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ट्रामा केयर सेंटर तक एंबुलैंस सेवा की होगी आसान
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ललितपुर। जिला में किसी भी क्षेत्र में होने वाली दुर्घटना में पहले एक घंटे में घायलों को ट्रॉमा केयर सेंटर तक पहुंचाने के लिए अब एंबुलेंस की आसान पहुंच हो सकेगी। इसके लिए पुलिस योजना तैयार कर रही है। इसमें यूपी112 के सभी वाहनों पर ट्रामा केयर सेंटर ( जिला अस्पताल) के नोडल अधिकारियों के नाम एवं मोबाइल नंबर अंकित किए जाएंगे। सभी थानों के कांटेक्ट नंबर भी जोड़े जाएंगे, ताकि सहूलियत हो सके।
वाहनों की तेजी से बढ़ती संख्या की वजह से सड़क दुर्घटनाओं में घायल और मृत होने वाले व्यक्तियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसमें सबसे अधिक चिंता का कारण है कि सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों को जल्दी चिकित्सीय सहायता उपलब्ध नहीं हो पा रही है। राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या हत्या जैसे जघन्य अपराधों में मरने वालों की संख्या से लगभग चार गुनी है। सड़क दुर्घटना में होने वाली मृत्यु समाज के लिए ज्यादा बड़ा खतरा है। यह भी पाया गया है कि सड़क दुर्घटना में होने वाली अधिकांश मौतें दुर्घटना के तुरंत बाद चिकित्सीय सहायता एक घंटे के अंदर नहीं मिल पाने के कारण हो रही हैं। ऐसे में यदि पहले एक घंटे में घायलों को त्वरित प्राथमिक उपचार व चिकित्सीय सहायता उपलब्ध करा दी जाए, तो अधिक से अधिक घायलों के जीवन की रक्षा हो सकती है।
इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक दीपक रतन ने पुलिस अधीक्षक को भेजे पत्र में बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल को चिकित्सीय व्यवस्था के लिए पब्लिक व पुलिस द्वारा अस्पताल तक तो पहुंचा दिया जाता है, लेकिन वहां पर उसे समय से चिकित्सीय सुविधा नहीं मिल पाती है। ऐसे में दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों को चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रिस्पान्स टाइम कम किए जाने के लिए ट्रामा केयर सेंटर के नोडल अधिकारी का नाम व मोबाइल नंबर आदि यूपी- 112 पुलिस के वाहनों पर व्यवस्थित रखा जाए, ताकि घायलों के बारे में तत्काल सूचना ट्रामा केयर सेंटर के नोडल अधिकारी को दी जा सके और वहां पहुंचने पर तत्काल इलाज शुरु किया जा सके।
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पुलिस महानिरीक्षक से इससे संबंधित ट्रामा केयर की संख्या, उसके नोडल अधिकारी का नाम और नंबर, ट्रामा केयर सेंटर का नाम व नंबर, राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रादेशिक राजमार्ग, जनपद की महत्वपूर्ण सड़कें, अन्य जनपदीय मार्ग का नाम व संख्या, इन मार्गों से ट्रामा केयर सेंटर की दूरी और सभी थाना क्षेत्रों के अधिकारियों के मोबाइल नंबर आदि की जानकारी मांगी है। जिले के नक्शे पर एंबुलेंस की संख्या व एंबुंलेंस के स्थान को भी दर्शाया जा रहा है, ताकि कहीं भी दुर्घटना होने पर तत्काल घायलों को पहले एक घंटे में चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराकर उनकी जान बचाई जा सके।
दुर्घटना में घायलों को पहले एक घंटे में चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराई जाने के लिए पुलिस जनता के सहयोग से काम कर रही है। ललितपुर का नक्शा तैयार कर एंबुलेस के स्थान और संख्या को लाग रंग से दर्शाया गया है, ताकि उस स्थान से एंबुलेस सेवा तत्काल मिल सके। यूपी 112 पुलिस वाहनों पर ट्रामा केयर सेंटर के अधिकारियों के नाम व नंबर भी अंकित कराए जाएंगे।
- कैप्टन एमएम बेग, पुलिस अधीक्षक।
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वाहनों की तेजी से बढ़ती संख्या की वजह से सड़क दुर्घटनाओं में घायल और मृत होने वाले व्यक्तियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसमें सबसे अधिक चिंता का कारण है कि सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों को जल्दी चिकित्सीय सहायता उपलब्ध नहीं हो पा रही है। राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या हत्या जैसे जघन्य अपराधों में मरने वालों की संख्या से लगभग चार गुनी है। सड़क दुर्घटना में होने वाली मृत्यु समाज के लिए ज्यादा बड़ा खतरा है। यह भी पाया गया है कि सड़क दुर्घटना में होने वाली अधिकांश मौतें दुर्घटना के तुरंत बाद चिकित्सीय सहायता एक घंटे के अंदर नहीं मिल पाने के कारण हो रही हैं। ऐसे में यदि पहले एक घंटे में घायलों को त्वरित प्राथमिक उपचार व चिकित्सीय सहायता उपलब्ध करा दी जाए, तो अधिक से अधिक घायलों के जीवन की रक्षा हो सकती है।
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इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक दीपक रतन ने पुलिस अधीक्षक को भेजे पत्र में बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल को चिकित्सीय व्यवस्था के लिए पब्लिक व पुलिस द्वारा अस्पताल तक तो पहुंचा दिया जाता है, लेकिन वहां पर उसे समय से चिकित्सीय सुविधा नहीं मिल पाती है। ऐसे में दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों को चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रिस्पान्स टाइम कम किए जाने के लिए ट्रामा केयर सेंटर के नोडल अधिकारी का नाम व मोबाइल नंबर आदि यूपी- 112 पुलिस के वाहनों पर व्यवस्थित रखा जाए, ताकि घायलों के बारे में तत्काल सूचना ट्रामा केयर सेंटर के नोडल अधिकारी को दी जा सके और वहां पहुंचने पर तत्काल इलाज शुरु किया जा सके।
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पुलिस महानिरीक्षक से इससे संबंधित ट्रामा केयर की संख्या, उसके नोडल अधिकारी का नाम और नंबर, ट्रामा केयर सेंटर का नाम व नंबर, राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रादेशिक राजमार्ग, जनपद की महत्वपूर्ण सड़कें, अन्य जनपदीय मार्ग का नाम व संख्या, इन मार्गों से ट्रामा केयर सेंटर की दूरी और सभी थाना क्षेत्रों के अधिकारियों के मोबाइल नंबर आदि की जानकारी मांगी है। जिले के नक्शे पर एंबुलेंस की संख्या व एंबुंलेंस के स्थान को भी दर्शाया जा रहा है, ताकि कहीं भी दुर्घटना होने पर तत्काल घायलों को पहले एक घंटे में चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराकर उनकी जान बचाई जा सके।
दुर्घटना में घायलों को पहले एक घंटे में चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराई जाने के लिए पुलिस जनता के सहयोग से काम कर रही है। ललितपुर का नक्शा तैयार कर एंबुलेस के स्थान और संख्या को लाग रंग से दर्शाया गया है, ताकि उस स्थान से एंबुलेस सेवा तत्काल मिल सके। यूपी 112 पुलिस वाहनों पर ट्रामा केयर सेंटर के अधिकारियों के नाम व नंबर भी अंकित कराए जाएंगे।
- कैप्टन एमएम बेग, पुलिस अधीक्षक।