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Lalitpur News: मंडी में नीलामी चबूतरों के बदले जाएंगे टिन शेड, मिलेगी सुविधा
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ललितपुर। गल्ला मंडी में जर्जर हो गए नीलामी चबूतरों के टिन शेड जल्द ही बदले जाएंगे। मंडी समिति ने नीलामी चबूतरों के टिन शेड बदलने के लिए प्रस्ताव बनाकर मंडी परिषद को भेजा है।
गल्ला मंडी में हर रोज औसतन पंद्रह हजार क्विंटल तक विभिन्न प्रकार की जिंस की आवक होती है। इससे हर साल लगभग 25 करोड़ तक का मंडी राजस्व प्राप्त होता है। यहां मंडी में किसानों की जिंस की तौल के लिए सात नीलामी चबूतरे बने हुए हैं। इनमें छाया के लिए सीमेंटेड टिन शेड लगे हुए हैं। कुछ नीलामी चबूतरों के टिन शेड किनारों पर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके चलते बारिश के दौरान नीलामी चबूतरों के अंदर भी बारिश का पानी पहुंच जाता है। इसकी वजह से यहां किसानों की जिंस भीग जाती है। ऐसे में व्यापारियों द्वारा यहां तौल के बाद बोरों में रखी जिंस को भीगने से बचाने के लिए पॉलीथिन से ढकना पड़ता है।
ऐसी स्थिति को देखते हुए अब कृषि उत्पादन मंडी समिति ने सभी नीलामी चबूतरों के टिन शेड बदलकर नए एसी शेड यानि स्टील युक्त टिन शेड लगाने का प्रस्ताव मंडी परिषद लखनऊ को भेजा है।
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यदि यह टिन शेड लग जाते हैं तो किसानों की जिंस को बारिश के पानी से बचाव के लिए पॉलीथिन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। वहीं मंडी समिति ने गल्ला मंडी में अन्य अव्यवस्थाओं के लिए भी प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति का इंतजार है। संवाद
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गल्ला मंडी में हर रोज औसतन पंद्रह हजार क्विंटल तक विभिन्न प्रकार की जिंस की आवक होती है। इससे हर साल लगभग 25 करोड़ तक का मंडी राजस्व प्राप्त होता है। यहां मंडी में किसानों की जिंस की तौल के लिए सात नीलामी चबूतरे बने हुए हैं। इनमें छाया के लिए सीमेंटेड टिन शेड लगे हुए हैं। कुछ नीलामी चबूतरों के टिन शेड किनारों पर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके चलते बारिश के दौरान नीलामी चबूतरों के अंदर भी बारिश का पानी पहुंच जाता है। इसकी वजह से यहां किसानों की जिंस भीग जाती है। ऐसे में व्यापारियों द्वारा यहां तौल के बाद बोरों में रखी जिंस को भीगने से बचाने के लिए पॉलीथिन से ढकना पड़ता है।
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ऐसी स्थिति को देखते हुए अब कृषि उत्पादन मंडी समिति ने सभी नीलामी चबूतरों के टिन शेड बदलकर नए एसी शेड यानि स्टील युक्त टिन शेड लगाने का प्रस्ताव मंडी परिषद लखनऊ को भेजा है।
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यदि यह टिन शेड लग जाते हैं तो किसानों की जिंस को बारिश के पानी से बचाव के लिए पॉलीथिन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। वहीं मंडी समिति ने गल्ला मंडी में अन्य अव्यवस्थाओं के लिए भी प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति का इंतजार है। संवाद