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कनिष्ठ लिपिक रिश्वकांड : वाइस रिकाडिंग से बढ़ सकती है कई अन्य पर मुसीबत
Sat, 12 Sep 2026 01:55 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Sat, 12 Sep 2026 01:55 AM IST
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ललितपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक राजेश कुशवाहा को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत मांगने के आरोप में पकड़ा है। सेवानिवृत्त शिक्षक मदनमोहन नामदेव की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई। राजेश पर इंक्रीमेंट देने के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। टीम ने उसे बृहस्पतिवार को हिरासत में लिया था।
एंटी करप्शन की झांसी ट्रैप टीम ने शिकायतकर्ता को एक ध्वनि रिकॉर्डर के साथ भेजा था। इस ध्वनि रिकॉर्डर में रिश्वत मांगने की पूरी बातचीत रिकॉर्ड हुई थी। टीम ने शिकायतकर्ता को रासायनिक लगे नोट भी दिए थे। कनिष्ठ लिपिक ने सेवानिवृत्त शिक्षक से कहा था कि कोषागार में भी पैसा लगता है। उसने यह भी कहा कि उसे कहीं परेशान होने की जरूरत नहीं, पैसा खाते में आ जाएगा। शिकायतकर्ता के पूछने पर कनिष्ठ लिपिक ने पांच हजार रुपये देने पर सब काम कराने की बात कही थी। आरोप है कि राजेश कुशवाहा ने मदनमोहन नामदेव से पांच हजार रुपये ले लिए थे। रुपये लेने के बाद ट्रैप टीम ने उसे पकड़ा। हाथ धुलाने पर पानी गुलाबी हो गया था। हालांकि, आरोपी के पास से रिश्वत के रुपये बरामद नहीं हुए थे। टीम ने करीब दो से तीन घंटे तक खोजबीन की, पर रुपये नहीं मिले।
देर रात एंटी करप्शन के ट्रैप टीम प्रभारी श्याम सिंह की तहरीर पर राजेश कुशवाहा के खिलाफ भ्रष्टाचार की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके बाद आगे की कार्रवाई करते हुए शुक्रवार की सुबह एंटी करप्शन की ट्रैप टीम आरोपी को अपने साथ लेकर झांसी रवाना हुई। उसे झांसी में भ्रष्टाचार न्यायालय में पेश किया गया। वहीं, कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार की दोपहर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर जांच-पड़ताल की।
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बीएसए कार्यालय में सन्नाटा
कनिष्ठ सहायक की गिरफ्तारी के दूसरे दिन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। कार्यालय के अधिकांश कक्षों में ताला लगा हुआ था। साथ ही कई पटल भी खाली पड़े रहे। सिर्फ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रत्नेश कुमार ही अपने कक्ष में सरकारी कार्य करते दिखे। यह स्थिति रिश्वतखोरी के मामले के बाद बनी।
सीसीटीवी दृश्य सौंपने की तैयारी
बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन टीम ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे के दृश्य देखने का प्रयास किया था। टीम रिकॉर्ड की गई बातचीत लेने के लिए भी इंतजार करती रही थी। हालांकि, उस दिन उन्हें दृश्य उपलब्ध कराए गए थे। न ही रिकॉर्ड की गई बातचीत दिखाई गई थी। अब शुक्रवार को विभागीय कर्मचारी सीसीटीवी कैमरे के दृश्य एंटी करप्शन टीम को देने में लगे रहे।
कनिष्ठ लिपिक के रिश्वत के आरोप में पकड़े जाने और उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने की प्रति अभी उनको नहीं मिली है। रिपोर्ट की प्रतिलिपि मिलने के बाद कनिष्ठ लिपिक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं एंटी करप्शन टीम को सीसीटीवी कैमरे की फुटेज उपलब्ध कराई जा रही है।
रत्नेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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एंटी करप्शन की झांसी ट्रैप टीम ने शिकायतकर्ता को एक ध्वनि रिकॉर्डर के साथ भेजा था। इस ध्वनि रिकॉर्डर में रिश्वत मांगने की पूरी बातचीत रिकॉर्ड हुई थी। टीम ने शिकायतकर्ता को रासायनिक लगे नोट भी दिए थे। कनिष्ठ लिपिक ने सेवानिवृत्त शिक्षक से कहा था कि कोषागार में भी पैसा लगता है। उसने यह भी कहा कि उसे कहीं परेशान होने की जरूरत नहीं, पैसा खाते में आ जाएगा। शिकायतकर्ता के पूछने पर कनिष्ठ लिपिक ने पांच हजार रुपये देने पर सब काम कराने की बात कही थी। आरोप है कि राजेश कुशवाहा ने मदनमोहन नामदेव से पांच हजार रुपये ले लिए थे। रुपये लेने के बाद ट्रैप टीम ने उसे पकड़ा। हाथ धुलाने पर पानी गुलाबी हो गया था। हालांकि, आरोपी के पास से रिश्वत के रुपये बरामद नहीं हुए थे। टीम ने करीब दो से तीन घंटे तक खोजबीन की, पर रुपये नहीं मिले।
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देर रात एंटी करप्शन के ट्रैप टीम प्रभारी श्याम सिंह की तहरीर पर राजेश कुशवाहा के खिलाफ भ्रष्टाचार की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके बाद आगे की कार्रवाई करते हुए शुक्रवार की सुबह एंटी करप्शन की ट्रैप टीम आरोपी को अपने साथ लेकर झांसी रवाना हुई। उसे झांसी में भ्रष्टाचार न्यायालय में पेश किया गया। वहीं, कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार की दोपहर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर जांच-पड़ताल की।
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बीएसए कार्यालय में सन्नाटा
कनिष्ठ सहायक की गिरफ्तारी के दूसरे दिन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। कार्यालय के अधिकांश कक्षों में ताला लगा हुआ था। साथ ही कई पटल भी खाली पड़े रहे। सिर्फ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रत्नेश कुमार ही अपने कक्ष में सरकारी कार्य करते दिखे। यह स्थिति रिश्वतखोरी के मामले के बाद बनी।
सीसीटीवी दृश्य सौंपने की तैयारी
बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन टीम ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे के दृश्य देखने का प्रयास किया था। टीम रिकॉर्ड की गई बातचीत लेने के लिए भी इंतजार करती रही थी। हालांकि, उस दिन उन्हें दृश्य उपलब्ध कराए गए थे। न ही रिकॉर्ड की गई बातचीत दिखाई गई थी। अब शुक्रवार को विभागीय कर्मचारी सीसीटीवी कैमरे के दृश्य एंटी करप्शन टीम को देने में लगे रहे।
कनिष्ठ लिपिक के रिश्वत के आरोप में पकड़े जाने और उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने की प्रति अभी उनको नहीं मिली है। रिपोर्ट की प्रतिलिपि मिलने के बाद कनिष्ठ लिपिक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं एंटी करप्शन टीम को सीसीटीवी कैमरे की फुटेज उपलब्ध कराई जा रही है।
रत्नेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी