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तीन हजार उपभोक्ता कर रहे विद्युत चोरी
ललितपुर ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2015 12:03 AM IST
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ललितपुर। जनपद में हजारों लोगों द्वारा बिजली चोरी की जा रही है। यह बात बिजली विभाग के आंकड़ों से सामने आई है। अकेले शहर में ही करीब तीन हजार लोग चोरी की बिजली जला रहे हैं। कुल संयोजनों और मकानों की संख्या की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसी रिपोर्ट के आधार पर उप्र पावर कार्पोरेशन द्वारा बिजली विभाग की समीक्षा की जाएगी। पावर कार्पोरेशन से आए निर्देश के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
जिले भर में करीब 70 हजार विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा बिजली संयोजन लेकर विद्युत उपभोग किया जा रहा है, जबकि इन संयोजनों के सापेक्ष मकानों की संख्या काफी अधिक आंकी जा रही है। अकेले शहर में ही 25 हजार उपभोक्ताओं को घरेलू बिजली संयोजन दिया गया है, जबकि अन्य प्रकार के वाणिज्यिक, चक्की और औद्योगिक आस्थानों के संयोजनों को मिलाकर करीब 29 हजार विद्युत उपभोक्ता हैं। यदि घरेलू संयोजनों की बात की जाए तो शहर में नगर पालिका के आंकड़ों के अनुसार 28 हजार मकानों के सापेक्ष मात्र 25 हजार संयोजन दिए हैं। नगर पालिका का मकानों का यह आंकड़ा भी करीब दो वर्ष पुराना है। तब से लेकर अब तक शहर में मकानों की संख्या में काफी तेजी से वृद्धि हुई है।
ऐसे में यदि मकानों की वास्तविक स्थिति का आंकलन किया जाए तो यह संख्या काफी अधिक हो सकती है। इसी प्रकार यदि पुराने आंकड़े के अनुसार ही आंकलन किया जाए तो तीन हजार से अधिक भवनों में विद्युत चोरी की जा रही है। यदि पूरे जनपद में मकानों का सही आंकलन किया जाए तो विद्युत चोरी इससे कई गुना अधिक निकल सकती है। इसके लिए उप्र पावर कार्पोरेशन ने बिना संयोजनधारी भवन स्वामियों को चिह्नित कर उन्हें बिजली संयोजन देने का लक्ष्य रखा है। साथ ही जनपद में मकानों के सापेक्ष बिजली संयोजनधारी उपभोक्ताओं की संख्या की सूची उप्र पावर कार्पोरेशन द्वारा मांगी गई है।
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मंगलवार को आगरा में पावर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक के साथ होने वाली अधिशासी अभियंता की बैठक में मकानों के सापेक्ष विद्युत संयोजनों की सूची का आंकड़ा मांगा गया है। इस पर विभाग जनपद में मकानों और संयोजनधारियों की संख्या का आंकलन कर सूची बनाने में जुटा हुआ है, ताकि पावर कार्पोरेशन को सही आंकड़ा दिया जा सके।
15 से होगा आडिट
ललितपुर। विद्युत विभाग के राजस्व संबंधी कार्यों का आडिट 15 अगस्त के बाद शुरू होगा। इसको लेकर अफसर अभिलेख दुरुस्त करने में जुट गए हैं। पनकी कंट्रोल से प्राप्त पत्र के अनुसार ललितपुर स्थित विभिन्न उपखंडीय कार्यालयों का ऑडिट किए जाने की जानकारी दी गई है। आडिट टीम में लखनऊ और दिल्ली के अफसरों के आने की संभावना है। यह टीम 15 अगस्त के बाद कभी भी जनपद मुख्यालय आकर राजस्व संबंधी अभिलेखों की जांच करेगी। आडिट करने में टीम को 10 से 15 दिनों का समय लग सकता है। टीम के आने को लेकर सभी अधिकारी अपने अभिलेख दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं। यहां तक कि छुट्टी वाले दिनों में भी अफसर कार्यालय में डेरा जमाए हुए हैं।
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जिले भर में करीब 70 हजार विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा बिजली संयोजन लेकर विद्युत उपभोग किया जा रहा है, जबकि इन संयोजनों के सापेक्ष मकानों की संख्या काफी अधिक आंकी जा रही है। अकेले शहर में ही 25 हजार उपभोक्ताओं को घरेलू बिजली संयोजन दिया गया है, जबकि अन्य प्रकार के वाणिज्यिक, चक्की और औद्योगिक आस्थानों के संयोजनों को मिलाकर करीब 29 हजार विद्युत उपभोक्ता हैं। यदि घरेलू संयोजनों की बात की जाए तो शहर में नगर पालिका के आंकड़ों के अनुसार 28 हजार मकानों के सापेक्ष मात्र 25 हजार संयोजन दिए हैं। नगर पालिका का मकानों का यह आंकड़ा भी करीब दो वर्ष पुराना है। तब से लेकर अब तक शहर में मकानों की संख्या में काफी तेजी से वृद्धि हुई है।
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ऐसे में यदि मकानों की वास्तविक स्थिति का आंकलन किया जाए तो यह संख्या काफी अधिक हो सकती है। इसी प्रकार यदि पुराने आंकड़े के अनुसार ही आंकलन किया जाए तो तीन हजार से अधिक भवनों में विद्युत चोरी की जा रही है। यदि पूरे जनपद में मकानों का सही आंकलन किया जाए तो विद्युत चोरी इससे कई गुना अधिक निकल सकती है। इसके लिए उप्र पावर कार्पोरेशन ने बिना संयोजनधारी भवन स्वामियों को चिह्नित कर उन्हें बिजली संयोजन देने का लक्ष्य रखा है। साथ ही जनपद में मकानों के सापेक्ष बिजली संयोजनधारी उपभोक्ताओं की संख्या की सूची उप्र पावर कार्पोरेशन द्वारा मांगी गई है।
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मंगलवार को आगरा में पावर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक के साथ होने वाली अधिशासी अभियंता की बैठक में मकानों के सापेक्ष विद्युत संयोजनों की सूची का आंकड़ा मांगा गया है। इस पर विभाग जनपद में मकानों और संयोजनधारियों की संख्या का आंकलन कर सूची बनाने में जुटा हुआ है, ताकि पावर कार्पोरेशन को सही आंकड़ा दिया जा सके।
15 से होगा आडिट
ललितपुर। विद्युत विभाग के राजस्व संबंधी कार्यों का आडिट 15 अगस्त के बाद शुरू होगा। इसको लेकर अफसर अभिलेख दुरुस्त करने में जुट गए हैं। पनकी कंट्रोल से प्राप्त पत्र के अनुसार ललितपुर स्थित विभिन्न उपखंडीय कार्यालयों का ऑडिट किए जाने की जानकारी दी गई है। आडिट टीम में लखनऊ और दिल्ली के अफसरों के आने की संभावना है। यह टीम 15 अगस्त के बाद कभी भी जनपद मुख्यालय आकर राजस्व संबंधी अभिलेखों की जांच करेगी। आडिट करने में टीम को 10 से 15 दिनों का समय लग सकता है। टीम के आने को लेकर सभी अधिकारी अपने अभिलेख दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं। यहां तक कि छुट्टी वाले दिनों में भी अफसर कार्यालय में डेरा जमाए हुए हैं।