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परिषदीय शिक्षकों को द्वितीय नोटिस देने की बारी
ब्यूरो
Updated Sat, 27 Feb 2016 12:50 AM IST
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ललितपुर। परिषदीय शिक्षकों को गुणवत्ता संवर्धन कार्यक्रम शिक्षा सबका दायित्व के प्रति उदासीन बना रहना महंगा पड़ेगा। मंडलायुक्त ने लापरवाह शिक्षकों को द्वितीय नोटिस जारी करने के निर्देश बीएसए को दिए हैं, जिससे शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ना तय मानी जा रही हैं।
परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से गुणवत्ता संवर्धन कार्यक्रम शिक्षा सबका दायित्व मंडलायुक्त के. राममोहन राव की पहल पर चलाया जा रहा है, जिसके तहत विद्यालयों की ग्रेडिंग कर उनमें शैक्षिक सपोर्ट किया जाता है।
जिन कक्षाओं में बच्चों की दक्षता अपेक्षित नहीं पाई जाती है, उस कक्षा के शिक्षक को प्रथम, द्वितीय व तृतीय नोटिस करने का नियम बनाया गया है। बीतेे माहों में तमाम स्कूलों के शिक्षकों को प्रथम नोटिस जारी किए गए हैं। गत दिवस कमिश्नर ने झांसी में बीएसए व खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ जनवरी माह की समीक्षा बैठक की।
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इस दौरान प्रोजेक्ट की प्रगति पर असंतोष जाहिर करते हुए खंड शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि प्रथम नोटिस प्राप्त करने के बाद भी शिक्षक काम नहीं कर रहे हैं, ऐसे शिक्षकों को द्वितीय नोटिस जारी किए जाए। विकासखंड जखौरा, तालबेहट व महरौनी की निरीक्षण आख्या कम पाई गई।
इनमें दो समन्वयकों की निरीक्षण आख्या शून्य रही। इस पर उन्होंने उनके स्थान पर दूसरे शिक्षकों को अवसर देने के निर्देश दिए। यह भी कहा कि जो पद रिक्त चल रहे हैं, उन्हें शीघ्र भर लिया जाए, जिससे कि प्रोजेक्ट को गति मिल सके। अगली बैठक बीस मार्च को आयोजित की गई है। इससे पहले बीएसए सह समन्वयकों के कामकाज की समीक्षा करेंगे।
सह समन्वयकों के अटेचमेंट से खफा
सह समन्वयकों के डायट में अटेचमेंट से मंडलायुक्त बेहद नाराज हैं। उन्होंने कहा कि सह समन्वयकों का अटेचमेंट नहीं होना चाहिए। यदि डायट में प्रवक्ता के पद रिक्त हैं तो सह समन्वयकों की जगह शिक्षकों की सेवाएं ली जा सकती हैं। उन्होंने सभी सह समन्वयकों से निर्धारित संख्या में निरीक्षण कराने के निर्देश बीएसए को दिए।
डायट प्राचार्य मेहरबान
मंडलायुक्त भले ही अटेचमेंट से नाराज हों, लेकिन डायट प्राचार्य की मेहरबानी से सह समन्वयकों का अटेचमेंट समाप्त नहीं हो पा रहा है। बीते महीनों में बीएसए एसपी यादव ने भी अटेचमेंट समाप्त करने को कहा था। इसके बाद भी अटेचमेंट बेरोकटोक जारी है। अब देखना है कि प्राचार्य कमिश्नर के आदेश को तरजीह देती हैं या नहीं, यह आने वाले दिनों में पता चल सकेगा।
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परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से गुणवत्ता संवर्धन कार्यक्रम शिक्षा सबका दायित्व मंडलायुक्त के. राममोहन राव की पहल पर चलाया जा रहा है, जिसके तहत विद्यालयों की ग्रेडिंग कर उनमें शैक्षिक सपोर्ट किया जाता है।
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जिन कक्षाओं में बच्चों की दक्षता अपेक्षित नहीं पाई जाती है, उस कक्षा के शिक्षक को प्रथम, द्वितीय व तृतीय नोटिस करने का नियम बनाया गया है। बीतेे माहों में तमाम स्कूलों के शिक्षकों को प्रथम नोटिस जारी किए गए हैं। गत दिवस कमिश्नर ने झांसी में बीएसए व खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ जनवरी माह की समीक्षा बैठक की।
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इस दौरान प्रोजेक्ट की प्रगति पर असंतोष जाहिर करते हुए खंड शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि प्रथम नोटिस प्राप्त करने के बाद भी शिक्षक काम नहीं कर रहे हैं, ऐसे शिक्षकों को द्वितीय नोटिस जारी किए जाए। विकासखंड जखौरा, तालबेहट व महरौनी की निरीक्षण आख्या कम पाई गई।
इनमें दो समन्वयकों की निरीक्षण आख्या शून्य रही। इस पर उन्होंने उनके स्थान पर दूसरे शिक्षकों को अवसर देने के निर्देश दिए। यह भी कहा कि जो पद रिक्त चल रहे हैं, उन्हें शीघ्र भर लिया जाए, जिससे कि प्रोजेक्ट को गति मिल सके। अगली बैठक बीस मार्च को आयोजित की गई है। इससे पहले बीएसए सह समन्वयकों के कामकाज की समीक्षा करेंगे।
सह समन्वयकों के अटेचमेंट से खफा
सह समन्वयकों के डायट में अटेचमेंट से मंडलायुक्त बेहद नाराज हैं। उन्होंने कहा कि सह समन्वयकों का अटेचमेंट नहीं होना चाहिए। यदि डायट में प्रवक्ता के पद रिक्त हैं तो सह समन्वयकों की जगह शिक्षकों की सेवाएं ली जा सकती हैं। उन्होंने सभी सह समन्वयकों से निर्धारित संख्या में निरीक्षण कराने के निर्देश बीएसए को दिए।
डायट प्राचार्य मेहरबान
मंडलायुक्त भले ही अटेचमेंट से नाराज हों, लेकिन डायट प्राचार्य की मेहरबानी से सह समन्वयकों का अटेचमेंट समाप्त नहीं हो पा रहा है। बीते महीनों में बीएसए एसपी यादव ने भी अटेचमेंट समाप्त करने को कहा था। इसके बाद भी अटेचमेंट बेरोकटोक जारी है। अब देखना है कि प्राचार्य कमिश्नर के आदेश को तरजीह देती हैं या नहीं, यह आने वाले दिनों में पता चल सकेगा।