीदी जाती है, जिससे बिचौलिये बड़ा मुनाफा कमाते हैं। इस योजना के लागू होने से जड़ीबूटी के उचित दाम सहरियों को मिल सकेंगे। वहीं, स्वयं सहायता समूहों को जड़ीबूटी की पैकजिंग करने पर बाजार मुहैया कराया जाएगा।
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वन निगम द्वारा वन धन योजना शुरू की जा रही है। इसमें निगम द्वारा जड़ीबूटी का समर्थन मूल्य तय किया जाएगा। इसके उपरांत जड़ीबूटी की खरीद की जाएगी। इससे सहरिया आदिवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मदद मिलेगी।
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जेडी सिंह
एसडीओ वन
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