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तीन पीड़िताओं को मरणोपरांत मिलेगा रानी सम्मान
ब्यूरो ललितपुर
Updated Tue, 22 Dec 2015 12:08 AM IST
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झांसी। उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष योजना के तहत जनपद की तीन पीड़िताओं का मरणोपरांत चयन किया गया है। इन तीनों महिलाओं के बच्चों को सरकार तीन-तीन लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराएगी।
प्रदेश सरकार द्वारा सौ करोड़ रुपये से उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष योजना- 2015 शुरू की गई है। इसके तहत जघन्य अपराध से पीड़ित महिलाओं व उनके आश्रितों को तत्काल आर्थिक क्षतिपूर्ति एवं नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का प्रावधान है। जिलों में योजना के संचालन के लिए जिला संचालन समिति बनाई गई है, जिसका अध्यक्ष जिलाधिकारी व सचिव जिला प्रोबेशन अधिकारी को नामित किया गया है।
संचालन समिति के समक्ष आर्थिक सहायता के लिए आठ आवेदन आए हैं। इनमें से तीन आवेदन स्वीकृत किए हैं। इन तीनों मामलों में महिलाओं की दहेज की खातिर हत्या हुई है। अब उनके बच्चों को तीन-तीन लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा तीन आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। जबकि, दो आवेदनों का परीक्षण किया जा रहा है। जिन मृतकाओं के परिजनों को मदद मिलेगी उनमें एक शहरी व दो ग्रामीण क्षेत्र के हैं।
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अपराध पीड़ित महिलाओं को यह मिलती है सहायता
-------------------------------------------
- तेजाब पीड़िता को तीन से दस लाख रुपये तक की सहायता
- दहेज हत्या पर तीन लाख रुपये की सहायता
- बलात्कार के बाद मृत्यु या स्थायी निष्क्रियता की स्थिति में दस लाख तक की सहायता
- प्राधिकारवान द्वारा किए गए यौन शोषण पर तीन लाख रुपये तक की सहायता
- सामूहिक बलात्कार पर सात लाख रुपये तक की सहायता
- लैंगिक हमले में अवयस्क की मृत्यु पर दस लाख रुपये तक की सहायता
प्रोबेशन अधिकारी से करें संपर्क
झांसी। आर्थिक सहायता पीड़िता, उसकी मृत्यु पर उसके माता-पिता या बच्चों को उपलब्ध कराई जाती है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। मालूम हो कि जानकारी के अभाव में कम ही लोग उक्त योजनाओं का लाभ हासिल कर पा रहे हैं।
‘जिला संचालन समिति द्वारा उक्त योजना के तहत आने वाले मामलों को बेहद संवेदनशील ढंग से लिया जाता है। इसके तहत त्वरित गति से विभागीय कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाता है।’
- राजीव शर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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प्रदेश सरकार द्वारा सौ करोड़ रुपये से उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष योजना- 2015 शुरू की गई है। इसके तहत जघन्य अपराध से पीड़ित महिलाओं व उनके आश्रितों को तत्काल आर्थिक क्षतिपूर्ति एवं नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का प्रावधान है। जिलों में योजना के संचालन के लिए जिला संचालन समिति बनाई गई है, जिसका अध्यक्ष जिलाधिकारी व सचिव जिला प्रोबेशन अधिकारी को नामित किया गया है।
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संचालन समिति के समक्ष आर्थिक सहायता के लिए आठ आवेदन आए हैं। इनमें से तीन आवेदन स्वीकृत किए हैं। इन तीनों मामलों में महिलाओं की दहेज की खातिर हत्या हुई है। अब उनके बच्चों को तीन-तीन लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा तीन आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। जबकि, दो आवेदनों का परीक्षण किया जा रहा है। जिन मृतकाओं के परिजनों को मदद मिलेगी उनमें एक शहरी व दो ग्रामीण क्षेत्र के हैं।
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अपराध पीड़ित महिलाओं को यह मिलती है सहायता
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- तेजाब पीड़िता को तीन से दस लाख रुपये तक की सहायता
- दहेज हत्या पर तीन लाख रुपये की सहायता
- बलात्कार के बाद मृत्यु या स्थायी निष्क्रियता की स्थिति में दस लाख तक की सहायता
- प्राधिकारवान द्वारा किए गए यौन शोषण पर तीन लाख रुपये तक की सहायता
- सामूहिक बलात्कार पर सात लाख रुपये तक की सहायता
- लैंगिक हमले में अवयस्क की मृत्यु पर दस लाख रुपये तक की सहायता
प्रोबेशन अधिकारी से करें संपर्क
झांसी। आर्थिक सहायता पीड़िता, उसकी मृत्यु पर उसके माता-पिता या बच्चों को उपलब्ध कराई जाती है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। मालूम हो कि जानकारी के अभाव में कम ही लोग उक्त योजनाओं का लाभ हासिल कर पा रहे हैं।
‘जिला संचालन समिति द्वारा उक्त योजना के तहत आने वाले मामलों को बेहद संवेदनशील ढंग से लिया जाता है। इसके तहत त्वरित गति से विभागीय कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाता है।’
- राजीव शर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी