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Lalitpur News: बांधों के जलस्तर में 2.70 मीटर तक की बढ़ोतरी
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ललितपुर। जोरदार बारिश से बांधों का जलस्तर बढ़ गया है। गोविंद सागर बांध में 1.58 मीटर, शहजाद बांध में 70 सेंटीमीटर, जामनी में 1.02 मीटर, उटारी में 2.70 मीटर जलस्तर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, बंडई और रोहिणी को छोड़ सभी बांधों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने पर बांधों के जलस्तर में और इजाफा होगा।
जनपद को बांधों और नदियों का जिला कहा जाता है। यहां 14 बांध परियोजनाएं हैं। इससे किसानों को सिंचाई और आम लोगों के लिए पेयजल की आपूर्ति की जाती है। गर्मी के सीजन में बांधों का जलस्तर घटने लगता है। मानसून की बारिश में ये बांध पुन: भर जाते हैं। इस साल शनिवार रात से रविवार रात तक मानसून की जोरदार बारिश हुई, इससे तालाब, बंधी लबालब हो गए। नदी, नाले उफनाने लगे और बांधों में पानी की आवक बढ़ने लगी। जो बांध शनिवार तक खाली थे, सोमवार को एक से डेढ़ मीटर तक उनका जलस्तर बढ़ गया। गोविंद सागर बांध में 1.58 मीटर, शहजाद बांध में 70 सेंटीमीटर, जामनी में 1.02 मीटर, उटारी में 2.70 मीटर बढ़ा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन बांधों के इनकैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश होने से बांधों का जलस्तर बढ़ा है।
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बांधों का जलस्तर
बांध - पूर्ण जलस्तर - 21 जून का जलस्तर - 23 जून का जलस्तर
गोविंद सागर - 363.93 मी. - 359.30 मी. - 360.88 मी.
शहजाद - 321.50 मी. - 317.50 मी. - 318.20 मी.
जामनी - 403.55 मी. - 395.99 मी. - 396.02 मी.
सजनाम - 373.20 मी. - 368.08 मी. - 368.24 मी.
रोहिणी - 396.39 मी. - 392.55 मी. - 392.00 मी.
उटारी - 326.80 मी. - 322.30 मी. - 325.00 मी.
राजघाट - 371.00 मी. - 361.10 मी. - 361.15 मी.
माताटीला - 308.46 मी. - 301.45 मी. - 301.69 मी.
कचनौंदा - 341.70 मी. - 340.00 मी. - 340.70 मी.
लोअर रोहिणी - 368.00 मी. - 363.70 मी. - 364.20 मी.
जमडार - 368.00 मी. - 363.35 मी. - 364.00 मी.
भावनी - 312.38 मी. - 310.14 मी. - 310.25 मी.
बंडई - 403.50 मी. - 397.00 मी. - 397.00 मी.
भौंरट - 360.90 मी. - 354.00 मी. - 354.40 मी.
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भावनी बांध से छोड़ा गया ज्यादा पानी
रविवार को बांधों में पानी की आवक ज्यादा होने पर उटारी, भावनी और कचनौंदा बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जाने लगा था। देर रात भावनी बांध में पानी की आवक और ज्यादा हुई और यह अपने निर्धारित जलस्तर से बढ़ने लगा। इसके बाद बांध से पानी की निकासी 7636 क्यूसेक से बढ़ाकर 8269 क्यूसेक तक की गई। सोमवार को कचनौंदा और भावनी बांध में पानी की आवक कम होने के बाद दोपहर को गेटों को बंद कर दिया गया।
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दो दिनों से जनपद में अच्छी बारिश हुई है। इसका असर बांधों के जलस्तर पर पड़ा और बांध भरने लगे। आने वाले दिनों में और भी बारिश होगी। इससे बांध लबालब हो जाएंगे। जलस्तर की निगरानी लगातार की जा रही है।
भूपेश सुहेरा, अधिशासी अभियंता/नोडल, सिंचाई खंड
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जनपद को बांधों और नदियों का जिला कहा जाता है। यहां 14 बांध परियोजनाएं हैं। इससे किसानों को सिंचाई और आम लोगों के लिए पेयजल की आपूर्ति की जाती है। गर्मी के सीजन में बांधों का जलस्तर घटने लगता है। मानसून की बारिश में ये बांध पुन: भर जाते हैं। इस साल शनिवार रात से रविवार रात तक मानसून की जोरदार बारिश हुई, इससे तालाब, बंधी लबालब हो गए। नदी, नाले उफनाने लगे और बांधों में पानी की आवक बढ़ने लगी। जो बांध शनिवार तक खाली थे, सोमवार को एक से डेढ़ मीटर तक उनका जलस्तर बढ़ गया। गोविंद सागर बांध में 1.58 मीटर, शहजाद बांध में 70 सेंटीमीटर, जामनी में 1.02 मीटर, उटारी में 2.70 मीटर बढ़ा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन बांधों के इनकैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश होने से बांधों का जलस्तर बढ़ा है।
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बांधों का जलस्तर
बांध - पूर्ण जलस्तर - 21 जून का जलस्तर - 23 जून का जलस्तर
गोविंद सागर - 363.93 मी. - 359.30 मी. - 360.88 मी.
शहजाद - 321.50 मी. - 317.50 मी. - 318.20 मी.
जामनी - 403.55 मी. - 395.99 मी. - 396.02 मी.
सजनाम - 373.20 मी. - 368.08 मी. - 368.24 मी.
रोहिणी - 396.39 मी. - 392.55 मी. - 392.00 मी.
उटारी - 326.80 मी. - 322.30 मी. - 325.00 मी.
राजघाट - 371.00 मी. - 361.10 मी. - 361.15 मी.
माताटीला - 308.46 मी. - 301.45 मी. - 301.69 मी.
कचनौंदा - 341.70 मी. - 340.00 मी. - 340.70 मी.
लोअर रोहिणी - 368.00 मी. - 363.70 मी. - 364.20 मी.
जमडार - 368.00 मी. - 363.35 मी. - 364.00 मी.
भावनी - 312.38 मी. - 310.14 मी. - 310.25 मी.
बंडई - 403.50 मी. - 397.00 मी. - 397.00 मी.
भौंरट - 360.90 मी. - 354.00 मी. - 354.40 मी.
भावनी बांध से छोड़ा गया ज्यादा पानी
रविवार को बांधों में पानी की आवक ज्यादा होने पर उटारी, भावनी और कचनौंदा बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जाने लगा था। देर रात भावनी बांध में पानी की आवक और ज्यादा हुई और यह अपने निर्धारित जलस्तर से बढ़ने लगा। इसके बाद बांध से पानी की निकासी 7636 क्यूसेक से बढ़ाकर 8269 क्यूसेक तक की गई। सोमवार को कचनौंदा और भावनी बांध में पानी की आवक कम होने के बाद दोपहर को गेटों को बंद कर दिया गया।
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दो दिनों से जनपद में अच्छी बारिश हुई है। इसका असर बांधों के जलस्तर पर पड़ा और बांध भरने लगे। आने वाले दिनों में और भी बारिश होगी। इससे बांध लबालब हो जाएंगे। जलस्तर की निगरानी लगातार की जा रही है।
भूपेश सुहेरा, अधिशासी अभियंता/नोडल, सिंचाई खंड