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शिवालयों में गूंजा हर-हर महादेव का जयकारा
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पाली में नीलकंठेश्वर भगवान के दर्शन को जाते श्रद्घालु
- फोटो : LALITPUR
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पाली/ ललितपुर। श्रावण मास के तीसरे सोमवार पर सालों बाद संयोग आया है। जब आज के दिन हरियाली अमावस्या भी है। सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने मंदिरों में भगवान का शिव का पूजन कर व्रत व उपवास रखा और महादेव का अभिषेक कर खुशहाली की कामना की।
मंदिरों में पुजारियों ने भोलेनाथ का फूलों व बिल्व पत्रों से शृंगार किया। इस दौरान हर-हर महादेव का स्वर गूंजने लगा। तीसरे सोमवार पर नगर के नीलकंठेश्वर मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते पुजारी ने 10-10 लोगों को मंदिर में प्रवेश करवाकर दर्शन करने दिया। पुजारी आजाद पुरी ने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ कम है। यहां भगवान शिव की त्रिमुखी अद्भुत प्रतिमा के दर्शन होते है। इस प्रतिमा को नवीं-दसवीं सदी में चंदेलकालीन राजाओं ने बनवाया था। प्रतिमा के नीचे फर्श पर एकमुखी ज्योतिर्लिग स्थापित है। शिव भक्त इसे भगवान भोलेनाथ के अर्द्धनारीश्वर स्वरूप मानते है।
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विशेष संयोग
इस बार सावन के तीसरे सोमवार को सोमवती अमावस्या और हरियाली अमावस्या की तिथि भी है. शिवभक्तों के लिए ये एक शुभ संयोग है. इस दिन की पूजा का विशेष पुण्य प्राप्त होता है. अमावस्या को पितरों की पूजा की जाती है, इस दिन पितरों की शांति के लिए दान आदि का कार्य शुभ माना जाता है. जिन लोगों की जन्म कुंडली में पितृदोष पाया जाता है उन्हें इस दिन पूजा करने से पितृ दोष कम होता है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। इस दिन हरियाली अमावस्या भी मनाई गई।
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मंदिरों में पुजारियों ने भोलेनाथ का फूलों व बिल्व पत्रों से शृंगार किया। इस दौरान हर-हर महादेव का स्वर गूंजने लगा। तीसरे सोमवार पर नगर के नीलकंठेश्वर मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते पुजारी ने 10-10 लोगों को मंदिर में प्रवेश करवाकर दर्शन करने दिया। पुजारी आजाद पुरी ने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ कम है। यहां भगवान शिव की त्रिमुखी अद्भुत प्रतिमा के दर्शन होते है। इस प्रतिमा को नवीं-दसवीं सदी में चंदेलकालीन राजाओं ने बनवाया था। प्रतिमा के नीचे फर्श पर एकमुखी ज्योतिर्लिग स्थापित है। शिव भक्त इसे भगवान भोलेनाथ के अर्द्धनारीश्वर स्वरूप मानते है।
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विशेष संयोग
इस बार सावन के तीसरे सोमवार को सोमवती अमावस्या और हरियाली अमावस्या की तिथि भी है. शिवभक्तों के लिए ये एक शुभ संयोग है. इस दिन की पूजा का विशेष पुण्य प्राप्त होता है. अमावस्या को पितरों की पूजा की जाती है, इस दिन पितरों की शांति के लिए दान आदि का कार्य शुभ माना जाता है. जिन लोगों की जन्म कुंडली में पितृदोष पाया जाता है उन्हें इस दिन पूजा करने से पितृ दोष कम होता है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। इस दिन हरियाली अमावस्या भी मनाई गई।
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