फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   The cost of dams increased manifold due to work not being completed on time

Lalitpur News: समय से कार्य न होने से कई गुना बढ़ गई बांधों की लागत

Thu, 12 Jun 2025 12:05 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 12 Jun 2025 12:05 AM IST
विज्ञापन
The cost of dams increased manifold due to work not being completed on time
ललितपुर। यहां कई बांध परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनके समय से पूर्ण न होने पर उनकी लागत कई गुना बढ़ गई है। 2008 से 2012 के बीच शुरू भौंरट व कचनौंदा बांध परियोजनाएं 2015 से 2022 तक पूर्ण होनी थीं, लेकिन अब भी अधूरी हैं। वहीं, बार-बार समय बढ़ाए जाने से स्वीकृति के समय इनकी जो लागत थी, उससे कई गुना अधिक धनराशि खर्च हो चुकी है।
विज्ञापन

जनपद में 14 बांध परियोजनाएं हैं, जिसमें से सात पुरानी हैं। वर्ष 2006 के बाद स्वीकृत कई बांध परियोजनाएं ऐसी हैं, जिनका लागत से कहीं अधिक में निर्माण हुआ है। वर्ष 2008 में 85.40 करोड़ से तैयार की गई भौंरट बांध परियोजना की लागत वर्तमान में 1237 करोड़ रुपये हो गई है। वहीं, कचनौंदा बांध परियोजना 2012 में 263 करोड़ की लागत से तैयार की गई थी, वर्तमान में उसकी लागत 594 करोड़ हो चुकी है। ये दोनों परियोजनाएं अब भी पूर्ण नहीं हुई हैं।
विज्ञापन

बंडई, भावनी, लोअर रोहिणी व जमरार बांध परियोजना भी ऐसी हैं, जिनकी लागत स्वीकृति के मुकाबले निर्माण में देरी होने के कारण कई गुनी बढ़ गई है। हालांकि, भौंरट बांध में वन विभाग का पेंच फंसा हुआ है। वन विभाग की भूमि इस बांध क्षेत्र में डूब रही है। इसके एवज में सिंचाई विभाग ने भूमि वन विभाग को नहीं दी। इसके चलते इस बांध परियोजना में देरी हो रही है। वहीं, कचनौंदा बांध परियोजना में अधिग्रहीत भूमि का अभी मुआवजा वितरित नहीं हुआ है। इस परियोजना को दिसंबर 2025 तक बढ़ा दिया गया है, जबकि इसे 2022 तक पूर्ण होना था।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------------------
बांध का नाम - मूल परियोजना की लागत- पुनरीक्षित लागत (करोड़ में)
भौंरट बांध - 85.40 - 1237.25
कचनौंदा बांध- 263.65 - 594.46
बंडई बांध - 232.80 - 303.54
भावनी बांध - 369.18 - 512.74
लोअर रोहिणी - 60.93 - 218.50
जमरार बांध - 66.23 - 326.10
--------------------------
बांध परियोजनाओं में किन कारणों से देरी हो रही है, इसकी जानकारी सिंचाई विभाग से ली जाएगी। यह बात सही है कि देरी के कारण परियोजनाओं की लागत बढ़ जाती है। भौंरट बांध में वन विभाग की भूमि देने का प्रकरण शासन स्तर पर है, इससे देरी हो रही है।
अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed