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करोड़ों की लागत से बिछाई बंच केबल होगी बेकार
Lalitpur
Updated Wed, 21 Sep 2016 12:59 AM IST
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करोड़ों की लागत से बिछाई बंच केबल होगी बेकार
- फोटो : demo
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ललितपुर। शहरी क्षेत्र में ओवरलोड, लाइन लास कम करने और विद्युत चोरी पर नियंत्रण करने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बिछाई जाने बंच केबल शासन की योजना के तहत अंडर ग्राउंड बिजली होने के कारण बेकार हो जाएगी। ऐसे में अब शहरी क्षेत्र को अंडरग्राउंड विद्युत केबलों के माध्यम से बिजली सप्लाई की जाएगी। ऐसे में अब शहरी में पावर टेक कंपनी के माध्यम से बिछाई गई काली रबर युक्त बंच केबल बेकार हो जाएगी।
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा शहर की बिजली व्यवस्था में सुधार लाने के लिए आरएपीडीआरपी योजना के तहत 18 करोड़ रुपये की लागत से खंभों पर लटक रहे खुले विद्युत तार हटाकर काली रबर युक्त बंच केबल बिछाने, सब स्टेशनों पर सर्किट ब्रेकर पैनल, शहर में ओवरलोड से निपटने को सौ केवीए के 95 नए ट्रांसफार्मर समेत अनेक कार्य किए गए। इससे कपंनी द्वारा 117 किलोमीटर लंबाई की कालीरबरयुक्त बंच केबल बिछाई गई थी। कार्पोरेशन द्वारा बंच केबल बिछाए जाने का उद्देश्य लाइनलॉस में कमी लाने, ओवर लोड कम करने और विद्युत चोरी रोकने का था। अभी बंच केबल ठीक से सुचारु भी नहीं हो सकी थी कि शहर में बिजली व्यवस्था में सुधार लाने के लिए अंडरग्राउंड बिजली केबल बिछाने की एक और योजना का संचालन शुरू हो गया है। इसमें अंडर ग्राउंड की बिजली केबल बंच केबल से अलग क्षमता और अलग क्वालिटी की होती है। जिस पर शहर में बिछाई गई बंच केबल को उतारकर अंडर ग्राउंड केबल से बिजली सप्लाई शुरू की जाएगी और करोड़ों की लागत से बिछाई गई बंच केबल का अब शहर में कोई उपयोग नहीं रह जाएगा। ऐसे में शहर में एक योजना पूरी होते ही दूसरी योजना से बिजली सुधारने से शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान होना तय माना जा रहा है। हैरान करने वाली बात है, कि शहरी क्षेत्र में बंच केबिल बिछने का काम पूरा हो ही नहीं पाया और शासन की ओर से अनुपयोगी करने के लिए नई कार्य योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।
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उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा शहर की बिजली व्यवस्था में सुधार लाने के लिए आरएपीडीआरपी योजना के तहत 18 करोड़ रुपये की लागत से खंभों पर लटक रहे खुले विद्युत तार हटाकर काली रबर युक्त बंच केबल बिछाने, सब स्टेशनों पर सर्किट ब्रेकर पैनल, शहर में ओवरलोड से निपटने को सौ केवीए के 95 नए ट्रांसफार्मर समेत अनेक कार्य किए गए। इससे कपंनी द्वारा 117 किलोमीटर लंबाई की कालीरबरयुक्त बंच केबल बिछाई गई थी। कार्पोरेशन द्वारा बंच केबल बिछाए जाने का उद्देश्य लाइनलॉस में कमी लाने, ओवर लोड कम करने और विद्युत चोरी रोकने का था। अभी बंच केबल ठीक से सुचारु भी नहीं हो सकी थी कि शहर में बिजली व्यवस्था में सुधार लाने के लिए अंडरग्राउंड बिजली केबल बिछाने की एक और योजना का संचालन शुरू हो गया है। इसमें अंडर ग्राउंड की बिजली केबल बंच केबल से अलग क्षमता और अलग क्वालिटी की होती है। जिस पर शहर में बिछाई गई बंच केबल को उतारकर अंडर ग्राउंड केबल से बिजली सप्लाई शुरू की जाएगी और करोड़ों की लागत से बिछाई गई बंच केबल का अब शहर में कोई उपयोग नहीं रह जाएगा। ऐसे में शहर में एक योजना पूरी होते ही दूसरी योजना से बिजली सुधारने से शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान होना तय माना जा रहा है। हैरान करने वाली बात है, कि शहरी क्षेत्र में बंच केबिल बिछने का काम पूरा हो ही नहीं पाया और शासन की ओर से अनुपयोगी करने के लिए नई कार्य योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।
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