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ट्रामा सेंटर में बनेगा 12 बेड का पीकू वार्ड
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ललितपुर। जनपद में कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। विभाग द्वारा बच्चों को उपचार की सुविधा के लिए 12 बेड का पीकू वार्ड स्थापित किया जा रहा है, जिसमें वेंटीलेटर समेत आधुनिक सुविधाएं होंगी। साथ ही छह चिकित्सक तैनात रहेंगे।
जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के प्रकोप से स्वास्थ्य विभाग की सारी तैयारियों को बड़ा झटका लगा था। इस दौरान चिकित्सकों व स्टॉफ के संक्रमित होने से उपचार तक की समस्या खड़ी हो गईं थी। इतना ही नहीं, संक्रमितों की संख्या अधिक होने से कोविड अस्पताल में बेड तक कम पड़ गए थे।
विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर में एक वर्ष से 15 वर्ष तक के बच्चों के चपेट में आने की संभावना जताई है। जिसको लेकर शासन के निर्देशन पर एल-1 अटैच अस्पतालों की संख्या बढ़ाई गई है। बार व महरौनी सीएचसी पर एल-1 अस्पताल स्थापित किए गए हैं।
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वहीं, तीसरी लहर की चपेट में आने वाले बच्चों को उपचार की सुविधा देने के लिए जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में 12 बेड का पीकू वार्ड बनाया जा रहा है। जिसमें वेंटीलेटर की सुविधाओं से लैस होगा। वार्ड में छह चिकित्सक तैनात किए जाएंगे। अन्य स्टॉफ की तैनाती की जाएगी। दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेंगी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरेंद्र चौहान ने बताया कि वार्ड में एक माह से 15 वर्ष तक के गंभीर बीमार बच्चों को भर्ती कर उपचार मुहैया कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर बेडों की संख्या को बढ़ाया जाएगा।
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जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के प्रकोप से स्वास्थ्य विभाग की सारी तैयारियों को बड़ा झटका लगा था। इस दौरान चिकित्सकों व स्टॉफ के संक्रमित होने से उपचार तक की समस्या खड़ी हो गईं थी। इतना ही नहीं, संक्रमितों की संख्या अधिक होने से कोविड अस्पताल में बेड तक कम पड़ गए थे।
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विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर में एक वर्ष से 15 वर्ष तक के बच्चों के चपेट में आने की संभावना जताई है। जिसको लेकर शासन के निर्देशन पर एल-1 अटैच अस्पतालों की संख्या बढ़ाई गई है। बार व महरौनी सीएचसी पर एल-1 अस्पताल स्थापित किए गए हैं।
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वहीं, तीसरी लहर की चपेट में आने वाले बच्चों को उपचार की सुविधा देने के लिए जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में 12 बेड का पीकू वार्ड बनाया जा रहा है। जिसमें वेंटीलेटर की सुविधाओं से लैस होगा। वार्ड में छह चिकित्सक तैनात किए जाएंगे। अन्य स्टॉफ की तैनाती की जाएगी। दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेंगी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरेंद्र चौहान ने बताया कि वार्ड में एक माह से 15 वर्ष तक के गंभीर बीमार बच्चों को भर्ती कर उपचार मुहैया कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर बेडों की संख्या को बढ़ाया जाएगा।