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पाली के फीडरों को मिलने लगी 22 घंटे बिजली
ब्यूरो
Updated Sun, 24 Jan 2016 12:44 AM IST
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ललितपुर। किसानों को रबी की खेती की सिंचाई के लिए भरपूर बिजली आपूर्ति देने के लिए जनपद के विद्युत सब स्टेशनों की क्षमता वृद्धि की जा रही है। पाली सब स्टेशन की क्षमता वृद्धि हो जाने से अब वहां के सभी फीडरों के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों को भरपूर बिजली मिलने लगी है।
रोंड़ा स्थित 132 केवी सब स्टेशन के अंतर्गत गल्ला मंडी स्थित 66 केवी, तालबेहट, बांसी, नझाई और बाई पास, बिरधा व पाली स्थित 33 केवी सब स्टेशन एवं 132 केवी सब स्टेशन महरौनी के तहत महरौनी, सोजना व मड़ावरा सब स्टेशन में स्थापित दर्जनों फीडरों के माध्यम से शहर व ग्रामीण क्षेत्रों को बिजली आपूर्ति की जाती है।
जनपद में किसानों की खरीफ की फसल बारिश की कमी से बर्बाद हो गई थी, जिसके चलते प्रदेश शासन ने जनपद को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया। शासन की मंशानुरूप उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन ने सूखाग्रस्त घोषित जनपद के किसानों को वर्तमान में रबी की फसल की सिंचाई के लिए ग्रामीण क्षेत्रों को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति दिए जाने के आदेश दिए थे।
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लेकिन, जनपद के अधिकांश विद्युत सब स्टेशनों पर ओवरलोड की स्थिति होने के कारण फीडरों को मुश्किल से 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही थी, जबकि कई फीडरों को तो इससे भी कम आपूर्ति हो पा रही थी।
इसे देखते हुए कार्पोरेेशन ने जिले के चार सब स्टेशनों की क्षमता वृद्धि करने का निर्णय लिया। बिरधा सब स्टेशन पर 10 एमबीए का ट्रांसफार्मर स्थापित कराया गया और पांच एमबीए के ट्रांसफार्मर को हटा दिया गया। उक्त ट्रांसफार्मर पाली सब स्टेशन की क्षमता वृद्धि के लिए पहुंचा दिया गया।
गत रात तक पाली में पांच एमबीए ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत करने के उपरांत मीटर विभाग द्वारा उपखंड अधिकारी द्वितीय प्रेमचंद के नेतृत्व में टेस्टिंग की और इससे पाली फीडर को जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों को आपूर्ति सुचारु कर दी।
पूर्व में स्थापित ट्रांसफार्मर से पाली, बालाबेहट व धौर्रा फीडरों को आपूर्ति दी जाती थी, लेकिन अब यहां स्थापित होने वाले नए ट्रांसफार्मर से पाली फीडर और पूर्व से स्थापित ट्रांसफार्मर से बालाबेहट और धौर्रा फीडर को सुचारु आपूर्ति दी जाने लगी है। नया ट्रांसफार्मर स्थापित के बाद से पाली, बालाबेहट व धौर्रा फीडर को जहां 22 घंटे से 23 घंटे तक सुचारु आपूर्ति की जाने लगी है,
वहीं पुरानी प्रणाली की ओसीबी (आयल सर्किट ब्रेकर) मशीनें हटाकर नई प्रणाली की वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) मशीनें स्थापित कराए जाने से स्थिति में काफी सुधार हो गया है। अब गर्मियों में भी यहां के ग्रामीण उपभोक्ताओं को ओवरलोड की समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकेगी। मौके पर मीटर विभाग के उपखंड अधिकारी अजय सविता, अवर अभियंता रमेश प्रसाद कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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रोंड़ा स्थित 132 केवी सब स्टेशन के अंतर्गत गल्ला मंडी स्थित 66 केवी, तालबेहट, बांसी, नझाई और बाई पास, बिरधा व पाली स्थित 33 केवी सब स्टेशन एवं 132 केवी सब स्टेशन महरौनी के तहत महरौनी, सोजना व मड़ावरा सब स्टेशन में स्थापित दर्जनों फीडरों के माध्यम से शहर व ग्रामीण क्षेत्रों को बिजली आपूर्ति की जाती है।
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जनपद में किसानों की खरीफ की फसल बारिश की कमी से बर्बाद हो गई थी, जिसके चलते प्रदेश शासन ने जनपद को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया। शासन की मंशानुरूप उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन ने सूखाग्रस्त घोषित जनपद के किसानों को वर्तमान में रबी की फसल की सिंचाई के लिए ग्रामीण क्षेत्रों को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति दिए जाने के आदेश दिए थे।
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लेकिन, जनपद के अधिकांश विद्युत सब स्टेशनों पर ओवरलोड की स्थिति होने के कारण फीडरों को मुश्किल से 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही थी, जबकि कई फीडरों को तो इससे भी कम आपूर्ति हो पा रही थी।
इसे देखते हुए कार्पोरेेशन ने जिले के चार सब स्टेशनों की क्षमता वृद्धि करने का निर्णय लिया। बिरधा सब स्टेशन पर 10 एमबीए का ट्रांसफार्मर स्थापित कराया गया और पांच एमबीए के ट्रांसफार्मर को हटा दिया गया। उक्त ट्रांसफार्मर पाली सब स्टेशन की क्षमता वृद्धि के लिए पहुंचा दिया गया।
गत रात तक पाली में पांच एमबीए ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत करने के उपरांत मीटर विभाग द्वारा उपखंड अधिकारी द्वितीय प्रेमचंद के नेतृत्व में टेस्टिंग की और इससे पाली फीडर को जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों को आपूर्ति सुचारु कर दी।
पूर्व में स्थापित ट्रांसफार्मर से पाली, बालाबेहट व धौर्रा फीडरों को आपूर्ति दी जाती थी, लेकिन अब यहां स्थापित होने वाले नए ट्रांसफार्मर से पाली फीडर और पूर्व से स्थापित ट्रांसफार्मर से बालाबेहट और धौर्रा फीडर को सुचारु आपूर्ति दी जाने लगी है। नया ट्रांसफार्मर स्थापित के बाद से पाली, बालाबेहट व धौर्रा फीडर को जहां 22 घंटे से 23 घंटे तक सुचारु आपूर्ति की जाने लगी है,
वहीं पुरानी प्रणाली की ओसीबी (आयल सर्किट ब्रेकर) मशीनें हटाकर नई प्रणाली की वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) मशीनें स्थापित कराए जाने से स्थिति में काफी सुधार हो गया है। अब गर्मियों में भी यहां के ग्रामीण उपभोक्ताओं को ओवरलोड की समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकेगी। मौके पर मीटर विभाग के उपखंड अधिकारी अजय सविता, अवर अभियंता रमेश प्रसाद कुशवाहा आदि मौजूद रहे।